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टेनिस के ये 10 दिग्गज जिन्हें अपने करियर में चुनिंदा खिताब नहीं जीतने का रहेगा मलाल

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Modified 27 Oct 2016, 19:23 IST
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अपने खेल में दिग्गज हो जाना, महान कहलाना ही हर खिलाड़ी का सपना होता है; टेनिस भी कुछ अलग नहीं। कितने ही खिलाड़ियों ने, इतने वर्षों में, टेनिस के अपने पूरे करियर में अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाकर टेनिस को अलंकृत किया है।  इनमें से कितने ही खिलाड़ी विश्व नंबर 1 रहे हैं, सभी चार ग्रैंड स्लैम जीतें हैं, ओलंपिक स्वर्ण जीते हैं, और फिर एक स्टेफी ग्राफ भी रहीं, जिन्होंने 1988 में गोल्डन स्लैम जीतने का कारनामा कर दिखाया जिसका मतलब है चारों ग्रैंड स्लैम और ओलंपिक स्वर्ण एक ही साल में जीत कर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में सदा के लिए दर्ज कर लेना। हालांकि कुछ ऐसे भी दिग्गज रहे जिन्होंने कई बड़े टूर्नामेंट्स में ट्रॉफियाँ जीतीं पर कुछ ट्रॉफियाँ उनके कैबिनेट तक नहीं पहुँच पाईं। चलिए, नज़र डालते हैं ऐसे कुछ टेनिस दिग्गजों के नाम पर जिन्होंने अपने पूरे करियर में शानदार प्रदर्शन किया पर कुछ बड़े टूर्नामेंट्स जीतने में नाकाम रहे ।


#10 मार्टिना हिंगिस - फ्रेंच ओपन मार्टिना हिंगिस का नाम नया नहीं। महानतम खिलाड़ियों की सूची में हिंगिस शायद सबसे ऊपर आतीं हैं पर यदि हम आपको बताएं कि उनके नाम फ्रेंच ओपन का खिताब नहीं है तो आपके लिए ये ज़रूर अविश्वसनीय होगा । वो उन कुछ गिनी-चुनी खिलाड़ियों में से एक हैं जो कम से कम हर प्रमुख टाइटल के सिंगल, डबल और मिक्स्ड डबल्स के फाइनल तक तो पहुंची ही हैं पर उनकी टखने की चोटों ने उन्हें जाने कितने ही बड़े टाइटल्स से दूर रखा, नहीं तो हिंगिस ज़रूर ही अपने नाम रहे ग्रैंड स्लैम सिंगल्स टाइटल्स के तीन गुने टाइटल्स की हकदार थीं । हिंगिस 209 हफ़्तों तक WTA रैंकिंग के शीर्ष पर रहीं। 15 साल, 9 महीने की छोटी उम्र में हिंगिस सभी तीन सर्किट में सबसे छोटी ग्रैंड स्लैम चैंपियन बनीं और फिर 16 साल और 117 दिन की उम्र में, मोनिका सेलेस से मात्र 72 दिन पहले हिंगिस ने अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता और सबसे कम उम्र की ग्रैंड स्लैम सिंगल्स चैंपियन बनीं। इस 'स्विस मिस' के नाम पांच ग्रैंड स्लैम एकल खिताब हैं। 1997-1999 से लगातार तीन बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब, 1997 में एक विंबलडन खिताब, और 1997 में एक अमेरिकी ओपन खिताब भी  हिंगिस के नाम हैं। 1998 और 2000 में दो डब्ल्यूटीए फाइनल खिताब भी मार्टिना हिंगिस के नाम शामिल हैं। हालांकि, हिंगिस 1997 और 1999 में फ्रेंच ओपन के फाइनल में ज़रूर पहुंची पर खिताब जीतने में नाकाम रहीं।  1997 हिंगिस के लिए बेहतरीन साल रहा था, ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने के साथ ही हिंगिस को फ्रेंच ओपन के खिताब का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। पहली वरीयता प्राप्त हिंगिस ने क्वार्टरफाइनल और सेमी फाइनल में क्रमशः Arantxa Sanchez Vicario और Monica Seles को हराया था पर फाइनल में नौवीं वरीयता प्राप्त क्रोएशियाई इवा मजोली से सीधे सेटों में हार गयीं थीं। दो साल बाद, 1999 में, फिर एक बार शीर्ष खिलाड़ी के रूप में हिंगिस फाइनल में पहुचीं और स्टेफी ग्राफ से होने वाले फाइनल गेम से पहले तक हिंगिस पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं हारीं थीं। फाइनल में भी हिंगिस ने पहला सेट जीता और दूसरे सेट में भी जीत से बस तीन अंक दूर थीं कि ग्राफ ने गेम में वापसी की और मैच और खिताब दोनों हिंगिस से छीन ले गयीं । उसके बाद हिंगिस 2000 और 2001 में कुछ सेमी फाइनल गेम्स में दिखाई दीं पर लगातार लगती रहीं चोटों ने उन्हें समय से पहले रिटायर करने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, हिंगिस वापस आयीं पर 2006 में बस क्वार्टर फाइनल तक ही पहुँच सकीं। मार्टिना हिंगिस निश्चित रूप से सबसे महानतम महिला टेनिस खिलाड़ी रहीं हैं पर सिंगल्स में करियर स्लैम से वंचित रह गयीं।
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Published 27 Oct 2016, 19:23 IST
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