मलेशिया ओपन : सिंधू और प्रणॉय सिंगल्स मुकाबलों के क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर, भारतीय चुनौती समाप्त

सिंधू मार्च में स्विस ओपन जीतने के बाद से कोई खिताब नहीं जीत पाई हैं।
सिंधू मार्च में स्विस ओपन जीतने के बाद से कोई खिताब नहीं जीत पाई हैं।

मलेशिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन प्रतियोगिता में भारत की चुनौती समाप्त हो गई है। महिला सिंगल्स में भारत की पीवी सिंधू और पुरुष सिंगल्स में एच एस प्रणॉय क्वार्टरफाइनल मुकाबले हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

सातवीं सीड और दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधू को दूसरी सीड और गत विजेता ताईवान की ताई जू यिंग के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। यिंग ने सिंधू को 13-21, 21-15, 21-13 से मात दी। पहला सेट जीतने के बाद सिंधू का खेल डगमगा गया और इसका फायदा यिंग ने उठाया। सिंधू के खिलाफ खेले गए 20 मुकाबलों में से ये यिंग की 15वीं जीत है। यिंग ने टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में भी सिंधू को मात दी थी। यिंग लगातार तीन बार मलेशिया ओपन का खिताब जीत चुकी हैं। साल 2017, 2018 और 2019 में उन्होंने यहां महिला सिंगल्स का टाइटल जीता था जबकि 2020 और 2021 में टूर्नामेंट का आयोजन नहीं हो पाया था। सेमीफाइनल में यिंग का सामना चौथी वरीयता प्राप्त चीन की चेन यू फेई से होगा।

पुरुष सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में एच एस प्रणॉय को भी हार झेलनी पड़ी। पिछले मैच में चौथी वरीय ताईवान के चोउ तिएन चेन को मात देकर बड़ा उलटफेर करने वाले प्रणॉय को क्वार्टरफाइनल में सातवीं सीड इंडोनिशिया के जॉनाथन क्रिस्टी ने मात दी। क्रिस्टी ने सीधे सेटों में 21-18, 21-16 से मुकाबला अपने नाम किया। हालांकि प्रणॉय ने क्रिस्टी को चुनौती काफी तगड़ी दी, लेकिन मुकाबले को जीत नहीं पाए। प्रणॉय दो हफ्ते पहले इंडोनिशिया ओपन के सेमीफाइनल में हारे थे।

मलेशिया ओपन के इतिहास में कोई भी भारतीय टूर्नामेंट की किसी भी स्पर्धा को जीत नहीं पाया है। इस बार पुरुष सिंगल्स में लक्ष्य सेन और किदाम्बी श्रीकांत ने भाग नहीं लिया था जबकि महिला सिंगल्स में साइना नेहवाल पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं थीं।

Edited by Prashant Kumar