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सुनील गावस्‍कर ने आईसीसी के नॉकआउट मैचों में भारत की दो प्रमुख कमजोरियां बताईं

सुनील गावस्‍कर ने नॉकआउट मैचों में भारतीय टीम की कमजोरी बताई
सुनील गावस्‍कर ने नॉकआउट मैचों में भारतीय टीम की कमजोरी बताई

टीम इंडिया (India Cricket team) का आईसीसी (ICC) टूर्नामेंट्स के नॉकआउट चरण में संघर्ष पिछले कुछ सालों से समस्‍या का विषय बना हुआ है। 2013 चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy 2013) खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम आईसीसी खिताब जीतने में नाकाम रही है जबकि ग्रुप चरण में उसका प्रदर्शन शानदार रहा है।

इस साल की शुरूआत में भारतीय टीम को न्‍यूजीलैंड के हाथों आईसीसी विश्‍व टेस्‍ट चैंपियनशिप के फाइनल में शिकस्‍त का सामना करना पड़ा था। विराट कोहली के नेतृत्‍व वाली भारतीय टीम का 2019 विश्‍व कप के सेमीफाइनल में भी न्‍यूजीलैंड ने ही सफर रोका था।

पूर्व भारतीय कप्‍तान सुनील गावस्‍कर ने नॉकआउट में टीम के प्रदर्शन पर अपनी राय प्रकट की है। उन्‍होंने कहा कि फाइनल में बढ़ते समय मानसिकता में बदलाव की जरूरत है।

सुनील गावस्‍कर ने स्‍पोर्ट्स तक के शो सलाम क्रिकेट में कहा, 'भारतीय टीम की नॉकआउट मैचों में एक कमजोरी तो प्‍लेइंग 11 का चयन है। कभी यह मानसिकता के बारे में होता है। ऐसा अधिकांश कहा जाता है कि फाइनल में स्‍कोर बोर्ड पर रन होना काफी मायने रखता है और आपको पहले बल्‍लेबाजी करना चाहिए। भले ही आप 140 का स्‍कोर बनाए, लेकिन विरोधी टीम के लिए लक्ष्‍य का पीछा करते हुए 7 रन प्रति ओवर बनाना मुश्किल होता है। विशेषकर इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसा होता है।'

महान क्रिकेटर ने नॉकआउट मुकाबलों में लक्ष्‍य का पीछा करने के दबाव के बारे में भी बातचीत की। उन्‍होंने कहा, 'हमने पहले बल्‍लेबाजी नहीं की। दूसरी पारी में बल्‍लेबाजी करने से दबाव को आमंत्रित करते हैं। अगर आपने जल्‍दी विकेट गवाएं तो आपको इसकी भरपाई करने में सात-आठ ओवर लग जाते हैं। तो फिर लय हासिल करने में मुश्किल होती है।'

वेस्‍टइंडीज से सीख लेने की जरूरत: वसीम अकरम

पाकिस्‍तान के पूर्व कप्‍तान वसीम अकरम ने गावस्‍कर के दूसरी पारी में बल्‍लेबाजी करने की चिंता पर टिप्‍पणी की। अकरम ने साथ ही कहा कि वेस्‍टइंडीज ने सीमित ओवर क्रिकेट में लक्ष्‍य का पीछा करते हुए फलदायी नतीजे दिए हैं।

अकरम ने कहा, 'टीमों को बहादुर होने की जरूरत है। वेस्‍टइंडीज से उदाहरण ले सकते हैं। अगर टीम दो विकेट जल्‍दी भी गिरा दे तो उन्‍हें आक्रामक होना नहीं रोकना चाहिए। अधिकांश उनके बल्‍लेबाजों को टीम को दबाव से बाहर निकालने की जरूरत है।'

उन्‍होंने साथ ही ध्‍यान दिलाया कि हर गेंद पर रन निकालने की रणनीति लक्ष्‍य का पीछा करते समय ज्‍यादा नुकसान पहुंचाती है। पूर्व पाकिस्‍तानी तेज गेंदबाज ने कहा, 'पाकिस्‍तान के साथ ऐसा है। अगर जल्‍दी विकेट गिर जाएं तो बल्‍लेबाज हर गेंद पर एक रन लेने की कोशिश करते हैं। आपको इस रणनीति के साथ कुछ खाली गेंदें खेलनी होती है क्‍योंकि आप बड़े शॉट्स नहीं खेल सकते। आप सिर्फ एक रन लेने का लक्ष्‍य बनाते हैं।'

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Edited by Vivek Goel
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