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टीबी का घरेलू उपचार- Tuberculosis (TB) ka gharelu upchar

टीबी का ये है बेहतरीन घरेलू उपचार
टीबी का ये है बेहतरीन घरेलू उपचार
Ritu Raj
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ट्यूबरक्लोसिस (TB) एक गंभीर बीमारी है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया की वजह से होती है। यह बैक्टीरिया अधिकतर फेफड़ों को निशाना बनाता है, लेकिन फेफड़े के साथ ही शरीर के अन्य अंग को भी यह नुकसान पहुंचा सकता है। यह हवा के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है। जब टीबी रोग से ग्रसित व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो यह बैक्टीरिया हवा के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को अपना शिकार बना लेता हैं। खासकर उनको ज्यादा खतरा रहता है जिसका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इस गंभीर बीमारी को भी कुछ घरेलू उपचार के जरिए ठीक किया जा सकता है।

टीबी के लिए घरेलू उपाय Home Remedies for TB in Hindi

ग्रीन टी (Green Tea Home Remedies for TB)

ग्रीन टी में शहद मिलाकर पीने से टीबी की समस्या से राहत पाया जा सकता है। एक रिसर्च की मानें तो ग्रीन टी सहित विभिन्न चाय की पत्तियों में एपिग्लो कैटेचिन-3-गैलेट (ईजीसीजी) नामक पॉलीफेनोल्स मौजूद होते हैं। जिसे लेकर माना जाता है कि यह गुण TB के जीवाणु को बढ़ने से रोक सकता है।

लहसुन (Garlic is beneficial in TB)

जिन्हें टीबी की समस्या है उन्हें अपने आहार में एक से दो चम्मच कुचला हुआ लहसुन या इसका पेस्ट शामिल करना लाभकारी हो सकता है। लहसुन में एलिसिन और अजिन नामक यौगिक होते हैं जो एंटी माइकोबैक्टीरियल गुण प्रदर्शित करते हैं। ये बैक्टीरिया को फैलने से रोकने में मदद करता है। ऐसे में लहसुन का सेवन टीबी में काफी फायदेमंद हो सकता है।

आंवला (Gooseberry/Amla helpful in tuberculosis)

आंवले के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर सेवन करना से टीबी की समस्या से छुटकारा मिलने में आसानी हो सकती है। आंवले में मौजूद विटामिन-सी शरीर में बतौर एंटीऑक्सीडेंट काम करते हैं। इसलिए, यह ट्यूबरक्लोसिस, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के घरेलू उपचार के लिए जरूरी माना जाता है।

साबुत काली मिर्च (black pepper beneficial in tuberculosis)

साबुत काली मिर्च को बटर या घी में भूनकर इसमें थोड़ा शहद और नींबू मिलाकर सेवन करने से ट्यूबरकुलोसिस की समस्या से आराम मिलने में मदद मिलता है। काली मिर्च में पिपेरिन नामक घटक पाया जाता है जो, इम्युनोमॉड्यूलेटरी एक्टिविटी की क्षमता रखता है। इसकी मदद से शरीर जरूरत के अनुसार बैक्टीरिया से लड़ता है और माइकोबैक्टीरियल को पनपने से रोकता है।

सहजन (Drumstick for tuberculosis)

टीबी की समस्या में सहजन की पत्तियों को काफी लाभकारी माना गया है। एक स्टडी की माने तो इसमें मौजूद एंटी माइक्रोबियल गुण ट्यूबरकुलोसिस से संबंधित बैक्टीरिया को शरीर में पनपने से रोक सकते हैं। इसके लिए सहजन की पत्तियों को पानी में उबाल लें। इसमें एक चम्मच नींबू का रस, एक चुटकी नमक और काली मिर्च डाल कर सुबह खाली पेट सेवन करने से काफी लाभ मिलेगा।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Ritu Raj
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