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हर्निया का आयुर्वेदिक इलाज- Hernia ka Ayurvedic ilaj

हर्निया का बेहतरीन आयुर्वेदिक इलाज
हर्निया का बेहतरीन आयुर्वेदिक इलाज

Hernia Ayurvedic Treatment: हर्निया की समस्या होने पर मरीज को कई तरह की परेशानियां होने लगती है। इसका अगर सही समय पर इलाज न किया जाए व लाइफस्टाइल में एहतियात बरतकर ठीक न किया जाए तो ऑपरेशन तक करना पड़ जाता है। हर्निया होने पर पेट में कुछ बाहर की ओर निकला दिखाई देता है। शरीर के अंदर के अंग में आसपास कोई कमजोर मांसपेशी मिल जाती है तो इसमें अंग प्रवेश कर जाता है। जिसके चलते शरीर में बाहर से दिखने पर अंग दिखता है। जैसे नाभि के ऊपर हर्निया होता है तो नाभि बाहर (हाइटल हर्निया) की ओर आ जाता है। शुरुआत में हर्निया का इलाज आयुर्वेद के जरिए किया जा सकता है।

आगे बढ़ने से पहले हर्निया के प्रकार और इसके बचाव के लिए क्या-क्या किया जा सकता है उस बारे में बात कर लेते हैं। हर्निया एक नहीं बल्कि कई प्रकार के होते हैं और इसका बचाव आप अपनी नियमित जिंदगी में बदलाव लाकर काफी हद तक कर सकते हैं।

हर्निया के आम प्रकार |Types of Hernia in Hindi

हाइटल हर्निया

इनगुइनल हर्निया

इंसिज़नल हर्निया

अम्बिलिकल हर्निया

कैसे करें बचाव |Precautions of Hernia in Hindi

वजन नियंत्रित रखें

पेट साफ करने या पेशाब करने के दौरान बेवजह जोर न लगाएं

भारी वजन ना उठाएं

धूम्रपान से बचें

लगातार खांसी होने पर डॉक्टर से तुरंत मिले

स्वस्थ आहार

कब्ज से बचें

हर्निया का आयुर्वेदिक इलाज | Ayurvedic Treatment of Hernia in Hindi

अब बात करते है हर्निया के आयुर्वेदिक इलाज के बारे में , एक लेख में यह बताया गया है कि, हर्निया के लक्षणों को पहचानकर शुरुआत में इसका इलाज संभव है। आयुर्वेद में बहेड़ा को हर्निया के इलाज के लिए काफी कारगर पाया गया है। यह छोटे व शुरुआती हर्निया का काफी प्रभावी आयुर्वेदिक इलाज है।

बहेड़ा की बात करें तो ये त्रिफला का एक अंग होता है। हर्निया की समस्या में बहेड़ा का छिलका उतारकर उसका चूर्ण तैयार कर लें। इस चूर्ण को जामुन के सिरके में मिलाकर हर्निया वाली जगह पर 1 से 1.5 घंटे लेप लगाने पर काफी राहत पाया जा सकता है। हालांकि, एक बात का विशेष ध्यान रखना जरूरी है कि, ज्यादा गंभीर और अम्बिलिकल हर्निया में इसका इस्तेमाल न करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Ritu Raj
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