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शिवा केशवन को उम्मीद है कि भारत में भी बनेंगे ल्यूज ट्रैक

शिवा केशवन (Shiva Keshavan)
शिवा केशवन (Shiva Keshavan)
Irshad

भारत के दिग्गज विंटर ओलंपियन शिवा केशवन (Shiva Keshavan) भारत में ल्यूज खेल को विकसित करने की ओर अपना हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

केशवन ने विवंटर ओलंपिक में 6 बार भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इतना ही नहीं 16 साल की उम्र में 1998 के ल्यूज के शोपीस इवेंट, नागानो गेम्स के लिए क्वालिफ़ाई करने वाले केशवन सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे।

भारत के हिमाचल प्रदेश से आने वाले केशवन ने बर्फ के ट्रैक पर दौड़ते हुए प्योंग चांग में आयोजित 2018 शीतकालीन ओलंपिक के बाद संन्यास ले लिया। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने इस खेल के विकास के लिए अपना 100 फ़ीसदी दिया और अगस्त, 2020 में ल्यूज फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें मुख्य कोच और उच्च प्रदर्शन निदेशक नियुक्त किया।

अब जब उन्हें ये नई जिम्मेदारी मिली है तो उनकी पहली प्राथमिकता देश में शीतकालीन खेल सुविधाओं का विकास करना है।

इसी सिलसिले में ओलंपिक चैनल के साथ बातचीत में शिवा केशवन ने कहा कि इसके लिए उन्होंने अपने स्तर से इसकी शुरुआत भी कर दी है।

"हमने इस विचार के बारे में अलग अलग स्तर के खेल संगठनों से बात की है, इसके लिए स्पोर्ट्स ऑथिरिटी ऑफ़ इंडिया की देशभर में अलग अलग खेलों के लिए बेहतर केंद्र स्थापित करने की योजना है और शीतकालीन खेल भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा ध्यान शीतकालीन खेलों को बढ़ाने पर दिया जा रहा है।“

उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए ये भी बताया कि भारच में एक ट्रैक बनाने के लिए डिज़ाइन और तकनीकी सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय ल्यूज फेडरेशन (International Luge Federation) के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।

"मैं खेल स्थल के विकास को लेकर चर्चा कर रहा हूं। इसको लेकर अंतरराष्ट्रीय ल्यूज फेडरेशन से बातचीत भी चल रही है, जो भारत में ट्रैक बनाने के लिए इसके डिज़ाइन और तकनीकी जानकारी के साथ बनाने के तरीक़े के बारे में सहयोग करेगा। हमारे पास खेल स्थान पर सभी प्राकृतिक स्थितियां हैं। हमें बस ट्रैक पर बर्फ और हिमपात को व्यवस्थित करना और बनाए रखना है। इसे मंज़ूरी दी जा रही है। एक बार जब यह सब हो जाएगा तो बुनियादी ढांचे को स्थापित करने में कम समय लगेगा।"

चार बार के एशियन पदक विजेता ने आगे कहा कि इस खेल में रूचि लेने फ़ैन्स की कोई कमी नहीं है, "हमारे पास शीतकालीन खेलों में रुचि रखने वाले लोग हैं, लेकिन शीतकालीन खेलों के लिए सुविधाओं को विकसित करने वाला कोई भी नहीं था। इस सपने को साकार करने के लिए इस जगह को एक शीतकालीन स्पोर्ट्स हब में बदलने का समय आ गया है।“


Edited by Irshad

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