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"David Warner और Steve Smith को ऑस्ट्रेलिया का कप्तान नहीं बनाया जाना चाहिए" - मिचेल जॉनसन का चौंकाने वाला बयान 

ऑस्ट्रेलिया को नए वनडे कप्तान की तलाश है
ऑस्ट्रेलिया को नए वनडे कप्तान की तलाश है
Prashant Kumar

ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम में वनडे की कप्तानी का पद खाली है। इस पद को लेकर कोई डेविड वॉर्नर (David Warner) के नाम का सुझाव दे रहा है, तो कोई स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और टेस्ट कप्तान पैट कमिंस (Pat Cummins) का। हालाँकि, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन (Mitchell Johnson) का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है और उनके मुताबिक डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ दोनों में किसी को भी वनडे कप्तान नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्होंने इसके बड़ी वजह भी बताई है। पूर्व तेज गेंदबाज ने टेस्ट कप्तान पैट कमिंस को भी अपना समर्थन नहीं दिया है।

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के सफ़ेद गेंद के कप्तान आरोन फिंच ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जीत के बाद 50 ओवर के फॉर्मेट की कप्तानी त्याग दी थी। ऑस्ट्रेलिया के पास सीनियर खिलाड़ियों के अलावा कुछ और युवाओं के भी विकल्प हैं, जो कप्तानी की दौड़ में शामिल हो सकते हैं।

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के सफ़ेद गेंद के कप्तान आरोन फिंच ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जीत के बाद 50 ओवर के फॉर्मेट की कप्तानी त्याग दी थी। ऑस्ट्रेलिया के पास सीनियर खिलाड़ियों के अलावा कुछ और युवाओं के भी विकल्प हैं। जॉनसन का भी मानना है कि टीम को युवा कप्तान बनाने पर जोर देना चाहिए क्योंकि वॉर्नर और स्मिथ अब अपने करियर के अंतिम दौर में हैं।

जॉनसन ने पीटीआई से कहा,

पैट कमिंस (टेस्ट कप्तान) सभी प्रारूपों में प्रदर्शन करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। यह उनके लिए बहुत अधिक वर्क लोड हो सकता है, लेकिन फिर मैं देखता हूं कि कौन उपलब्ध है। चयनकर्ताओं के मन में ग्लेन मैक्सवेल हो सकता है। यदि आप भविष्य की ओर देख रहे हैं तो कैमरन ग्रीन भी एक अच्छा विकल्प होंगे लेकिन एक ऑलराउंडर के रूप में उनके लिए पहले से ही काफी वर्क लोड है। ट्रैविस हेड हैं लेकिन उन्हें और अधिक निरंतर होने की जरूरत है।

स्मिथ और वॉर्नर लम्बे समय के लिए कप्तानी के विकल्प नहीं हैं - मिचेल जॉनसन

जॉनसन ने कहा कि स्मिथ और वार्नर अपने करियर के दूसरे भाग में हैं और शायद लम्बे समय के लिए अच्छे विकल्प न हों। उन्होंने कहा,

वॉर्नर और स्मिथ दोनों को कप्तान नहीं होना चाहिए। उनके टीम के साथ सलाहकार होने में कोई समस्या नहीं है, जो वे पहले से ही हैं। मुझे समझ नहीं आता कि इसे फिर से लाने की आवश्यकता क्यों है, यह पुरानी चीजों (बॉल टैंपरिंग) को वापस लाता है।

मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी चुनौती आगामी टी20 वर्ल्ड कप में घर पर ख़िताब की रक्षा करना है। इसके बाद ही वे वनडे कप्तानी पर चर्चा करेंगे।


Edited by Prashant Kumar

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