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हींग के औषधीय गुण - Hing Ke Medicinal Properties

हींग के औषधीय गुण (source - google images)
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Vineeta Kumar

हींग, जिसे Asafoetida के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय मसाला है जिसका उपयोग भोजन को स्वादिष्ट बनाने और पाचन व मानसिक बीमारी के उपचार के लिए हर्बल दवाओं में किया जाता है। हालांकि, भोजन का स्वाद बढ़ाना ही हींग का काम नहीं है। भोजन में इसका उपयोग करने वाली मुख्य कारण गैस, पेट फूलना, सूजन और पेट फूलने जैसी पाचन संबंधी बीमारियों को रोकना है। हींग एक राल है जिसे फेरुला असाफोएटिडा (ferula asafoetida) पौधे की जड़ों को छोटे-छोटे कट बनाकर प्राप्त किया जाता है। रस जड़ों से निकलता है, जो जम कर हींग राल (हिंगु) में परिवर्तित हो जाता हैजो के मेडिसिन की दुनिया में मशहूर है।

Asafoetida (हींग) के स्वास्थ्य लाभों को इसके पाचन (digestive), वायुनाशक (carminative), इमेनगॉग (emmenagogue) और एनाल्जेसिक (antispasmodic) क्रियाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। यह भूख में सुधार, गैस मुक्त करने और पाचन को बढ़ावा देने के लिए लाभ देता है। आयुर्वेद और पारंपरिक हर्बल दवाओं में हींग पाउडर का एक बड़ा औषधीय महत्व है। पारंपरिक दवाओं में, इसका उपयोग पाचन रोग, मानसिक विकार, हृदय रोग और श्वसन संबंधी विकारों के लिए किया जाता है।

हींग के औषधीय गुण - Hing Ke Medicinal Properties

हींग, एक सर्वोत्कृष्ट भारतीय मसाले का उल्लेख है जो विभिन्न घरेलू उपचारों में किया गया है। यह सभी भारतीय रसोई में पाउडर और साबुत मसाले के रूप में उपलब्ध है तो आप आसानी से इसका सेवन कर सकते है। नियमित रूप से गुनगुने पानी में हींग का घोल पीने से असंख्य लाभ होते हैं। यह पाचन में सहायता करता है, वजन घटाने में मदद करता है, मधुमेह को नियंत्रित करता है और श्वसन संबंधी समस्याओं और संक्रमणों को दूर रखता है। हींग 5mg - 125mg तक ही प्रति दिन में इस्तेमाल किया जा सकता है उससे अधिक सेवन से फायदे से ज़्यादा नुक्सान देखने को मिल सकते है, कृपया नियमित सेवन करें।

हींग में रासायनिक घटक (chemical constituents in hing)

वाष्पशील तेल (volatile oil) हींग का मुख्य सक्रिय घटक है, जो इसके चिकित्सीय महत्व के लिए जिम्मेदार है। इसका मुख्य पादप-रासायनिक फेरुलिक अम्ल (ferula acid) है। फेरुलिक एसिड में एंटी-कैंसर, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-म्यूटाजेनिक, एंटी-नोप्लास्टिक, एंटी-ट्यूमर, एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-स्पास्मोडिक, हेपाटो-प्रोटेक्टिव, एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं।

हींग में निम्नलिखित उपचार करने वाले गुण हैं :

एंटी-कैंसर, एंटी-ल्यूकेमिक, फैट बर्नर, एंटीनोप्लास्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-गठिया, एंटीवायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-स्पास्मोडिक, एंटी-सेप्टिक, एंटीऑक्सिडेंट, माइल्ड सेडेटिव (बड़ी मात्रा में), पाचन उत्तेजक।

हींग निम्नलिखित स्वास्थ्य स्थितियों में सहायक है : (Therapeutic indications)

- हिस्टीरिया या असहनीय भावनात्मक ज्यादती (hysteria)

- आक्षेप (convulsion)

- मिरगी (epilepsy)

- स्किजोफ्रेनिआ (schizophrenia)

- डिप्रेशन (निष्क्रिय लक्षणों के साथ)

- लकवा (paralysis)

- चेहरे का लकवा (facial paralysis)

- साइटिका (Sciatica)

- अस्थमा (मुख्य लक्षण छाती में जमाव)

- स्वाइन फ्लू (H1N1)

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Vineeta Kumar
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