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ज़्यादा गुस्सा आने पर आप हो सकतें हैं मस्तिष्क क्षति (Brain damage) का शिकार!

If you get very angry, you can be a victim of brain damage!
ज़्यादा गुस्सा आने पर आप हो सकतें हैं मस्तिष्क क्षति (Brain damage) का शिकार!
वैशाली शर्मा

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ने बताया है कि, "गुस्सा एक ऐसी भावना है जो किसी के प्रति आप के विरोध को दर्शाता है उन लोगों के प्रति आपकी भावना को व्यक्त करता है जिन्होंने आपके साथ गलत किया है. गुस्सा कुछ खास ही स्थितियों और अनुभवों के कारण प्रकट होता है और यह आपको नकारात्मकता की ओर ले जाता है."

कुछ अध्ययनों में, क्रोध के प्रकोप वाले 70 प्रतिशत लोगों में न्यूरोलॉजिकल क्षति पाई गई है। पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के 286 मनोरोग ने रोगियों के अध्ययन में क्रोध के कारण 94 प्रतिशत रोगियों में मस्तिष्क क्षति पाई गयी थी। इसका कारण सिर की चोट और स्ट्रोक से लेकर एन्सेफलाइटिस और अल्जाइमर रोग तक था।

आपके जीवन में अंधेरा और बदनसीबी के अलावा ये कुछ नहीं लेकर आता. यह मानसिक रूप से आप को कमजोर और शारीरिक रूप से आपको कठोर बनाता जाता है. डॉक्टर हमेशा यह मानते आए हैं कि गुस्सा इंसान को सिर्फ और सिर्फ कमजोर और संपूर्ण रूप से तोड़ने का काम करता है.

निम्नलिखित पर खास ध्यान दें और इसको अपने जीवन में लागू करे:

1. खान-पीन का ध्यान दें:

अपने आहार में। बादाम, पालक, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज जैसे मैग्नीशियम से भरपूर भोजन करें जो आपको बेहतर नींद में मदद करते हैं। बहुत अधिक मिठाई या चीनी का सेवन करने से बचें। अपने आप को विटामिन डी की कमी से बचाएं और अपने आहार में वसायुक्त मछली और अंडे का प्रयोग करें।

2. मैडिटेशन

ध्यान लगाना आपकी मानसिक स्वास्थ्य के लिए कारगर है. यह आपको और आपके शरीर को हर तरह के सेंसेस पर कंट्रोल कर सीखता है और आप के गुस्से पर नियंत्रण रखने आपकी मदद करता है. जरूरी नही की हर रोज़ 1 घंटा ध्यान लगाना हो आप १५ मिनट के लिए भी ध्यान लगा सकते हैं.

3. कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी:

यह गुस्से में बड़े काम आती है. यह थेरेपी के प्रयोग से उन विचारों को समझने में मदद मिलती है जिनके कारण आपको गुस्सा आता है। इस थेरेपी को आप अपने ऊपर स्वयं प्रयोग कर सकते हैं आपको उन बिन्दुओं को लिखना है जो आपको गुस्सा दिलातें है. जिसके बाद उन बातों को ध्यान में रखते हुए अपने गुस्से पर काबू कर सकते हैं.

4. हार्मोन में असंतुलन होना:

कुछ लोगों में हार्मोनल असंतुलन भी गुस्से का कारण बन सकता है। स्वस्थ खाने की आदतों का पालन करने, हाइड्रेटेड रहने, आराम करने और पर्याप्त नींद लेने से इस समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है। डॉक्टर की सलाह पर हार्मोनल सपोर्ट से ऐसे लोगों को गुस्सा होने पर उसका मुकाबला करने ताकत मिल सकती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by वैशाली शर्मा

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