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Bhujangasana (भुजंगासन)

आसन के बारे में

अगर आप बैक पेन, रीढ़ की हड्डी का दर्द या कोई भी ऐसी परेशानी से दो चार हो रहे हैं जिसमें आपकी सेहत खराब कर सकता है तो भुजंगासन को करें। ये अमूमन उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी होता है जिन्हें बैक पेन होता है या कमर में परेशानी है। अगर आपका पाचन ठीक नहीं रहता है तो उसके भी कुछ अंश इस आसन से समाप्त हो जाएंगे और आपको पेट के मामले में अच्छा महसूस होने लगेगा।


आसन से पहले करें ये काम

इस आसन को हमेशा खाली पेट करें या तब करें जब खाने और योगासन के बीच चार से छह घंटे का समय बीत गया हो। इस आसन के दौरान आपको पेट के सहारे लेटना होता है इसलिए अगर पेट भरा हुआ होगा तो आसन की मुद्रा का प्रभाव खराब हो जाएगा। इसके साथ साथ अगर आपको सर में दर्द है तो इसके एक अन्य प्रकार को करें जिसके बारे में हम नीचे बताने वाले हैं।


भुजंगासन से पहले कौन सा आसन करना चाहिए

इस आसन से पहले आपको शवासन करना चाहिए। इससे आप अपनी पीठ को थोड़ा आराम दे सकेंगे। पेट और पीठ के इस संगम से ही आपका शरीर सुचारु रूप से चलता है। एक गलती से आप इसके प्रभाव को खराब कर देंगे और पीठ का दर्द तो बेहद असहनीय होता है। अगर आप सालों से पीठ के दर्द से परेशान हैं तो आज ही भुजंगासन करें। इससे शरीर को जो लाभ मिलेगा उसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है।


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भुजंगासन को करने का नियम वर तरीका

1. इस आसन के लिए आपको अपने पेट के बल लेट जाना है। इस स्थिति में खुद को एक रिलैक्स कर लें ताकि

आपको कोई कष्ट ना हो।

2. अपने पैरों को जोड़ें और पेट को अब भी जमीन पर ही रहने दें जबकि हाथों को कंधे के साथ ले आएं और

हथेलियों को रिलैक्स करने दें।

3. इसके बाद अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। इस अवस्था में आप अपने शरीर को वहाँ तक ले जाएं

जब तक आपकी कमर जमीन या मैट से उठने वाली अवस्था में ना आने लगे।

4. ध्यान रहे कि आपकी कमर को जमीन या मैट पर ही रहना है और आपके हाथ एकदम सीधे हो जाने चाहिए।

आपकी कोहनियाँ मुड़ी हुई नहीं होनी चाहिए और ना ही पैरों के साथ ऐसा होना चाहिए।

5. इस स्थिति में खुद को दस से बीस सेकेंड रखने के बाद आप दोबारा से नार्मल अवस्था में आ जाएं।


सर दर्द या अत्याधिक पीठ दर्द में भी कैसे करें भुजंगासन

ये एक बड़ी समस्या है क्योंकि आज कल लोगों को सर में या फिर पीठ में दर्द होता ही रहता है। ऐसे में अगर आप भी इन स्थितियों से दो चार हो रहे हैं तो आप इस प्रक्रिया को इस्तेमाल में ला सकते हैं।

1. अपने हाथों को जमीन या मैट पर एक साथ ले आएं और इस दौरान आपकी हथेलियाँ जमीन की तरफ होंगी।

2. अब आप अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को आराम से उठाने का प्रयास करें। इससे आपको पीठ दर्द में भी तुरंत ही आराम मिलेगा।

3. इन दोनों अवस्थाओं में सिर्फ एक ही बदलाव है और वो ये कि आपके हाथ अलग अलग रहने की बजाए जुड़

जाते हैं जिससे आपको प्रेशर कम लगाना पड़ता है और ये तुरंत ही असर दिखाता है।


भुजंगासन के बाद कौन सा आसन करें

आप अमूमन हर आसन के बाद शवासन कर सकते हैं। इस आसन को हर रूप में बेहद प्रभावी माना जाता है। इससे आपको शरीर को स्ट्रेच करने और खुद को रिलैक्स करने का मौका मिलता है। योग आपके शरीर के साथ साथ दिमाग को भी फिट रखने के लिए किया जाता है तो आपको इसके बारे में कभी भी दूसरी बार नहीं सोचना चाहिए।


भुजंगासन से होने वाले लाभ

अगर आपके शरीर में कंधे या गर्दन से जुड़ा हुआ कोई भी तनाव है तो आपको इस आसन को करना चाहिए। पेट में अगर कोई पीड़ा हो तो उसको ठीक करने के लिए भी आप इसका इस्तेमाल करें। रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखने के लिए आपको इस आसन का इस्तेमाल करना चाहिए। शरीर में लचीलापन होना चाहिए और वो आपको इस आसन से प्राप्त हो सकता है। कंधों को मजबूत करने के साथ साथ आप इसके माध्यम से थकान और तनाव से भी मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।


भुजंगासन किन्हें नहीं करना चाहिए

अगर आप गर्भवती हैं तो आपको इसका प्रयास कम करना चाहिए और एक प्रयास के तहत अगर आप इसे करना ही चाहें तो आपको किसी एक्सपर्ट की निगरानी में ही इसे करना चाहिए। अगर आपकी पसली में दरार हो या आपका हाल में ही पेट एवं हर्निया का ऑपरेशन हुआ है तो इस आसन को किसी भी रूप में ना करें। इसका प्रयास आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। रीढ़ की हड्डी से जुड़ी किसी परेशानी से पहले भी दो चार हुए हों और वो स्थिति काफी बुरी रही हो एवं हाल में ही हुई हो तो इसको करने से परहेज करें। ये आपके लिए नुकसानदेह होगा।

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