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वर्ल्ड कप 2018: पेनल्टी शूटआउट में रूस ने स्पेन को और क्रोएशिया ने डेनमार्क को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया

24   //    02 Jul 2018, 03:14 IST

विश्व कप 2018 में बड़ा उलटफेर करते हुए मेजबान रूस ने 2010 के चैंपियन स्पेन को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। इसके साथ ही उसने क्वार्टर फाइनल में भी प्रवेश कर लिया। रूस की इस जीत के नायक उसके गोलकीपर इगोर अकीनफीव रहे। उन्होंने मैच के अलावा पेनल्टी शूटआउट में दो शानदार बचाव कर लुजनिकी स्टेडियम में अपने प्रशंसकों को जश्न में डुबो दिया। नियमित समय और अतिरिक्त समय तक मैच 1-1 की बराबरी पर था।
रूस की रक्षापंक्ति ने आज के मैच में शानदार प्रदर्शन किया। स्पेन ने नियमित और अतिरिक्त समय के दौरान 79 फीसद समय तक गेंद अपने कब्जे में रखा लेकिन मेजबान के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहा। हालांकि मैच के 11वें मिनट में सर्गोई इग्नाशेविच के आत्मघाती गोल से स्पेन ने बढ़त बनाई। इसके बाद 41वें मिनट में रूस को पेनल्टी मिला जिस पर आर्टम दजयुबा ने बराबरी का गोल किया। आखिरी में विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।
पेनल्टी शूटआउट में रूस के लिए फेडोर समोलोव, इग्नाशेविच, अलेक्सांद्र गोलोविन और डेनिस चेरिशेव ने गोल दागा। वहीं स्पेन की ओर से आंद्रेई इनिएस्ता, गेर्राड पिक और सर्गियो रामोस ने गोल किए लेकिन कोके और इएगो एस्पास गोल करने में नाकाम रहे। उनके शॉट को अकीनफीव ने बेहद खूबसूरती से रोका। रूस इस जीत से 48 साल बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। हालांकि 1970 में जब उसने अंतिम आठ में जगह बनाई थी तब उसे सोवियत संघ के नाम से ही जाना जाता था। विघटन के बाद यह पहला मौका है।
लीग चरण में अजेय रहे स्पेन ने मेजबान के खिलाफ सतर्क शुरूआत की। हालांकि 11वें मिनट में इग्नाशेविच के आत्मघाती गोल से रूस बैकफुट पर चला गया। यूरी झिरिकोव ने रूसी गोल के बाईं ओर नाचो को गिरा दिया जिससे स्पेन को फ्री किक मिली। इसके बाद इग्नाशेविच गोल बचाने के चक्कर में रामोस को भी गिराया लेकिन गेंद उनके पैर से लगकर गोल मे समा गई। वे 38 साल 252 दिन की उम्र के साथ विश्व कप में सबसे अधिक उम्र में आत्मघाती गोल करने वाले खिलाड़ी बने। उनसे पहले यह रिकॉर्ड हांडुरास के नियोल वालाडर्स के नाम था जिन्होंने फ्रांस के खिलाफ 2014 में आत्मघाती गोल किया था।
खेल के 26वें मिनट में इग्नाशेविच ने गलती की भरपाई करने की भरपूर कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। उन्होंने गोलोविन को पास दिया जो गेंद को संभाल नहीं पाए और रूस ने गोल करने का बेहतरीन मौका गंवा दिया। 36वें मिनट में भी गोलोविन को मौका मिला लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट के काफी करीब से निकल गया। कॉर्नर किक पर आर्टम दजयुबा का हेडर गेर्राड पिक के हाथ से टकरा गया जिससे रूस को पेनल्टी मिली। दजयुबा ने इसे आसानी से गोल में बदलकर टीम को बराबरी दिलाई।

डेनमार्क को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर क्रोएशिया क्वार्टर फाइनल में

विश्व कप के प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में क्रोएशिया ने डेनमार्क को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। एक ही दिन में दो बार ऐसा हुआ जब मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा। फुल टाइम तक दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर थीं। इससे मैच अतिरिक्त समय में पहुंचा। यहां भी फैसला नहीं हो पाया और मैच पेनल्टी शूटआउट तक खिंच गया। पेनल्टी शूटआउट में क्रोएशिया के गोलकीपर सुबासिच ने तीन गोल बचाकर टीम को जीत दिला दी। अब क्रोएशिया का मुकाबला सात जुलाई को मेजबान रूस के साथ होगा।
क्रोएशिया 20 साल बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। मैच का पहला गोल डेनमार्क के जोर्गेंसन ने 58 सेकंड के भीतर ही दागा। वे इसके साथ इस विश्व कप में सबसे तेज गोल दागने वाले खिलाड़ी बन गए। जोर्गेंसन के बाद क्रोएशिया के मांजुकिच ने चौथे मिनट में गोल दागकर टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
विश्व कप के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब एक ही दिन में दो मुकाबले का नतीजा पेनल्टी शूटआउट से हुआ है। इससे पहले 21 जून 1986 को फ्रांस ने पेनल्टी शूटआउट में ब्राजील को हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था। उसी दिन पश्चिम जर्मनी ने मेक्सिको को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
121 मिनट के खेल के बाद दोनों टीम 1-1 से बराबरी पर रहीं। इसके बाद हुए पेनल्टी शूटआउट में क्रोएशिया ने डेनमार्क को 3-2 से पछाड़ दिया। इससे पहले शुरूआती मिनटों में गोल दागने के बाद हाफ टाइम तक दोनों टीमें गोल पोस्ट तक पहुंचने के लिए जूझती रहीं। क्रोएशिया ग्रुप चरण के मैचों में अर्जेंटीना, नाइजीरिया और आइसलैंड को हराकर अंतिम 16 में पहुंची था।
दूसरे हाफ का खेल काफी नीरस रहा। 93वें मिनट के खेल में बराबरी पर रहने के बाद आधा घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया। हालांकि अतिरिक्त समय का पहला 15 मिनट भी गोलरहित ही रहा। बेहद खामोसी से चल रहे इस मुकाबले में रोमांच 113वें मिनट में आया जब मूका मोद्रिच से मिले पास को आंते रेबिच गोल की ओर लेकर बढ़े लेकिन जांका ने उन्हें गिरा दिया। क्रोएशिया को इसके बदले पेनल्टी मिली। हालांकि लूका इसे गोल में नहीं बदल सके। मुकाबला 120 मिनट तक भी बराबरी पर ही था। इसके बाद मैच पेनल्टी में पहुंचा और क्रोएशिया ने जीत दर्ज की।
विश्व कप इतिहास में यह नौवां मौका है जब एक दिन में दो बार मैच अतिरिक्त समय तक पहुंचा हो। आखिरी बार 2014 में अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड व बेल्जियम और अमेरिका के मैच का निर्णय अतिरिक्त समय में ही हुआ था।

ANALYST
संदीप भूषण राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में खेल पत्रकार के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह दैनिक जागरण में भी काम कर चुके हैं। इनके क्रिकेट और हॉकी के साथ ही कबड्डी, फुटबॉल और कुश्ती से जुडे कई लेख राष्ट्रीय अखबारों में छप चुके हैं।
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