Create
Notifications
New User posted their first comment
Advertisement

15 अक्‍टूबर से ओलंपिक संभावितों के लिए दो महीने का शूटिंग कैंप होगा शुरू

कोचिंग कैंप पर लगी मुहर
कोचिंग कैंप पर लगी मुहर
Vivek Goel
SENIOR ANALYST
Modified 08 Oct 2020, 21:50 IST
न्यूज़
Advertisement

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने गुरुवार को ओलंपिक संभावित शूटरों के लिए 15 अक्‍टूबर से दो महीने के कोचिंग कैंप पर मुहर लगा दी है। ओलंपिक संभावित शूटरों के लिए 15 अक्‍टूबर से 14 दिसंबर तक कैंप आयोजित होगा, जिसका स्‍वागत खेल की शीर्ष ईकाई ने किया। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण दो बार शूटरों का राष्‍ट्रीय कैंप स्‍थगित हुआ। भारतीय नेशनल राइफल एसोसिएशन (एनआरएआई) के पास स्थिति सुधरने के अलावा कोई विकल्‍प नहीं बचा था।

ओलंपिक संभावित शूटरों के लिए नेशनल कैंप का आयोजन राष्‍ट्रीय राजधानी में डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में होगा, जिसमें कुल 32 निशानेबाज (18 पुरुष और 14 महिलाएं), 8 कोच, तीन विदेशी कोच और दो सपोर्ट स्‍टाफ शामिल होंगे। साई द्वारा जारी बयान के मुताबिक सभी 15 ओलंपिक कोटा विजेता कैंप का हिस्‍सा होंगे, जिसमें कुल खर्च 1.43 करोड़ रुपए का होगा।

साई ने अपने बयान में कहा, 'ओलंपिक्‍स जैसे प्रतिष्ठित इवेंट के लिए कैंप का आयोजन बहुत जरूरी है। कैंप का आयोजन साई के एसओपी को ध्‍यान में रखते हुए किया जाएगा।'

2018 विश्‍व चैंपियनशिप्‍स की सिल्‍वर मेडलिस्‍ट राइफल शूटर अंजुम मुदगिल कैंप में लौटने की खबर जानकर खुश हैं। उन्‍होंने टोक्‍यो ओलंपिक कोटा हासिल किया है। मुदगिल ने कहा, 'यह बहुत अच्‍छा है कि साई और एनआरएआई ने इस कैंप के आयोजन का सोचा, जिससे ओलंपिक्‍स में जाने से 10 महीने पहले हमें अभ्‍यास करने का मौका मिलेगा। कैंप के माहौल में लगातार शूटिंग करने से हमें पता चलेगा कि किस जगह खड़े हैं।'

कैंप की स्‍वीकृति मिलने से खुश हैं शूटिंग चैंपियंस

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के बीच शूटर्स ने अपनी घरेलू रेंज में अभ्‍यास किया और अब यह पहला मौका होगा जब ओलंपिक संभावित लॉकडाउन से पहली बार कैंप में हिस्‍सा लेंगे। जहां नेशनल टीम के कोच कैंप में शूटरों की प्रगति पर ध्‍यान देंगे, तो उन्‍हें ओलंपिक तैयारियों में एथलीट्स को तैयार करने में मदद मिलेगी।

पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल में विश्‍व नंबर-1 दिव्‍यांश सिंह पवार का पूरा ध्‍यान आगामी कैंप पर लगा है। दिव्‍यांश ने कहा, 'भले ही लॉकडाउन में मैंने अभ्‍यास किया। मगर सभी साथी शूटरों के साथ कैंप में ट्रेनिंग करना और राष्‍ट्रीय कोचों की मौजूदगी में अभ्‍यास करने से हमारी तैयारियां बेहतर होंगी। हमारी प्रगति में निगाह भी रखी जाएगी।'

एनआरएआई अध्‍यक्ष रनिंदर सिंह ने कैंप के बारे में बात करते हुए कहा, 'हमारे निशानेबाजों ने लॉकडाउन के दौरान घरेलू रेंज में अभ्‍यास किया, लेकिन एकसाथ कैंप में ट्रेनिंग करने से इन्‍हें ज्‍यादा मदद मिलेगी। हम बहुत खुश हैं कि साई ने दो महीने के ट्रेंनिग कैंप पर स्‍वीकृति दी, जिससे हमारे निशानेबाजों को प्रदर्शन में सुधार करने का शानदार मौका मिलेगा।'

भारत ने टोक्‍यो ओलंपिक्‍स के लिए शूटिंग में रिकॉर्ड 15 कोटा हासिल किए और विश्‍व रैंकिंग के आधार पर ज्‍यादा कोटा हासिल करने की उम्‍मीद है। बता दें कि 1 अगस्‍त को पहले अनिवार्य कैंप की योजना बनाई गई थी, जो कोरोना वायरस महामारी के कारण स्‍थगित करना पड़ी। फिर दोबारा 1 अक्‍टूबर को कैंप आयोजन का सोचा, लेकिन इसे भी समान कारण से आगे टालना पड़ा।

Published 08 Oct 2020, 21:50 IST
Advertisement
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now
❤️ Favorites Edit