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इन 2 योगासनों से शरीर और स्वास्थ्य को रखे निरोग और बेहतर

कपालभाति और अनुलोम विलोम
कपालभाति और अनुलोम विलोम
Amit Shukla
ANALYST
Modified 01 Jun 2020, 10:42 IST
फ़ीचर
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योग एक ऐसा विज्ञान है जिसके माध्यम से हम अपने शरीर की भौतिक, मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और आध्यात्मिक शक्ति को एकाग्रचित्त कर सकते हैं। इसके साथ साथ अगर आप अपने शरीर को ठीक रखना चाहते हैं तो उसके लिए ये विज्ञान काफी आवश्यक है। इसे करने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि उस समय दिन की शुरुआत हो रही होती है और आप अपनी ऊर्जा को स्थायी रूप देकर खुद के लिए एक बेहतर दिन की शुरुआत कर रहे होते हैं।

इसकी वजह से आप अपने दिन को अच्छा कर पाते हैं और आपके सोचने की शक्ति को भी फायदा होता है। आपको बताते चलें कि योग में चौरासी लाख आसन हैं लेकिन बदलते वक्त के साथ इनकी संख्या कम होती गई और अब सिर्फ 32 आसन ही प्रमुखता से इस्तेमाल किए जाते हैं। ये 32 आसन उन सभी आसनों का निचोड़ है और इनके साथ साथ पाँच मुद्राएं भी होती हैं जिन्हें आप कर सकते हैं। 

भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के लिए वक्त निकाल पाना मुश्किल है इसलिए अगर आप सभी आसन नहीं कर सकते हैं तो भी नीचे दिए गए दो आसन जरूर करें क्योंकि ये सबसे महत्वपूर्ण हैं। इनकी मदद से आप अपने शरीर की हर परेशानी को दूर कर सकेंगे। इन दो आसनों के बारे में आपको हर जगह बताया जाता है और उसका अभ्यास भी करवाया जाता है। आइए हम आपको उन दो आसनों को करने की सही विधि बताते हैं ताकि आपको कभी सेहत से जुड़ी दिक्क्त ना आए:

अनुलोम विलोम

अनुलोम विलोम
अनुलोम विलोम

तरीका

1. आप पालथी या चौकड़ी मार लें।

2. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए।

3. अब अनामिका अंगुली से बाई नासिका को बंद कर दें।

4. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें।

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5. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड दें।

फायदे

1. अनुलोम विलोम करने से फेफड़े मजबूत होते हैं।

2. इससे बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता।

3. अनुलोम विलोम प्राणायाम तनाव या डिप्रेशन को दूर करने के लिए अच्छा है।

कपालभाति

तरीका

1. अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, आराम से बैठ जाएँ। अपने हाथों को आकाश की तरफ, आराम से घुटनों पर रखे। एक लंबी गहरी साँस अंदर लें।

2. साँस छोड़ते हुए अपने पेट को अंदर की ओर खींचे। अपने पेट को इस प्रकार से अंदर खींचे की वह रीढ़ की हड्डी को छू ले। जितना हो सके उतना ही करें। पेट की मासपेशियों के सिकुड़ने को आप अपने पेट पर हाथ रख कर महसूस कर सकते हैं। नाभि को अंदर की ओर खींचे।

फायदे

1. यह मेटाबॉलिज़्म प्रक्रिया को बढ़ाता है और वज़न कम करने में मदद करता है और साथ ही नाड़ियों का शुद्धिकरण करता है।

2. पेट की मासपेशियों को सक्रिय करता है जो कि मधुमेह के रोगियों के लिए अत्यंत लाभदायक है।

3. पाचन क्रिया को अच्छा करता है और पोषक तत्वों का शरीर में संचरण करता है। आपके पेट की चर्बी कम हो जाती है।

4. मन को शांत करता है।

21 जून को विश्व योग दिवस है और अगर आप खुद को फिट करना चाहते हैं तो इन दो योगों को आज से ही करने लगे।

Published 01 Jun 2020, 10:42 IST
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