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विंटर ओलंपिक : शहीदों के सम्मान में भारत करेगा ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी का बॉयकॉट

भारत ने बीजिंग शीतकालीन खेलों के राजनियक ने बॉयकॉट का ऐलान किया है।
भारत ने बीजिंग शीतकालीन खेलों के राजनियक ने बॉयकॉट का ऐलान किया है।
Hemlata Pandey

भारत आज से बीजिंग में शुरु हो रहे शीतकालीन ओलंपिक खेलों की ओपनिंग सेरेमनी का आधिकारिक रूप से हिस्सा नहीं बनेगा। 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीनी सेना के बीच हुए संघर्ष में शामिल चीनी सैन्य अधिकारी को ओलंपिक की मशाल का टॉर्चबिएरर बनाए जाने के विरोध में सरकार ने ये फैसला लिया है। ओपनिंग और क्लोजिंग, दोनों सेरेमनी में भारत की ओर से राजनयिक प्रतिभाग नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं प्रसार भारती की ओर से भी घोषणा की गई है कि ओपनिंग सेरेमनी का प्रसारण दूरदर्शन पर नहीं किया जाएगा।

Regrettable that China has chosen to politicise the Olympics. The Indian envoy will not attend the opening or closing ceremony of the Beijing Winter Olympics: @MEAIndia on reports of China making Galwan soldier torchbearer https://t.co/y5qoJbgVEQ

भारत ने राजनीति से प्रेरित बताया

बीजिंग 24वें शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी कर रहा है। ये खेल 4 से 20 फरवरी तक खेले जाएंगे। भारत की ओर से आरिफ खान इकलौते एथलीट के रूप में खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। आमतौर पर देशों के डिप्लोमैट्स, कुछ अधिकारी, मंत्री आदि खेलों की ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी में भाग लेते हैं। लेकिन कथित रूप से चीन की ओर से चीनी सेना के उस रेजिमेंट कमांडर को मशाल उठाने का मौका दिया गया जो गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच हुए खूनी संघर्ष में शामिल था। चीन के इस कदम पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई है और दुख जताया है कि चीन ने ओलंपिक के मंच को भी राजनीति से अछूता नहीं रखा। गलवान घाटी में हुए संघर्ष में भारतीय सेना के 21 अफसर और जवान शहीद हुए थे।

ऐसा माना जा रहा है कि कि फबाओ गलवान घाटी में हुए संघर्ष में बतौर सैनिक शामिल थे।
ऐसा माना जा रहा है कि कि फबाओ गलवान घाटी में हुए संघर्ष में बतौर सैनिक शामिल थे।

खास बात ये है कि पिछले साल सितंबर के महीने में भारत समेत BRICS के अन्य देशों ने ये ऐलान किया था कि ओलंपिक के आयोजन में चीन को पूरा समर्थन देंगे। लेकिन गलवान घाटी से जुड़े इस प्रकरण के बाद भारत ने भी कड़ा रुख दिखाया। पिछले कुछ समय से ही चीन की कुछ हरकतों के विरोध में कई अन्य देश इन खेलों का राजनयिक बहिष्कार करने की घोषणा कर चुके हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश पहले ही बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि भारत समेत इन सभी देशों के एथलीट इन खेलों में सामान्य रूप से भाग लेंगे।


Edited by Prashant Kumar

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