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"1985 से 1990 वाले मोहम्‍मद अजहरुद्दीन आज भी बेहतरीन फील्‍डर होते", फील्डिंग कोच ने की तारीफ

टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान मोहम्‍मद अजहरुद्दीन
टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान मोहम्‍मद अजहरुद्दीन

भारतीय टीम (India Cricket team) के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर (R Sridhar) ने कहा कि मोहम्‍मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) आधुनिक युग के बेहतरीन फील्‍डर होते फिर चाहे वो करीब फील्‍डिंग करते या फिर बाउंड्री पर। श्रीधर ने हैदराबाद के लिए अजहरुद्दीन के साथ क्रिकेट खेली है। पूर्व भारतीय कप्‍तान अपने खेलने वाले दिनों में टीम के सर्वश्रेष्‍ठ ऑलराउंडर्स में से एक माने जाते थे।

फील्डिंग कोच के रूप में श्रीधर ने रविंद्र जडेजा के साथ काम किया, जिन्‍हें मौजूदा भारतीय टीम के सर्वश्रेष्‍ठ फील्‍डर में से एक माना जाता है। जडेजा और अजहर में से सर्वश्रेष्‍ठ फील्‍डर चुनने के सवाल पर 51 साल के श्रीधर ने कहा, 'दोनों अलग युग के हैं और फील्‍डिंग के स्‍तर में बदलाव हुआ है तो ऐसे में जज करना मुश्किल है।'

श्रीधर ने आगे कहा, '80 के समय में जब अज्‍जु भाई ने डेब्‍यू किया तो भारतीय क्रिकेट में फिटनेस की कोई परंपरा नहीं थी। यह 90 के अंत में शुरू हुआ और अज्‍जु भाई अपनी चुस्‍ती फूर्ति के कारण सबसे अलग थे क्‍योंकि उनके हाथ और थ्रो शानदार थे। संभवत: उन्‍होंने अलग बेंचमार्क स्‍थापित किया था।'

श्रीधर ने आगे कहा, 'जडेजा जब गेंद के पीछे भागते हैं तो उन्‍हें देखकर अच्‍छा लगता है। वह दुनिया में लोगों से अलग है। अजहर भी अपने समय में अलग थे। 1985 से 1990 के अजहर आज के समय में भी शानदार फील्‍डर होते। फिर चाहे वो स्लिप में होते या फिर बाउंड्री पर लगते।'

अजहर अपने अंतरराष्‍ट्रीय करियर के अंतिम पड़ाव में भी काफी चुस्‍त थे। उन्‍होंने कुछ शानदार कैच और रन आउट किए।

स्लिप फील्‍डर बनने की खूबी: आर श्रीधर

स्लिप फील्‍डिंग क्रिकेट में प्रमुख पहलु है, विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में। राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्‍मण के जाने के बाद भारतीय टीम इस विभाग में संघर्ष कर रही थी। फिर श्रीधर के मार्गदर्शन में चेतेश्‍वर पुजारा और रोहित शर्मा प्रतिस्‍पर्धी स्लिप फील्‍डर बने।

स्लिप फील्डिंग के बारे में अपने विचार प्रकट करने पर श्रीधर ने कहा, 'अभ्‍यास से विश्‍वास आता है और उस पोजीशन का ज्ञान, जिससे निरंतरता आती है। हां, इससे मदद मिलती है। जब आपकी टीम में स्थिरता है तो आपको बेहतर स्लिप फील्‍डर बनने में मदद मिलती है। इसलिए हमारे पास पुजारा, फिर विराट, फिर रोहित आए, तो शानदार स्लिप फील्‍डर बने। सही जगह पर सही व्‍यक्ति के खड़े होने से निरंतरता आती है। यह योजना और तैयारी का हिस्‍सा है।' श्रीधर का कार्यकाल टी20 वर्ल्‍ड कप 2021 के बाद समाप्‍त हुआ।

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Edited by Vivek Goel
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