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ऑटिज्म क्या है? जानिए 2 कारण और 3 बचाव - Cause and Prevention Of Autism

ऑटिज्म क्या है? जानिए 3 कारण और 3 बचाव (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
ऑटिज्म क्या है? जानिए 3 कारण और 3 बचाव (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
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Vineeta Kumar

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (Autism spectrum disorders) मस्तिष्क के विकास से संबंधित एक स्थिति है जो प्रभावित करती है कि एक व्यक्ति दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है और सामाजिक रूप से संपर्क व संचार में समस्याएं पैदा करता है। इस विकार में व्यवहार के सीमित और दोहराव वाले पैटर्न भी शामिल हैं। ऑटिज्म में "स्पेक्ट्रम" शब्द लक्षणों और गंभीरता की विस्तृत श्रृंखला को दर्शाता है। ऑटिज्म बचपन में शुरू होता है और अंततः समाज में बाकियों की तुलना में बराबरी करने में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं (उदाहरण के लिए - सामाजिक रूप से, स्कूल में और अन्य कार्यों में)। अक्सर बच्चों में पहले वर्ष के भीतर ही ऑटिज्म के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। जबकि, ऑटिज्म का कोई इलाज नहीं है, लेकिन प्रारंभिक उपचार कई बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। इस लेख में ऑटिज्म के कारण और बचाव पर चर्चा करेंगे।

ऑटिज्म क्या है? जानिए 2 कारण और 3 बचाव

ऑटिज्म के कारण : Causes Of Autism In Hindi

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर का कोई एक ज्ञात कारण नहीं है। आनुवंशिकी (genetics) और पर्यावरण (environment) दोनों भूमिका निभा सकते हैं।

1. आनुवंशिकी (Genetics)

ऑटिज्म में कई अलग-अलग जीन्स (genes) शामिल होते हैं। कुछ बच्चों के लिए, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (autism spectrum disorder) एक आनुवंशिक विकार (genetic disorder) से जुड़ा हो सकता है। अन्य बच्चों के लिए, आनुवंशिक परिवर्तन (mutations) ऑटिज्म के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। फिर भी अन्य जीन मस्तिष्क के विकास या ब्रेन सेल्स के संचार के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं या वे लक्षणों की गंभीरता को निर्धारित कर सकते हैं। कुछ आनुवंशिक उत्परिवर्तन (genetic mutations) विरासत में मिल सकते हैं।

2. वातावरणीय कारक (Environmental factors)

शोधकर्ता वर्तमान में यह पता लगा रहे हैं कि, वायरल संक्रमण (viral infections), दवाएं (medications) या गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान जटिलताएं या वायु प्रदूषक ऑटिज्म को ट्रिगर करने में भूमिका निभाते हैं या नहीं।

ऑटिज्म के बचाव : Prevention Of Autism In Hindi

1. प्रेगनेंसी के दौरान पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड का सेवन करें, जिससे होने वाले शिशु में ऑटिज्म का जोखिम कम हो सकता है।

2. प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का सेवन ही करें। इसके अलावा अन्य दवाइयां ना लें।

3. जन्म के बाद नवजात की नियमित रूप से जांच और उसका टीकाकरण करवाएं।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Vineeta Kumar
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