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ब्राज़ील के फुटबॉल इतिहास के 10 सबसे महान खिलाड़ी

Gaurav Singh
TOP CONTRIBUTOR
Modified 09 Oct 2016, 14:29 IST
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अनेक  कारण हैं, जो फुटबॉल को सबसे लोकप्रिय खेल बनाते है। अगर हम उन कारणों की लिस्ट बनाये तो शायद वो कभी ख़त्म ही न हो।फीफा की स्थापना के बाद से, इस खेल ने प्रशंसकों को खुशी के साथ-साथ कई दुख के क्षण भी दिए हैं। कोलकाता में रहने वाले, कई कारणों से फुटबॉल की तरफ आकर्षित होते हैं। हर लेन में प्रचलित, महान फुटबॉल संस्कृति के अलावा जब बात विश्व फुटबॉल के प्रति प्रेम की आती है, तब कोलकाता  को मिनी साउथ अमेरिका भी कहा जा सकता है।

युवा पीढ़ी को छोड़कर जिन्होंने नई सहस्राब्दी की शुरुआत के बाद फुटबॉल देखना शुरू किया, कोलकाता दो गुटों मे बटा हुआ हैं, अर्जेंटीना और ब्राज़ील। जहां अर्जेंटीना ने डिएगो माराडोना जैसे महान खिलाड़ी को विकसित किया तो वही सदियों से साम्बा फुटबॉल के आकर्षण ने कोलकाता को ब्राज़ील की तरफ आकर्षित किया।

कोलकाता तो बस एक उदहारण है। ब्राज़ील इस लोकप्रिय खेल के कई बेहतरीन पलो के पीछे का कारण रहा है। भले ही उनका स्तर हाल के समय मे गिरा हो लेकिन विश्व मे उनकी लोकप्रियता मे कोई कमी नहीं आई है। इसका कारण यह है कि वह लगातार विश्व के सामने शानदार खिलाड़ियों को प्रस्तुत करने में सक्षम रहे हैं।

यहाँ हम शीर्ष 10 खिलाड़ियों पर एक नज़र डालेंगे जिन्होंने उस प्रतिष्ठित पिली जर्सी को पहना:
10.जैरज़िन्हो

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'द हरिकेन' के नाम से दुनिया भर में मशहूर जैरज़िन्हो ने 1970 में ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के सुनहरे दिनों के दौरान राइट फ्लेंक से हर डिफेंडर के मन में खौफ पैदा किया
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। 1970 के विश्व कप में खेलने वाली वह ब्राज़ील की टीम सबसे महान अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टीमों में से एक मानी जाती है।  जैरज़िन्हो उस टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे और उन्होंने उस टूर्नामेंट के हर मैच में ब्राज़ील की तरफ से गोल मार कर एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया। यह अनोखा रिकॉर्ड उन्होंने अल्सिदेस घिग्गिया से साथ साझा किया। 20 वीं शताब्दी के 100 महानतम खिलाड़ियों की सूची में विश्व फुटबॉल पत्रिका ने उन्हें 27 वां स्थान दिया।  अपने बचपन में उन्होंने गैरिंका को अपना आदर्श माना। वह कई मायनों में राष्ट्रीय और बोटाफोगो की टीम  मे गैरिंका की जगह लेने के हकदार थे। उन्होंने अपना प्रोफेशनल डेब्यू 15 साल की आयु में स्ट्राइकर के रूप में किया। उनके आदर्श गैरिंका उस समय बोटाफोगो की टीम मे राइट विंग से कमाल कर रहे थे तो जैरज़िन्हो को मजबूरन स्ट्राइकर के रूप में खेलना पड़ा। लेकिन गैरिंका के जाने के बाद अपनी स्पीड और बॉल कंट्रोल के कारण जैरज़िन्हो ने हर टीम की डिफेन्स को नष्ट कर दिया। जैरज़िन्हो ब्राज़ील की टीम में पेले के लिए एक सप्लाई लाइन के रूप में काम करते थे और उनकी स्पीड ने 1970 के विश्व कप में  ब्राज़ील की जीत मे काफी अहम भूमिका निभाई।
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Published 09 Oct 2016, 14:29 IST
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