प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया शीतकालीन गेम्‍स का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलमर्ग में शुक्रवार को दूसरे खेलो इंडिया विंटर गेम्‍स का उद्घाटन किया और कि जम्मू-कश्मीर को विंटर गेम्‍स का गढ बनाने की दिशा में यह महत्‍वपूर्ण कदम है। इन खेलों में 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिसका समापन 2 मार्च को होगा। नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल संबोधन में कहा, 'यह इंटरनेशनल विंटर गेम्‍स में भारत की प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने और जम्मू-कश्मीर को विंटर गेम्‍स का गढ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।'

नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'गुलमर्ग में ये खेल दर्शाते हैं कि जम्मू-कश्मीर शांति और विकास की नई बुलंदियां छूने के लिए कितना तत्पर है। ये खेल जम्मू-कश्मीर में एक नया खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में मदद करेंगे। जम्मू और श्रीनगर में दो खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र और 20 जिलों में खेलो इंडिया केंद्र युवा खिलाड़ियों के लिये बहुत बड़ी सुविधायें हैं। ऐसे केंद्र देशभर के हर जिले में खोले जा रहे हैं।'

पर्यटन में नई ऊर्जा आएगी: नरेंद्र मोदी

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'इस आयोजन से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलेगी। हम यह भी देख रहे है कि कोरोना की वजह से जो दिक्कतें आई थी , वे भी पीछे छूट रही हैं। मुझे भरोसा है कि खेलो इंडिया विंटर गेम्‍स का अनुभव विंटर ओलंपिक के पोडियम पर भारत के गौरव को बढ़ाने में बहुत काम आएगा।' बता दें कि विंटर गेम्‍स में अल्पाइन स्कीइंग, नोर्डिक स्की, स्नोबोर्डिंग, स्की पर्वतारोहण, आइस हॉकी और आइस स्केटिंग शामिल है।

नरेंद्र मोदी ने विंटर गेम्‍स में हिस्‍सा ले रहे 1200 खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'खिलाड़ी जब इन खेलों के लिए मैदान में उतरें तो याद रखें कि वे इन खेलों का हिस्सा ही नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत के ब्रांड एम्‍बेस्‍डर भी हैं। आपके खेल से दुनिया में भारत को पहचान मिलती है। जब आप खेल के मैदान पर उतरते हैं तो आप अकेले नहीं होते बल्कि 130 करोड़ देशवासी आपके साथ होते हैं।'

देश की छवि और शक्ति का परिचय कराता है खेल: मोदी

मोदी ने कहा कि खेल सिर्फ एक शौक नहीं है बल्कि इससे टीम भावना , जीत को दोहराना और हार में नयी राह खोजना सीखते हैं। उन्होंने कहा, 'खेल हर व्यक्ति के जीवन को और उसकी जीवन शैली को गढता है। खेल आत्मविश्वास बढ़ाता है जो आत्मनिर्भरता के लिये भी उतना ही जरूरी है। दुनिया में कोई भी देश सिर्फ आर्थिक या सामरिक शक्ति से ही बड़ा नहीं बनता बल्कि इसके कई और भी पहलू हैं। खेल आज ऐसा क्षेत्र बन गया है जो आज की दुनिया में देश की छवि और देश की शक्ति का भी परिचय कराता है।'

Edited by Vivek Goel