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अमेरिकी यात्रा के लिए एक महीने पहले ही रवाना हुईं मीराबाई चानू

मीराबाई चानू
मीराबाई चानू
Vivek Goel
ANALYST
Modified 16 Oct 2020, 20:30 IST
न्यूज़
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भारत की स्‍टार भारोत्‍तोलक मीराबाई चानू अमेरिका के लिए जल्‍दी रवाना हो गई हैं। मीराबाई चानू को अगले महीने कंसास सिटी के लिए रवाना होना था, लेकिन उन्‍होंने पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द की शिकायत करके जल्‍दी जाने का फैसला किया। भारतीय भारोत्‍तोलन संघ (आईडब्‍ल्‍यूएलएफ) के अधिकारी के मुताबिक मीराबाई चानू बुधवार को अपने प्रमुख राष्‍ट्रीय कोच विजय शर्मा और फिजियोथेरेपिस्‍ट अकरांत सक्‍सेना के साथ दिल्‍ली से न्‍यूयॉर्क होते हुए कंसास के लिए रवाना हुईं। कंसास में वह ट्रेनिंग और रीहैब प्रोग्राम में हिस्‍सा लेंगी। मीराबाई चानू सेंट लुईस सिटी में रहेंगी और स्‍थानीय एलएबी जिम में अभ्‍यास करेंगी, जहां अगले दो महीने तक वो ट्रेनिंग करेंगी।

मीराबाई चानू पिछले महीने पारिवारिक छुट्टी के लिए अपने गृहनगर इम्‍फाल, मणिपुर गई थीं। इसके बाद वह भारोत्‍तोलन के राष्‍ट्रीय कैंप के लिए एनआईएस पटियाला आईं। यहां पहुंचने पर उन्‍होंने 14 दिन के अनिवार्य एकांतवास में हिस्‍सा लिया। मीराबाई चानू की क्‍वारंटीन अवधि सोमवार को समाप्‍त हुई। सूत्रों के मुताबिक मीराबाई चानू को घर जाने के बाद पीठ में ज्‍यादा दर्द महसूस हुआ। पूर्व विश्‍व चैंपियन ने जब से 2018 गोल्‍ड कोस्‍ट सीडब्‍ल्‍यूजी में गोल्‍ड मेडल विजेता बनने का प्रयास किया, तभी से मीराबाई चानू को पीठ दर्द की समस्‍या हो रही है। इसके चलते वह जकार्ता एशियाई गेम्‍स और विश्‍व चैंपियनशिप में हिस्‍सा नहीं ले सकी थीं। अप्रैल 2019 में एशियाई चैंपियनशिप्‍स में मीराबाई चानू चौथे स्‍थान पर थीं।

हालांकि, घर जाने पर अचानक दर्द और उनकी पीठ दर्द की समस्‍या की गंभीरता को देखते हुए कोचिंग स्‍टाफ ने अमेरिका जल्‍दी जाने का फैसला किया। यह जानते हुए कि मीराबाई चानू को 203 किग्रा तक वजन उठाना पड़ सकता है तो उनके प्रदर्शन में सुधार के लिए कोच नहीं चाहते कि चोट की चिंता ज्‍यादा बढ़े। इसलिए नवंबर में जाने के बजाय मीराबाई चानू ने जल्‍दी अमेरिका जाने का फैसला किया।

मीराबाई चानू अब इनसे लेंगी मदद

मीराबाई चानू कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट लेकर अमेरिका रवाना हुई हैं। कंसास पहुंचने के बाद वह 14 दिन तक क्‍वारंटीन रहेंगी। इसके बाद मीराबाई चानू को फिजिकल थेरेपिस्‍ट डॉक्‍टर आरोन होर्सचिग से मिलने की अनुमति मिलेगी। डॉक्‍टर होर्सचिग की मदद से मीराबाई चानू अपनी चोट ठीक करेंगी।

मीराबाई चानू का लक्ष्‍य अगले साल टोक्‍यो ओलंपिक्‍स में अपनी जगह पक्‍की करना है। वह अगले साल अप्रैल में नुर सुल्‍तान में हिस्‍सा लेंगी, जो आखिरी ओलंपिक क्‍वालीफिकेशन टूर्नामेंट होगा। बता दें कि मीराबाई चानू की अमेरिकी यात्रा को स्‍वीकृति भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) ने 40 लाख रुपए की कीमत पर दी है।

Published 16 Oct 2020, 20:30 IST
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