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Vajrasana (वज्रासन)

आसन के बारे में

वज्रासन को उसका नाम उसको करते समय बनने वाली पोज के कारण मिलता है। इस आसन के समय आप एक वज्रवाली मुद्रा में होते हैं जो इस आसन के बारे में काफी कुछ कहता है। इससे आप अपनी पॉस्चर को ठीक कर सकते हैं और अपने ध्यान की अवस्था को भी ठीक कर सकते हैं। ये जरूरी नहीं है कि आप इसी आसन में ध्यान करें लेकिन आप इस आसन में प्राणायाम जरूर कर सकते हैं।


आसन से पहले क्या करें

इस आसन से पहले खुद को रिलैक्स करें और अगर चाहें तो पैरों की पिंडलियों को दबा सकते हैं। इससे आपको कोई नुकसान नहीं होगा। ये आसन आप पैर की पिंडलियों पर बैठकर ही करने वाले हैं। ऐसे में अगर आप उनको दबा लेंगे तो उससे आसन के समय आपको आराम होगा जो बेहद जरूरी है।


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वज्रासन को नियम वर कैसे करें

इस आसन के लिए आप सबसे पहले तो खुद को घुटनों के बल सीधा खड़ा कर लें। जी हाँ, आपको पूरी तरह से खड़ा नहीं होना है। आप इस स्थिति में आने के बाद अगले कदम को करें जिसमें आप अपने कूल्हों को एड़ियों पर रखें और पंजों की उँगलियों को बाहर की तरफ रखें जबकि आपके पैरों के अंगूठे एक दूसरे को छूते हुए रहने चाहिए।

इस आसन का मकसद एक सीधी रीढ़ और आपको देखने का एक बड़ा नजरिया देना है। इसलिए सर, गर्दन और रीढ़ को एक सीधी रेखा में रखें और आपकी रीढ़ झुकी हुई नहीं होनी चाहिए। इसके बाद आप साँस को खींचें और छाती में इसके कारण आ रहे बदलाव का अनुभव करें। आपका शरीर और उठ गया होगा और छाती चौड़ी हो गई होगी। दस सेकेंड तक ऐसी अवस्था में रहने के बाद अब आप साँस छोड़ें और फिर पहली वाली अवस्था में आ जाएं। आप इस आसन को कम से कम बीस बार जरूर करें।


वज्रासन के बाद क्या करें

इस आसन के कारण आपके शरीर में खून का बहाव तेज हो गया होगा। इसलिए अपनी टांगों को सीधा कर लें और अब हाथों से टोज को छूने का प्रयास करें। इसके साथ साथ आप अपने हाथों को घड़ी की दिशा और विपरीत दिशा में घुमाएं और पंजों के साथ भी इसी क्रम को दोहराएं।


वज्रासन से होने वाले लाभ

पेट से जुड़ी किसी दिक्कत से दो चार हो रहे हैं तो ये आसन आपको अच्छा अनुभव देगा। अगर आप खाने के बाद इस आसन में बैठते हैं तो उससे आपको काफी लाभ होगा। यदि आप अबतक ये मानते आए थे कि खाना खाने के बाद योग नहीं करना चाहिए तो ये उस मिथक को भी तोड़ने का काम करेगा। पैरों और जाँघों पर इस शरीर का पूरा भार होता है और अगर आप इस आसन को करते हैं तो उससे इन दोनों की नसों में फायदा देखने को मिलता है।


वज्रासन से किसे बचना चाहिए

अगर आपको स्लिप डिस्क की दिक्कत है या आपको पैर के पंजों, एड़ियों या घुटनों में कोई दिक्कत हो तो इस आसन को करने से बचना चाहिए। अगर आप चलने फिरने में असमर्थ हैं तो इस आसन को किसी की देखरेख में ही करें या फिर ना ही करें क्योंकि आसन का मकसद सेहत को ठीक करना है उसे बिगड़ना नहीं।

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