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वानखेड़े स्‍टेडियम के सम्‍मानित बोर्ड पर अपने नाम के साथ मयंक अग्रवाल ने खिंचाई फोटो

वानखेड़े स्‍टेडियम के सम्‍मानित बोर्ड पर अपना नाम देखते हुए मयंक अग्रवाल
वानखेड़े स्‍टेडियम के सम्‍मानित बोर्ड पर अपना नाम देखते हुए मयंक अग्रवाल

टीम इंडिया (India Cricket team) के ओपनर मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) ने न्‍यूजीलैंड (New Zealand Cricket team) के खिलाफ दूसरे टेस्‍ट में शतक जमाकर वानखेड़े स्‍टेडियम के सम्‍मानित बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।

न्‍यूजीलैंड के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज से पहले मयंक अग्रवाल की जगह पर खतरा मंडरा रहा था। ओपनर ने वानखेड़े स्‍टेडियम पर दमदार वापसी करते हुए क्रमश: 150 और 62 रन बनाए। मयंक अग्रवाल को उनकी शानदार पारी के लिए दूसरे टेस्‍ट में मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने दूसरे टेस्‍ट में न्‍यूजीलैंड को 372 रन के विशाल अंतर से मात दी।

बीसीसीआई ने सोमवार को अपने आधिकारिक अकाउंट पर कुछ फोटो शेयर किए, जिसमें मयंक अग्रवाल ने वानखेड़े स्‍टेडियम के सम्‍मानित बोर्ड के सामने खड़े होकर फोटो खिचाएं। सम्‍मानित बोर्ड पर उनका नाम लिखा हुआ था।

बीसीसीआई ने फोटो शेयर करके कैप्‍शन लिखा, 'वानखेड़े के सम्‍मानित बोर्ड पर नाम गुदा। शाबाश मयंक अग्रवाल।'

Name inscribed on the Honours Board at the Wankhede! 🙌 🙌Well done, @mayankcricket! 👏 👏#TeamIndia #INDvNZ @Paytm https://t.co/6KeLUb5CxY

मुंबई टेस्‍ट में मयंक अग्रवाल शतक जमाने वाले एकमात्र बल्‍लेबाज रहे। उन्‍होंने पहली पारी में 311 गेंदेां में 150 रन बनाए थे। फिर दूसरी पारी में उन्‍होंने 108 गेंदों में 62 रन बनाए।

30 साल के बल्‍लेबाज ने दक्षिण अफ्रीका सीरीज के लिए चयनकर्ताओं का सिरदर्द बढ़ा दिया है। रोहित शर्मा और केएल राहुल भारत के टॉप-2 ओपनिंग विकल्‍प हैं जबकि शुभमन गिल को बैकअप ओपनर के रूप में शामिल किए जाने की चर्चा है।

मुझे दूसरी पारी में बड़ा स्‍कोर बनाना चाहिए था: मयंक अग्रवाल

अपने प्रभावी प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए मयंक अग्रवाल ने कहा कि वह रन बनाकर खुश हैं। उसी समय उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि उन्‍हें दूसरी पारी के स्‍कोर को बड़े स्‍कोर में तब्‍दील करना चाहिए था।

मैच के बाद मयंक अग्रवाल ने कहा, 'फिर से रन बनाकर अच्छा लगा। यह मेरे लिए खास है। कानपुर की तुलना मैंने मुंबई में कुछ भी अलग करने की कोशिश नहीं की। मैंने बस मानसिक अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ बैटिंग की। तकनीक हर समय बेस्ट नहीं रहेगी और मैं रनों की गारंटी नहीं दे सकता, लेकिन डटे रहने की इच्छा बेहद महत्वपूर्ण है। राहुल द्रविड़ (हेड कोच) भाई ने मुझसे सीरीज के बीच में तकनीक के बारे में ज्यादा नहीं सोचने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया कि यही वो तकनीक है जिससे मैं रन बनाने में कामयाब रहा। सुनील गावस्कर सर ने कहा कि मुझे बाएं कंधे को थोड़ा पीछा रखकर खेलना चाहिए।'

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Edited by Vivek Goel
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