वर्ल्ड कप 2018: 'फेयर प्ले' के कमाल से हारकर भी नॉकआउट में पहुंचा जापान

ग्रुप एच में पोलैंड से मिली 0-1 की हार के बाद भी जापान सेनेगल को पीछे छोड़ते हुए अंतिम 16 में पहुंच गया। यह कमाल फेयर प्ले के कारण हुआ और जापान इसके सहारे विश्व कप ग्रुप चरण के लिए क्वालीफाई करने वाला पहला देश बन गया। दरअसल, जापान को अंतिम 16 में जगह बनाने के लिए एक अंक की दरकार थी। क्योंकि सेनेगल के भी चार अंक थे और जापान के भी लेकिन सेनेगल को छह पीले कार्ड मिले थे जबकि जापान को चार जिससे जापान को फायदा मिला। टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो चुकी पोलैंड के लिए जॉन बेडनारेक ने 59वें मिनट में गोलकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया राफाल कुरजावा की फ्री किक पर साउथम्पटन के इस डिफेंडर ने शानदार गोल कर जापान को ग्रुप एच में तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया। जापान ने शुरू से ही पोलैंड को दबाव में रखा और पहले हाफ में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकी। दूसरे हाफ में बेडनारेक ने गोल कर पोलैंड के लिए छह अंतरराष्ट्रीय मैचों में पहला गोल दागा लेकिन उनकी टीम पहले ही बाहर हो चुकी थी। हालांकि कोच अकिरा निशिनो का जापानी टीम में छह बदलाव करने का फैसला पूरी तरह से उलटा पड़ गया। हालांकि फेयर प्ले के प्वाइंट ने उसे बचा लिया। कोलंबिया ने सेनेगल को 1-0 से हराया बार्सीलोना के येरी मीना के 74वें मिनट में दागे गए गोल की बदौलत कोलंबिया ने ग्रुप एच में सेनेगल को 1-0 से हराकर अंतिम 16 के लिए क्वालीफाई किया। इस हार के साथ ही सेनेगल टूर्नामेंट से बाहर हो गया। ब्राजील में कोलंबिया ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। उसके लिए मीना आज मैच विजेता साबित हुए। उन्होंने मैच समाप्त होने से महज 16 मिनट पहले शानदार हेडर से गोल कर अपनी टीम को अगले दौर में पहुंचा दिया। सेनेगल को पहले हाफ में पेनल्टी मिली लेकिन वीएआर समीक्षा में इसे खारिज कर दिया गया। वहीं कोलंबिया के जेम्स रोड्रिगेज को ब्रेक से पहले ही बाहर बुला लिया गया था। एमवाये नियांग शुरुआती मिनटों में मिले मौकों को भुनाने में नाकाम रहे। मैच के 17वें मिनट में सेनेगल को पेनल्टी मिली लेकिन वीएआर समीक्षा में इसे खारिज कर दिया गया। कोलंबिया को शुरुआती मिनटों में थोड़ी दिक्कत हो रही थी। वही सेनेगल के खिलाड़ियों पर दबदबा नहीं बना पा रहा था। उसे तब करारा झटका लगा जब स्टार खिलाड़ी जेम्स को चोट के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा। हालांकि 74वें मिनट में जुआन क्विंटेरो के क्रॉस पर बार्सीलोना के डिफेंडर मीना ने तेजी से ऊपर की ओर जंप लगाते हुए शानदार हेडर के सहारे गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाया। इसके बाद बराबरी के लिए सेनेगल ने भी आक्रमण तेज किया लेकिन इस्माइल सार गोल करने का शानदार मौका चूक गए। बेल्जियम ने इंग्लैंड को 1-0 से पटका बेल्जियम ने ग्रुप जी के अपने अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड को 1-0 से हराया। इस जीत के साथ बेल्जियम अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया। वहीं इंग्लैंड को दूसरे