सुमित नागल ने जीता रोम चैलेंजर का खिताब, यूरोपियन क्ले कोर्ट पर चैलेंजर टाइटल जीतने वाले पहले भारतीय

सुमित नागल के करियर का यह तीसरा एटीपी चैलेंजर खिताब है।
सुमित नागल के करियर का यह तीसरा एटीपी चैलेंजर खिताब है

भारत के सुमित नागल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ इटली में रोम चैलेंजर का खिताब जीत लिया है। 25 साल के सुमित ने एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट के फाइनल में नीदरलैंड्स के जैस्पर डि जोंग को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से मात दी और चार साल के इंतजार के बाद कोई चैलेंजर खिताब हासिल किया। खास बात यह है कि सुमित बतौर क्वालीफ़ायर इस टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ में पहुंचे थे।

सुमित ने मुख्य ड्रॉ में खेलते हुए पहले राउंड मे चौथी सीड इटली के फ्रांसेस्को मास्तरेली को मात दी थी। इसके बाद दूसरे दौर में इटली के ही फॉस्टो तबाको को हराने में कामयाब हुए थे। क्वार्टर-फाइनल में सुमित ने नीदरलैंड्स के मैक्स होकेस को हराया जबकि सेमीफाइनल में बेल्जियम के जोरिस डे लूर को हराकर खिताबी मैच तक पहुंचे थे। सुमित ने अपने करियर में आखिरी बार साल 2019 में अर्जेंटीना में ब्यूनस एरीस एटीपी चैलेंजर जीता था और अब रोम में जीत के साथ ही चार साल का सूखा खत्म किया है।

सुमित इसी के साथ यूरोप में क्ले कोर्ट पर होने वाला कोई भी एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट जीतने वाले भी पहले भारतीय सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं। सुमित पिछले दो सालों से चोट के कारण कोर्ट से दूर थे और कुछ समय पहले ही उन्होंने प्रोफेशनल मुकाबले खेलना दोबारा शुरु किया था। इस टूर्नामेंट में भाग लेते समय सुमित की एटीपी रैंकिंग 347 थी और अब इस जीत के साथ उनकी रैंकिंग 253 होने की उम्मीद है। वर्तमान समय में सुमित सर्वोच्च सिंगल्स रैंकिंग प्राप्त भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं।

सुमित नागल ने अपने करियर में सबसे पहले साल 2015 का विम्बल्डन बालक डबल्स खिताब जीतकर प्रसिद्धि पाई थी। साल 2017 में बेंगलुरु एटीपी चैंलेंजर उनके करियर का पहला बड़ा खिताब था और अब उनके हाथ तीसरी चैलेंजर ट्रॉफी लग गई है। फैंस उम्मीद जता रहे हैं कि सुमित को मई के अंत में शुरु हो रहे फ्रेंच ओपन के मुख्य ड्रॉ में भाग लेने का मौका मिल सके।

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