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"सौरव गांगुली ने संन्यास लेने के बावजूद 2011 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी"

भारतीय टीम वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ
भारतीय टीम वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ
SENIOR ANALYST
Modified 03 Apr 2021
न्यूज़

भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व दिग्गज स्पिनर प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) ने 2011 वर्ल्ड कप जीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस वर्ल्ड कप जीत का श्रेय पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को भी दिया है। प्रज्ञान ओझा के मुताबिक सौरव गांगुली ने भले ही उस वक्त संन्यास ले लिया था लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम की इस जीत में उनकी अहम भूमिका थी।

प्रज्ञान ओझा ने कहा कि सौरव गांगुली ने कई ऐसे क्रिकेटरों का करियर संवारा जो 2011 वर्ल्ड कप की टीम का हिस्सा थे और उन्होंने जीत में अपना अहम योगदान दिया था। उन्होंने स्पोर्ट्स टुडे से बातचीत में कहा,

एक इंसान, मुझे लगता है जिसने रिटायर होने के बाद भी कंट्रीब्यूट किया वो सौरव गांगुली थे। अगर आप देखें तो उस टीम में 5-6 प्लेयर ऐसे थे जिनका करियर सौरव गांगुली ने संवारा था। इसीलिए मैं कहता हूं कि मेरा विश्वास सिर्फ प्रोसेस पर होता है।

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सौरव गांगुली की कप्तानी में खेले कई खिलाड़ी 2011 वर्ल्ड कप टीम में थे

2011 की वर्ल्ड कप टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिनका करियर गांगुली की कप्तानी में ही आगे बढ़ा। वीरेंदर सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा, जहीर खान और यहां तक कि कप्तान धोनी को भी उन्होंने ही प्रमोट किया था। ये सब खिलाड़ी मानते हैं कि सौरव गांगुली ने उन्हें काफी सपोर्ट किया और उसकी वजह से वो इस मुकाम पर पहुंच पाए।

वीरेंदर सहवाग जहां अपनी आक्रामक बैटिंग के लिए जाने जाते थे, तो वहीं गेंदबाजी में जहीर खान ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। मिडिल ऑर्डर में युवराज सिंह ने अपनी बेहतरीन बैटिंग से कई मैच जिताए थे। उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था।

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Published 03 Apr 2021, 11:45 IST
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