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मानसिक तनाव होने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं?

What to eat and what not to eat when you have mental stress?
मानसिक तनाव होने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं?
वैशाली शर्मा

खाने-पीने का हमारी जिंदगी में क्या असर पड़ता है, यह हर कोई जानता है और यही वजह है कि मानसिक तनाव में क्या खाएं क्या ना खाएं यह एक बहुत बड़ा फर्क महसूस कर आता है. जब कोई व्यक्ति खराब मानसिक स्वास्थ्य के कारण जिंदगी में परेशानियों से जूझ रहा होता है तो उसके लिए खान पीन में किआ गए ये कुछ बदलाव काम आ सकते हैं । तो चलिए जानते हैं कि मानसिक तनाव होने पर किसी व्यक्ति को क्या खाना चाहिए और किस खाने से परहेज करना चाहिए।

क्या खाएं:

ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति को मानसिक तनाव होने पर जूसी फल खाने चाहिए जैसे कि आप संतरा खा सकते हैं अंगूर, जामुन, तरबूज, खरबूजा या आम भी खा सकते हैं. यह सारे ही फल बहुत ही पाष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं. साथ ही धुध, दही और डेरी प्रोडक्ट्स को भी अपने खान पीन में शामिल करे ये आपको आचे विटामिन्स और कैल्शियम देतें हैं। साथ ही हम कुछ हरी सब्जियों को भी अपने खान पीन में शामिल कर सकते हैं हरी सब्जियों में काफी अच्छा विटामिन और मिनरल्स होता है. जो हमें पोस्टिक आहार देता है जरूरी है कि हम अपने खाने में किसी भी तरह का कोई भी मांसाहारी भोजन ना शामिल करें.

क्या ना खाए।

मानसिक तनाव झेल रहे व्यक्ति को क्या नहीं खाना है इस बात का बेहद ध्यान रखना चाहिए क्योंकि अगर आप मानसिक तनाव झेल रहे हैं और ऐसे में अगर आप किसी प्रकार का कोई पदार्थ ले रहे हैं या मांसाहारी भोजन कर रहे हैं या फिर आप धूम्रपान या शराब का सेवन कर रहे हैं तो यह आपके मानस को बहुत ज्यादा पीड़ा पहुंचा सकता है इसलिए जरूरी है कि हम इन सभी चीजों से दूरी बनाए रखें ।

आपको यहां पर कुछ एडिशनल टाइप देना चाहूंगी, इन टिप्स का इस्तेमाल कर आप अपनी जीवन को खूबसूरत बना सकते हैं, निम्नलिखित पर ध्यान दें:

एक्सरसाइज करना : व्यायाम जिंदगी के लिए कितना जरूरी है यह बताने की जरूरत नही है फिर चाहे आप जिम जाते हैं या फिर योगा या कार्डियो करतें हैं, या फिर आप किसी और तरह के व्यायाम में रुचि रखते हैं तो आप उस व्यायाम को करना ना भूले दिन में किया गया एक बार का व्ययायम आपके जीवन को सफल और सुरक्षित के साथ-साथ स्वस्थ भी बनाए रखता है.

किसी हॉबी को अपनाना: धरती पर ऐसा कोई भी इंसान नहीं है जिसकी कोई रुचि या चाहत ना हो. हो सकता है आपको पेंटिंग करना पसंद हो, या हो सकता है आपको डांस करना पसंद हो, आप को बच्चों को पढ़ाना भी पसंद हो सकता है या आपकी पसंद कोई भी हो सकती है. जरूरी है अपनी पसंद को महत्व देना अपनी पसंद को अपनी दिनचर्या में शामिल करना. यह आपके मानसिक सुख में बढ़ोतरी देता है जिसके कारण आपका मानस बहुत ही खुश और शांत महसूस करता है.

परिवार के साथ समय बिताना: क्या आप दिनभर व्यस्त रहते हैं परिवार वालों के लिए भी समय नहीं है अगर ऐसा है तो आप जाने अनजाने अपने परिवार से दूरी बना रहे हैं बल्कि परिवार वालों के लिए भी आपकी कमी महसूस होना लाजमी है इसलिए जरूरी है कि आप अपने परिवार के साथ समय बिताएं. जरूरी नहीं उनके साथ सुबह से शाम तक रहे पर आप उनके साथ टाइम का भोजन कर सकतें हैं और ऐसा करने से आप सम्पूर्ण और प्रसन्न महसूस करेंगे.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by वैशाली शर्मा

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