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रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों पर लगे विम्बल्डन बैन को जोकोविच ने कहा 'पागलपन', रुब्लेव भी भड़के

जोकोविच, रुब्लेव समेत कई टॉप टेनिस खिलाड़ी खुलकर विम्बल्डन बैन के विरोध में आ गए हैं।
जोकोविच, रुब्लेव समेत कई टॉप टेनिस खिलाड़ी खुलकर विम्बल्डन बैन के विरोध में आ गए हैं।

विम्बल्डन के आयोजकों की ओर से इस साल रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर यूक्रेन युद्ध के कारण लगाए गए बैन के बाद फैंस समेत टॉप टेनिस खिलाड़ी भी इस फैसले के विरोध में आवाज उठा रहे हैं। विश्व नंबर 1 सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के इस फैसले को पागलपन बताया है। जोकोविच ने सर्बिया ओपन के दौरान रिपोर्टर्स से बात करते हुए कहा कि वो युद्ध की निंदा करते हैं लेकिन जब राजनीति खेलों में दखल देती है तो परिणाम अच्छा नहीं होता।

जोकोविच ने साफ किया कि वो युद्ध के विरोध में हैं लेकिन खेल में दखलअंदाजी के खिलाफ हैं।
जोकोविच ने साफ किया कि वो युद्ध के विरोध में हैं लेकिन खेल में दखलअंदाजी के खिलाफ हैं।

फरवरी में रूसी सेना ने यूक्रेन में घुसकर युद्ध की शुरुआत की जिसके बाद पड़ोसी देश बेलारूस ने रूस का समर्थन किया। इसके बाद से ही दुनियाभर के कई देश रूस की हरकत के विरोध में आ गए। अमेरिका, यूरोपीय देशों ने रूस और बेलारूस के खिलाफ कई प्रतिबंध लगा दिए। खेल संघों ने भी रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों पर बैन लगाया। फीफा ने विश्व कप क्वालिफिकेशन से रूस को बाहर कर दिया। ITF, ATP और WTA ने टीम मुकाबलों से रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को प्रतिबंधित किया था। लेकिन सिंगल्स और डबल्स की प्रोफेशनल प्रतियोगिताओं में इस खिलाड़ियों को अपने देश के झंडे के बिना खेलने का मौका दिया। लेकिन विम्बल्डन आयोजकों की ओर से साल के तीसरे और सबसे प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम से रूसी, बेलारूसी खिलाड़ियों को बैन करने के विरोध में ATP और WTA ने भी बयान जारी किए हैं।

रुब्लेव ने भी उठाई आवाज

रुब्लेव पहले ही कई मौकों पर युद्ध के विरोध में बयान दे चुके हैं।
रुब्लेव पहले ही कई मौकों पर युद्ध के विरोध में बयान दे चुके हैं।

जोकोविच के अलावा रूस के एंड्री रुब्लेव ने भी इस फैसले को गलत बताया है। विश्व नंबर 8 रुब्लेव ने इस फैसले को भेदभावपूर्ण कहा है। फरवरी में कतर ओपन के दौरान रुब्लेव ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में जीत के बाद कैमरे पर 'NO WAR PLEASE' लिखते हुए युद्ध के विरोध में आवाज उठाई थी। ऐसे में पहले ही अपना रुख साफ कर चुके रुब्लेव ने एक स्टेटमेंट में कहा कि जो कारण उन्हें और बाकी खिलाड़ियों को दिया जा रहा है वह तथ्यहीन है। रुब्लेव के मुताबिक ऐसे कदम से किसी परेशानी का हल नहीं निकलेगा बल्कि किसी की राष्ट्रीयता के आधार पर नफरत बढे़गी।

'I'm ready to cry now.'An emotional Martina Navratilova reflects on her past as well as Russian and Belarusian players being banned from competing at Wimbledon.@AndrewMarr9 | @Martina https://t.co/kEIwInCTOy

टेनिस लेजेंड अमेरिका की मार्टिना नवरातिलोवा ने भी इस बैन को दुर्भाग्यपूर्ण कहा है। मार्टिना खुद छोटी सी उम्र में चेकोस्लोवाकिया में चले युद्ध के बाद अमेरिका की नागरिक बनीं थीं। ऐसे में मार्टिना ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह युद्ध का दर्द जानती हैं लेकिन खिलाड़ियों को बैन करने का फैसला इस युद्ध की घड़ी में किसी की मदद नहीं करेगा।

वहीं यूक्रेन के टेनिस खिलाड़ियों ने विम्बल्डन आयोजकों के फैसले पर कहा कि अगर रूसी और बेलारूसी खिलाड़ी अपने देशों की युद्ध नीति के विरोध में बात करते हैं और ऐलान करते हैं कि वो अपने देश की सेनाओं के कदम का समर्थन नहीं करते, तो उन्हें खेलने की इजाजत मिलनी चाहिए।

Edited by Prashant Kumar
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