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आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर लिवर सिरोसिस - Ayurvedic Treatment for Liver Cirrhosis

आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर लिवर सिरोसिस
आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर लिवर सिरोसिस

Ayurvedic Treatment for Liver Cirrhosis in hindi: आज कल की लाइफ ऐसी हो गई है को लोग अपने काम को लेकर ज्यादा तनाव में रहते हैं। या फिर थोड़ी सी परेशानी हुई नहीं की तनाव लेना शुरू कर दिया जिससे हमारे शरीर पर नकारात्मक असर पड़ता है। साथ ही अनियमित भोजन भी लाइफ का अहम हिस्सा बन गया है। इसके चलते शरीर में कई सारे परिवर्तन तेजी से देखने को मिल रहे हैं। कई सारी बीमारियों से लोग जल्द ग्रसित हो रहे हैं। लिवर सिरोसिस भी ऐसी बीमारी है जो आपके कई खराब कारणों के चलते हो सकती है। खराब दिनचर्या, अस्वस्थ खानपान और तनाव भी इसका बड़ा कारण है। लिवर सिरोसिस में लिवर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। लिवर सिरोसिस को ही क्रॉनिक लिवर डिजीज कहते हैं। इसमें आपका लिवर सही तरीके से काम नहीं करता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेद का सहारा लिया जा सकता है।

लिवर सिरोसिस के लक्षण

भूख न लगना

कमजोरी

नींद न आना

थकान

सांस लेने में परेशानी

चक्कर आना लिवर सिरोसिस के लक्षण होते हैं।

इसके अलावा लगातार वजन कम होना

त्वचा और आंखों पर पीलापन दिखना

उल्टी होना और बेहोशी

आयुर्वेद से करे लिवर सिरोसिस का इलाज

आंवला (Remove the problem of liver cirrhosis with amla)

आंवला हमारी सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद है। इसके जरिए कई सारी समस्याएं खत्म हो सकती हैं। लिवर सिरोसिस में आंवला कमाल का लाभ पहुंचा सकता है। इस दौरान कमजोर हुए इम्यूनिटी को ये मजबूत करने का काम करता है। लिवर सिरोसिस की समस्या होने पर आंवला जूस या फिर आंवला पाउडर का सेवन करना लाभकारी साबित हो सकता है।

विरेचन क्रिया (Virechana Kriya in liver cirrhosis)

जंक फूड का जो लोग ज्यादा सेवन करते हैं उन्हें भी लिवर सिरोसिस की समस्या हो सकती है। जंक फूड के अधिक सेवन से शरीर में अधिक मात्रा में विषाक्त तत्व जमा हो जाते हैं और आयुर्वेद में इसे बाहर निकालने के लिए विरेचन क्रिया लाभकारी बताया गया है। इसके जरिए मरीज को कुछ जड़ी-बूटियों और औषधियों का सेवन करवाया जाता है। जिसके चलते मरीज को दस्त लगता है और शरीर में मौजूद सभी टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं।

मुलेठी (Liquorice is beneficial in liver cirrhosis)

पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए मुलेठी काफी लाभकारी है। लिवर से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए मुलेठी का फायदा उठाया जा सकता है। क्योंकि, मुलेठी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण और ग्लिसराइजिक एसिड होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाता है।

पिप्पली (Pippali is beneficial in liver cirrhosis)

पिप्पली के जरिए आयुर्वेद कई सारी समस्याओं को दूर करता है। लिवर में भी इसका खूब इस्तेमाल किया जाता है। पिप्पली में पिपरिन, ग्लूकोसाइड और पिपलार्टिन पाया जाता है, जो लिवर को मजबूत बनाने में खास असर करता है। इसके साथ ही लिवर सिरोसिस के दौरान कमजोर हुए शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाने का काम करता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Ritu Raj
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