AUS vs IND: भारत की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के 5 कारण

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी टेस्ट ड्रॉ होने के साथ ही भारतीय टीम ने 2-1 से सीरीज जीतते हुए इतिहास रचा। भारत की ऑस्ट्रेलिया में यह पहली टेस्ट जीत है और इसके साथ ही विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले पहले भारतीय और एशियाई कप्तान भी बन गए हैं।

भारत ने एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट को जीता, तो ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में हुए दूसरे टेस्ट को जीता था। हालांकि भारतीय टीम को निराशा हुई होगी कि वो सिडनी टेस्ट को जीत नहीं पाए और बारिश के कारण उन्हें ड्रॉ से ही संतुष्ट होना पड़ा।

आइए नजर डालते हैं भारत की इस ऐतिहासिक जीत के 5 मुख्य कारण पर:

#चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई टेस्ट सीरीज में सबसे बड़ा अंतर चेतेश्वर पुजारा थे, जिन्होंने पूरी सीरीज में दमदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के लिए अहम भूमिका निभाई। पुजारा ने सीरीज में 1258 गेंदें खेली और 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में 3 शतक लगाए।

पुजारा ने इस सीरीज में कई रिकॉर्ड तो बनाए ही, लेकिन जिस तरह मुश्किल स्थिति बल्लेबाजी उन्होंने करके दिखाई। निश्चित ही मैन ऑफ द सीरीज के लिए उनसे बेहतर विकल्प कोई और नहीं हो सकता था। पुजारा के रन बनाने के कारण कोहली के ऊपर बतौर बल्लेबाज ज्यादा दबाव नहीं आया।

#तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन

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भारतीय टीम के तीन तेज गेंदबाज इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को काफी परेशान किया, जिसका फायगा भारत को हुआ। तीनों ही गेंदबाजों ने कभी भी कंगारू बल्लेबाजों के ऊपर से दबाव कम नहीं होने दिया।

नई गेंद या फिर पुरानी गेंद, भारतीय तेज गेंदबाजों ने कभी भी लय टूटने नहीं दी और ऑस्ट्रेलियाई टीम को बैकफुट पर ही रखा। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और अब ऑस्ट्रेलिया तीनों ही विदेशी दौरों पर भारतीय गेंदबाजों ने अपनी योग्यता को साबित किया।

#ऋषभ पंत- विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी

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ऋषभ पंत ने अपने पहले ही ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर अपनी काबिलियत सबको दिखाई और साबित किया कि टीम ने उनके ऊपर इतना भरोसा क्यों दिखाया है। पंत ने कीपिंग में कमाल का प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड तो बनाए ही है, लेकिन साथ में जिस तरह से वो मैच में एक्टिव रहते हैं उसने भी सबको काफी प्रभावित किया है।

इसके अलावा पूरी सीरीज में बल्ले के साथ भी उनका योगदान काफी अहम रहा। उन्होंने हर पारी में 30-40 रन बनाए और सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट में 159 रनों की शानदार पारी खेली। यह उनकी करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी भी हैं।

#कोहली की आक्रमक कप्तानी

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भारतीय कप्तानी विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं पर पाए। हालांकि कप्तानी के साथ उन्होंने जो काम किया, इस सीरीज में टीम को उसकी ज्यादा आवश्यकता थी। कोहली ने जिस तरह अपने गेंदबाजों को रोटेट किया और प्लेइंग इलेवन में बदलाव किया। वो सब काफी सराहनीय था।

उन्होंने सीरीज में कई ऐसे फैसले लिए, जोकि टीम के लिए फायदेमंद साबित हुए। इसी की वजह से कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा।

#टीम मैनेजमेंट द्वारा लिए गए फैसले

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भारतीय टीम ने पूरी सीरीज में कई सहासिक फैसले लिए हैं, जोकि इस सीरीज में काफी कामयाब भी हुए हैं। टीम ने केएल राहुल और मुरली विजय के फ्लॉप होने के बाद हनुमा विहारी से ओपनिंग कराई। रविंद्र जडेजा को ऑलराउंडर के तौर पर टीम में शामिल किया गया

उनके आने से टीम की बल्लेबाजी को भी मजबूती मिली है। अंत में आखिरी मैच में कुलदीप यादव को टीम में शामिल करना और उनका 5 विकेट हॉल लेकर कप्तान के फैसले को सही साबित करना।

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