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सिर दर्द होने के 5 कारण : Sir Dard Hone Ke 5 Karan 

 सिर दर्द होने के कारण  (फोटो - myupchar)
सिर दर्द होने के कारण (फोटो - myupchar)
Naina Chauhan

लोगों की जिंदगी में रोजाना आए-दिन सिर दर्द ( Headache) सामना करना पड़ता हैं। लोग अक्सर सिर दर्द को सामान्य मान कर ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन अगर सिर दर्द की समस्या हमेशा रहती है तो इसे सामान्या ना लें यह गंभीर भी हो सकती है। एक व्यक्ति में 150 तरह के सिर दर्द हो सकते हैं। इसके लिए जरुरी है कि समय रहते आपको पता होना चाहिए इस दर्द के पीछे की असल वजह क्या है? जानते हैं सिर दर्द होने के 5 कारण।

जानिए सिर दर्द पीछे के क्या कारण होते हैं - Sir Dard Hone Ke Karan In Hindi

टेंशन में - लोगों में आमतौर पर टेंशन की वजह से होने वाला ये सबसे सामान्य सिरदर्द है। जो अक्सर व्यस्क और किशोरों में होता है। आमतौर पर इसमें कोई दूसरे लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। ये सिर दर्द आता-जाता रहता है। इसका मुख्य कारण तनाव / टेंशन ( tension) होता है।

माइग्रेन सर दर्द - माइग्रेन ( Migraine ) का सिर दर्द काफी तेज और असहनीय होता है। इस तरह का दर्द कुछ घंटों से लेकर, कुछ दिनों तक रह सकता है। माइग्रेन के सिर दर्द की खास पहचान ये है कि इसके कुछ और दूसरे लक्षण भी हैं। जैसे रोशनी/ लाइट से परेशानी होना, तेज आवाज से तकलीफ बढ़ना, उल्टी आना, जी-घबराना, भूख खत्म होना, पेट खराब होना, पेट दर्द आदि भी शामिल हैं।

क्लस्टर सर दर्द - इस सिर दर्द को क्लस्टर ( cluster) इसलिए बोलते हैं क्योंकि ये ज्यादातर ग्रुप्स में होते हैं। इसका मतलब आपको एक दिन में कई बार ये दर्द उठ सकता है। ये सबसे गंभीर और तेज असहनीय दर्द होता है. इसमें पीड़ित को आंखों के आस-पास जलन और कील चुभने जैसा एहसास होता है। आंखें सूखना, आंख लाल होना, प्यूपिल (आंख की पुतली) का छोटा होना या लगातार आंसू आते रहना है।

साइनस सिर दर्द - साइनस Sinusitis (sinus) का दर्द लगातार और तेज होता है। यह गाल की हड्डी, माथे या नाक के ऊपर वाली सतह पर हो सकता है। ये सिर दर्द, माथे में पाए जाने वाली कैविटी (साइनस) में सूजन आने के कारण होता है।

पोस्ट ट्रॉमेटिक सिर दर्द - चोट लगने के बाद पोस्ट ट्रॉमेटिक ( Post-traumatic) वाला दर्द होता है। ऐसा दर्द चोट लगने के दो तीन दिन बाद उभर सकता है। इसमें दर्द के दौरान आपको स्मृति से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। साथ ही थकान का एहसास होना, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी जैसी दिक्कतें भी होती हैं।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Naina Chauhan

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