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हर्निया के प्रकार, कारण और उपाय - Hernia Types, Causes And Home Remedies

हर्निया के प्रकार, कारण और उपाय (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
हर्निया के प्रकार, कारण और उपाय (फोटो - sportskeedaहिन्दी)

आज के समय में हर्निया (Hernia) पुरुषों और महिलाओं में आम बीमारी है। ये परेशानी उस इंसान को अधिक होती है जिसके पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इस बीमारी में पीड़ित व्यक्ति की पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, इतना ही नहीं हर्निया के रोगियों को खड़े होने में खांसी की भी समस्या होती है। हर्निया कई प्रकार का होता है, ये परेशानी तब होती है जब पेट का कोई अंग किसी छेद की सहायता से बाहर निकलने लगता है और लेट जाने पर अंदर चला जाता है। हर्निया केवल पेट में ही नहीं होता है बल्कि ये जांघ के ऊपरी हिस्से, बीच पेट में और ग्रोइन क्षेत्रों को भी अपना निशाना बना लेता है। इस लेख में हर्निया के प्रकार, कारण और घरेलू उपाय बताए गए हैं, आइये इसके बारे में और जानकारी प्राप्त करें।

हर्निया के प्रकार, कारण और उपाय - Hernia Types, Causes And Home Remedies

हर्निया के प्रकार : Types Of Hernia

हर्निया स्त्री और पुरुष दोनों में ही अलग अलग प्रकार का होता है। इसके आधार पर भी इसे वर्गीकृत किया गया है। हर्निया को इसके किसी अंग से निकलने के आधार पर भी बांटा गया है, आइये जानते हैं कि इसके कितने प्रकार होते हैं।

- वेक्षण हर्निया (inguinal hernia)

- नाभि हर्निया (Umbilical)

- जघनास्थिक हर्निया (femoral hernia)

- इंसिज़नल हर्निया

हर्निया के कारण : Causes Of Hernia In Hindi

हर्निया मांसपेशियों की कमजोरी और तनाव के संयोग के कारण होता है। इसके कारण के आधार पर, हर्निया तेजी से या लंबे समय तक के लिए विकसित हो सकता है। गर्भ में पेट की दीवार ठीक से बंद होने में विफलता (जो एक जन्मजात दोष है), आयु, पुरानी खांसी या जोर से खांसना, चोट या सर्जरी से नुकसान, ज्यादा वजन उठाना, हैवी एक्सरसाइज करने पर, ओवर वेट होने की वजह और ज्यादा सीढ़ियां चढ़ने के कारण से हर्निया की समस्या हो सकती है।

हर्निया के घरेलू उपचार : Home Remedies For Hernia In Hindi

सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

सेब के सिरके में एसिडिक होता है, यह शरीर पर अल्काइन का प्रभाव करता है। सेब के सिरके का उपयोग करने के लिए एक गिलास गर्म पानी लें, इसमें एक चम्मच सिरका मिलाकर पी लें।

दालचीनी (Cinnamon)

दालचीनी पेट के निचले दर्द, एसिडिटी, पेट फूलने, खाना खाने के बाद डकार की समस्या को कम करती है। इसमें प्राकृतिक रूप से एंटासिड होता है। दालचीनी का पाउडर का उपयोग करने के लिए एक कप गर्म पानी लें, उसमें दालचीनी पाउडर को मिला लें, इसे गर्म चाय की तरह पी सकते हैं।

एलोवेरा (Aloevera)

हाइटल हर्निया की समस्या के लिए एलोवेरा अधिक फायदेमंद माना जाता है। यह आंत को साफ करने में बेहतर होता है। पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को कम करता है। खाना खाने के पहले एक चम्मच एलोवेरा का रस पी लें।

मालिश (Massage)

मसाज करने से हाइटल हर्निया की समस्या को कुछ हद तक ठीक कर सकते हैं। अगर आप खुद से मसाज करने वाले हैं तो सीधे लेट जाएं और अपनी उंगलियों से छाती के नीचे से मालिश करना शुरू करें, इसे निम्न प्रेशर लगाकर करें। इस प्रक्रिया को पांच मिनट सुबह और शाम करें।

गर्म पानी का सेवन (Hot Water)

सुबह उठने पर गर्म पानी पीने और व्यायाम करने से डायफ्राम को नीचे लाने में मदद मिलती है। इसके लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देना है, जैसे कि आप रोजाना सुबह उठकर एक गिलास गुनगुना पानी पियें। इससे पेट की मांसपेशियों और डायाफ्राम को आराम मिलता है।

व्यायाम (Exercise)

व्यायाम करने के लिए खड़े हो जाएँ और अपनी बाजुओं को सीधा करें और सीने की तरफ धीरे-धीरे जाएँ। इससे डायफ्राम के नीचे जाने व छिद्रो को खुलने में आसानी होगी। अपने हाथो को ऊपर कर मुँह खोलें और 15 सेकंड तक लंबी सांस लें। हांफने से डायाफ्राम सख्त होने लगता है और छिद्र बंद होने में मदद मिलती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Vineeta Kumar
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