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कान के लिए योगासन- Kaan ke liye Yoga Asanas

जानिए कान के लिए योगासन(फोटो:iDiva)
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Ritu Raj

शरीर से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर हम असहज महसूस करने लगते हैं। कुछ ऐसे शरीर के पार्ट्स हैं जिनमें परेशानी होने पर हमें थोड़ा उलझन होने लगता है। जैसे सर्दी के मौसम में नाक बहना, छींक आना या फिर कान में खुजली, दर्द होने पर हमें थोड़ी असहजता महसूस होती है। कान से जुड़ी कई समस्याएं इन दिनों तेजी से बढ़ते जा रही हैं। इसका कारण लगातार बढ़ रहा प्रदूषण और शोर-शराबा, कानों में इयरफोन लगाकर ज्यादा तेज आवाज में गाने सुनना, कानों की ठीक तरह से सफाई न करना, अधिक शोर वाली जगह पर काम करना, कानों में मैल जम जाने से कानों की सुनने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। इससे बहरापन होने की भी समस्या आ सकती है। आज हम बात करेंगे उन योगासन के बारे में जो कानों के लिए फायदेमंद होते हैं।

कान के लिए योगासन yoga Asanas for ears in Hindi

शशकासन (Sasakasana for Ears)

कान के लिए शशकासन काफी फायदेमंद आसन है, इससे कानों से जुड़ी कई समस्या खत्म हो सकती है। हालांकि, इसके लिए आपको ये योग नियमित रूप से करना होगा। इस योग को करने के लिए घुटनों को जमीन पर मोड़कर बैठ जाएं। उसके बाद सामने की ओर झुकें और दाढ़ी को जमीन से लगाएं। हाथों को सामने खींच कर रखें। 10-15 सांस खींचे और फिर सामान्य स्थिति में लौट आएं। नियमित रूप से करने पर काफी फर्क समझ आएगा।

भुजंगासन (Health Benefits of Bhujangasana for Ears)

योग करने से शरीर के किसी एक अंग को नहीं बल्कि कई सारे अंग को फायदा पहुंचता है। भुजंगासन करने से सिर्फ कानों को ही फायदा नहीं होगा बल्कि, तनाव-डिप्रेशन, थायराइड के अलावा कई समस्याओं में इसका लाभ मिलता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को आपस में मिलाकर सीधा रखें। कंधों के नीचे हथेली को जमा कर गर्दन, सिर व नाभि तक पेट ऊपर उठाएं। 10-15 बार सांस लें और फिर जमीन पर पहुंचकर आराम करें। इसे कम से कम 3 बार दोहराएं।

शवासन (Shavasana Health Benefits and Ears)

शवासन करने में काफी आसान है। इस साधारण योग से कई सारे बड़े फायदे हैं, सिरदर्द की समस्या में इसे करने से काफी राहत मिलता है। साथ ही जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर है उन्हें भी ये योग करना चाहिए। इससे काफी फायदा मिलता है। कान की भी समस्या में ये योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। आंखें बंद कर सांसों को सामान्य रूप से चलने दें। इस आसन में शव की तरह स्थिति हो जाने की वजह से ही इसे शवासन कहा जाता है।

ब्रह्ममुद्रा (Brahmamudra asana Health Benefits)

ब्रह्ममुद्रा आसन करने के लिए कमर सीधी रखकर बैठ जाएं और गर्दन को ऊपर-नीचे कम से कम 10 बार करें साथ ही दाएं-बाएं भी 10 बार करें। फिर धीरे-धीरे गर्दन को गोल-गोल क्लॉक वाइज और एंटी-क्लॉक वाइज घुमाने की कोशिश करें। इस आसन को करते हुए आंखें खुली रखें। इससे कान की समस्याओं के साथ ही कई और समस्याओं में लाभ मिलता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Ritu Raj
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