गर्म पट्टी बांधने के फायदे- garam patti bandhane ke fayde

गर्म पट्टी बांधने  से हो सकते है ये फायदे
गर्म पट्टी बांधने से हो सकते है ये फायदे

गर्म पट्टी यानि (क्रेप बैंडेज) मुख्य रूप से शरीर के अंगों में आई सूजन को दूर करने में इस्तेमाल किया जाता है। क्रेप बैंडेज स्किन फ्रेंडली होता है। जिससे त्वचा को कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन अधिक समय यानी लगातार 4-5 घंटे तक इसे बांधने से आपको कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। नसों में हो रहे दर्द को दूर करने में भी यह बैंडेज काम आती है। ज्यादा काम के कारण, मांसपेशियों में खिंचाव के कारण, गलत पोजीशन में लेटने-बैठने के कारण या कई बार शरीर की अंदरूनी समस्याओं के कारण अलग-अलग अंगों में दर्द होते है। ऐसे में गर्म पट्टी के बाधने से काफी हद तक राहत पाया जा सकता है।

मांसपेशियों में खिंचाव (Relaxation by tying Crepe bandage due to muscle strain)

ज्यादातर हाथ और पैरों की मांसपेशियों में ही खिंचाव होता है। मांसपेशियों में खिंचाव होने पर गर्म पट्टी को दर्द वाली जगह पर बांधने से काफी राहत मिलता है। इससे नसों को गर्माहट मिलेगी और सूजन दूर होती है।

सर्जरी के बाद (Relief from Crepe bandage after surgery)

सर्जरी के बाद भी गरम पट्टी को बांधने की सलाह दी जाती है। शरीर में अगर कोई सर्जरी हुई हो जैसे- एब्डोमिनल सर्जरी, लिंब्स एडिमा या फिर पोस्ट मेस्टेक टॉमी सर्जरी हो या फिर हाथ में लिंब एडिमा होता है तो इन सब में क्रेप बैंडेज यानी गर्म पट्टी का उपयोग किया जाता है।

सूजन होने पर बांधे गरम पट्टी (tie a hot bandage on swelling)

सूजन यानी एडिमा की समस्या होन या इस तरह के लक्षण देखे जाने के बाद गरम पट्टी का इस्तेमाल किया जा सकता है। सूजन से राहत पाने के लिए गरम पट्टी काफी सहायक मानी जाती है। अगर किसी इंजरी के बाद हाथ-पैर में सूजन आ जाती है तो क्रेप बैंडेज का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये सूजन को कम करने में काफी मदद करता है।

कैसे मिलता है लाभ (How to get benefit from Crepe bandage)

गर्म पट्टी आपके प्रभावित हिस्से को आसानी से हील करने में मदद करती है। यह प्रभावित हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाती है। साथ ही लिंब्स के फ्लूड्स की बढ़ोतरी करने में भी सहायक होती है। इसकी मदद से आपके प्रभावित हिस्से पर प्रेशर बना रहता है। जो उस दर्द को कम करने में आपकी सहायता करता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Ritu Raj