भगन्दर की 3 आयुर्वेदिक दवा - Bhagandar Ki 3 Ayurvedic Dawa

भगन्दर की आयुर्वेदिक दवा (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
भगन्दर की आयुर्वेदिक दवा (फोटो - sportskeedaहिन्दी)

भगन्दर एक ऐसी समस्या है जो दो अंगों की नसों को जोड़ देती है। इसे अंग्रेजी में "फिस्टुला" भी कहते हैं। ज्यादातर इस स्थिति में गुदा मार्ग से पस होने की समस्या होने लगती है और चुभन महसूस होने लगती है। यदि किसी व्यक्ति को पाचन सम्बंधित रोग या आंत (Gut) संबंधी कोई डिस्‍ऑर्डर हो तो ऐसे में भगन्दर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसका पता X-ray या MRI जांच से किया जाता है। सूजन, खून या पस आना, दर्द होना, डिसचार्ज होने पर पस या म्‍यूकस निकलना, आदि भगन्दर के लक्षण होते हैं। यदि भगन्दर गंभीर हो जाये तो बुखार आने की समस्या हो सकती है। इस लेख में भगन्दर के आयुर्वेदिक इलाज बताये गए हैं।

भगन्दर की 3 आयुर्वेदिक दवा

यदि भगन्दर तीव्र है, तो सरल घरेलू उपचारों से राहत पाने की संभावना आसान हो जाती है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए स्वस्थ आहार और जीवनशैली की आदतें दैनिक उपचार या दवा का हिस्सा बन जाती हैं।

1. सिट्ज़ बाथ (Sitz bath)

सिट्ज़ बाथ, भगन्दर के लक्षणों में सहायता करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है जो गुदा क्षेत्र को सादे गर्म पानी में भिगोने की एक प्रक्रिया है। दिन में कम से कम 3-4 बार सिट्ज़ बाथ लिया जाना सुखदायक और राहत देने वाला हो सकता है।

2. हाइड्रेटेड रहें (Stay hydrated)

भगन्दर के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचारों में से एक है खूब पानी का सेवन करना। भारी मात्रा में पानी और फलों के रस का सेवन कार्बोनेटेड पेय और अल्कोहल का अच्छा विकल्प है। अदरक की चाय, हल्दी वाला दूध, पत्ता गोभी का रस, संतरे के रस या आंवले के रस का सेवन करने से मल त्याग में मदद मिल सकती है। पानी की अधिक मात्रा अपशिष्ट को नरम बनाती है और आंतों को साफ करने में मदद करती है, जिससे कब्ज और भगन्दर पर दबाव नहीं पड़ता है।

3. स्वस्थ खाने की आदत डालें (Inculcate healthy eating habits)

दस्त या कब्ज को रोकने वाला आहार (जैसे कि साबुत अनाज, सब्जियां और फल) भगन्दर के लक्षणों की पुनरावृत्ति से बचने के लिए सबसे उपयुक्त है। उसी तरह, अच्छी तरह से हाइड्रेटेड शरीर मल त्याग को दर्द मुक्त बना सकता है और एनल कैनाल पर तनाव कम कर सकता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Vineeta Kumar