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IPL: चैंपियन टीमों के 5 ऐसे मैच विनर खिलाड़ी, जिनके योगदान को शायद आप भूल चुके होंगे

स्वप्निल असनोदकर
स्वप्निल असनोदकर
akhilesh.tiwari19
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दुनिया की सबसे मशहूर लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत 2008 में हुई थी। यह लीग उन खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच है, जो प्रतिभा के बावजूद पहचान के मोहताज रह गए थे। प्रसिद्धि और मान्यता आईपीएल की निरंतरता रही है और इसने कई ऐसे खिलाड़ियों के लिए चयन के दरवाजे खोले हैं, जिन्हें प्रतिभा होने के बावजूद मंच नहीं मिल पाता।

मुंबई इंडियंस की टीम इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, जिसने भारत को हार्दिक-क्रुणाल पांड्या जैसे बेहतरीन ऑलराउंडरों की जोड़ी दी। वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भारतीय क्रिकेट में नई मील का पत्थर साबित हो रहे। चेन्नई सपर किंग्स से निकले अम्बाती रायडू, शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर जैसे खिलाड़ियों ने भी आईपीएल में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर नीली जर्सी पहनने का गौरव हासिल किया।

कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे जिन्होंने आईपीएल में अपनी टीम को जिताने और उन्हें चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन उन्हें प्रदर्शन के मुताबिक पहचान नहीं मिल सकी या यूं कहें कि आप उनके प्रदर्शन को भूल चुके होंगे। आइए जानते हैं आईपीएल के ऐसे ही पांच मैच विजेता खिलाड़ियों के बारे में, जिन्हें वह पहचान नहीं मिल सकी, जिसके वह हकदार थे-

जानिए कौन हैं वो 5 दिग्गज खिलाड़ी:-

#5 पीयूष चावला- कोलकाता नाइट राइडर्स

पीयूष चावला
पीयूष चावला

पीयूष चावला का अंतरराष्ट्रीय करियर कभी परवान नहीं चढ़ पाया लेकिन उन्होंने अपनी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह 2014 में विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं। आईपीएल 2020 से पहले 157 मैचों में भारतीय स्पिनर के नाम 150 विकेट लेने का रिकॉर्ड रहा है। इस दौरान उन्होंने महज 7.82 के इकॉनमी दर से रन दिए और बल्ले के साथ कुछ महत्वपूर्ण नॉक भी खेले हैं। अपने प्रयासों के बावजूद, उन्हें कभी उतनी पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार थे। वहीं कैरेबियाई स्पिनर सुनील नारेन हमेशा केकेआर की पहली पसंद बने रहे।

#4 शिखर धवन- सनराइजर्स हैदराबाद

शिखर धवन
शिखर धवन

इस लिस्ट में भारत के गब्बर का नाम कुछ लोगों के लिए आश्चर्यजनक हो सकता है लेकिन सच यही है कि शिखर धवन को उनके प्रदर्शन के मुताबिक कभी उसका श्रेय नहीं मिला। चौंका देने वाले आकंड़ों के साथ दिल्ली के बल्लेबाज का सनराइजर्स हैदराबाद को 2016 में पहला आईपीएल खिताब दिलाने में बड़ा योगदान रहा था। लेकिन उन्हें कभी एक मैच-विजेता खिलाड़ी नहीं माना गया। उन्होंने 2016 के संस्करण में 17 मैचों में 501 रन बनाए और 2020 सीजन से पहले 159 मैचों में 33.17 की औसत और 37 अर्धशतकों की मदद से 4578 रन बनाए हैं। फिर भी, दिल्ली के स्टार बल्लेबाज को उनके प्रदर्शन के अनुरुप कभी क्रेडिट नहीं दिया गया।

#3 सुब्रमण्यम बद्रीनाथ- चेन्नई सुपर किंग्स

सुब्रमण्यम बद्रीनाथ
सुब्रमण्यम बद्रीनाथ

बद्रीनाथ घरेलू क्रिकेट में सबसे शानदार नामों में से एक रहे हैं। 95 आईपीएल मैचों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, उन्होंने 30.66 की औसत से 1441 रन बनाए हैं जिसमें कई मैच जिताऊ पारियां शामिल हैं। तमिलनाडु का बल्लेबाज सीएसके खेमे का एक अहम सदस्य था, जो चेन्नई की 2010 और 2011 लगातार दो आईपीएल खिताब का हिस्सा रहे। कई मौकों पर टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभा चुके खिलाड़ी को अक्सर फ्लोटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। टीम में दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी और अच्छे फिनिशर होने के चलते उनका प्रदर्शन खराब होता चला गया। इस तरह एक अच्छे बल्लेबाज को वो पहचान कभी नहीं मिली जिसके लिए वह मशहूर थे।

#2 सूर्यकुमार यादव- मुंबई इंडियंस

सूर्य कुमार यादव
सूर्य कुमार यादव

सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस की टीम के एक नियमित चेहरा रहे हैं। घरेलू स्तर और आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित करने वाले इस बल्लेबाज में वे सारी खूबियां हैं जो एक सफल क्रिकेटर में होनी चाहिए। वह दो विजयी अभियानों का हिस्सा रहे हैं। केकेआर के साथ 2014 में पहला और 2019 में वह मुंबई के लिए सबसे ज्यादा रन (424 रन) बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी थे। उन्होंने 85 मैचों में कुल 1544 रन रन बनाए हैं। इस तरह के योगदान के बावजूद, उन्हें कभी भी वह पहचान नहीं दी गई जिसके वे हकदार हैं।

1. स्वप्निल असनोदकर- राजस्थान रॉयल्स

स्वप्निल असनोदकर
स्वप्निल असनोदकर

इस सूची में सभी खिलाड़ियों में से सबसे कम आंके गए खिलाड़ियों में से एक हैं स्वप्निल असनोदकर। एक बेहतरीन स्ट्रोक-प्लेयर के रूप में विख्यात स्वप्निल असनोदकर आईपीएल 2008 में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे। आईपीएल का पहला खिताब राजस्थान ने जीता था, जिसमें इस बल्लेबाज की बड़ी भूमिका रही। गोवा के बल्लेबाज ने राजस्थान के ओपनिंग स्लॉट की समस्या सुलझाने का काम किया था। इससे पहले कप्तान शेन वॉर्न कई विकल्प आजमा चुके थे लेकिन उनके हर सवाल का जवाब स्वप्निल थे। उन्होंने ग्रीम स्मिथ के साथ नियमित रूप से पारी का आगाज किया और 9 मैचों में 2 अर्धशतक के साथ 34.55 की औसत से 311 रन बनाए। जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाने के बावजूद, जब आरआर 2008 मैं चैंपियन बना तो उसमें गोवा के खिलाड़ी का जिक्र तक नहीं किया गया।

Edited by मयंक मेहता
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