पायदान से संतोष करना पड़ा। ये दोनों टीमें पहले ही नॉकआउट दौर के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। बेल्जियम के लिए पहला गोल जानुजाए ने दागा। इस मुकाबले के लिए दोनों टीमों ने कई बदलाव किए और युवाओं को मौका दिया। हालांकि दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच के 9वें मिनट में बेल्जियम के मिडफील्डर मारुआन फेलनी ने बॉक्स में हेडर लगाया लेकिन उनके प्रयास को गैरी केहिल ने रोक दिया। इसके तीन मिनट बाद इंग्लैंड के ट्रेंट एलेक्जेंडर आरनॉल्ड ने कॉर्नर पर शानदार क्रॉस दिया जिस पर केहिल ने हेडर लगाया लेकिन गेंद नेट में नहीं गई मैच के मध्य में दोनों ने गेंद को अपने कब्जे में रखने का प्रयास किया। 27वें मिनट में बेल्जियम को पहला कॉर्नर मिला जिस पर एलेक्जेंडर ने तेजी दिखाते हुए अपनी टीम को पिछड़ने से बचा लिया। इंग्लैंड ने 34वें मिनट में फ्री किक हासिल किया। हालांकि मिडफील्डर रुबेन लोफ्टस गोल करने में नाकाम रहे। दूसे हाफ में भी इंग्लैंड की शुरुआत तेज रही। 48वे मिनट में स्ट्राइकर मार्कस रैशफोर्ड ने बाएं छोर से गोल करने का प्रयास किया लेकिन गेंद को गोल पोस्ट में नहीं भेज पाए। मैच के 51वें मिनट में बेल्जियम के अदनान जानुजाए ने बॉक्स के भीतर डिफेंडर को छकाते हुए अपने बाएं पांव से शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। एक गोल से पिछड़ने के बाद इंग्लैंड आक्रामक हो गया। 66वें मिनट में उसके पास बराबरी का बेहतरीन मौका था लेकिन टीम गोल दागने में नाकाम रही। इसके बाद भी इंग्लैंड ने आक्रामक रूख जारी रखा लेकिन मैच को ड्रॉ कराने में नाकाम रहा। बता दें कि यूरोप की इन दोनों टीमों का अब तक सफर शानदार रहा है। ट्यूनीशिया ने पनामा को 2-1 से हराया बेन यूसुफ और वाहबी खजरी के गोल की मदद से ट्यूनीशिया ने पनामा को 2-1 से हराया। ये दोनों टीमें पहले ही नॉकआउट की रेस से बाहर हो चुकी हैं। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ सम्मान पाने के लिए था। दोनों टीमों का इरादा इस मैच में जीत दर्ज कर टूर्नामेंट से विदाई का था। हालांकि बाजी ट्यूनीशिया के हाथ लगी। वह 40 साल बाद विश्व कप में अपना पहला मैच जीतने में कामयाब हुआ। यूसुफ के 51वें मिनट में दागे गए गोल से एक और रिकॉर्ड कायम हुआ। उन्होंने विश्व कप इतिहास का 2500वां गोल दागा। इससे पहले ट्यूनीशिया के येसिन मेरियाह के आत्मघाती गोल से पनामा पहले हाफ में 1-0 से आगे हो गया। रोडिगेज की किक पर गेंद मेरियाह के शरीर को छूती हुई निकल गई। यह विश्व कप इतिहास का 50वां आत्मघाती गोल बना गया। 66वें मिनट में वाहबी खजरी ने गोल दाग कर टीम को 2-1 से आगे कर दिया। अपना पहला विश्व कप खेल रही पनामा का ये ट्यूनीशिया से पहला मुकाबला था। पानामा विश्व कप अभी तक अपना खाता नहीं खोल पाया है। वहीं ट्यूनीशिया ने विश्व कप में 13 मैचों के बाद पहली जीत हासिल कर ली। इससे पहले वह चार मैच हारा था और नौ मैच उसने ड्रॉ खेले थे। ट्यूनीशिया की आखिरी जीत मेक्सिको के खिलाफ 1978 में आई थी। उस मैच में उसने 3-1 से जीत दर्ज की थी। यह मैच इस फीफा विश्व कप के ग्रुप चरण का आखिरी लीग मैच था।

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