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फुटबॉल इतिहास के 10 सबसे बेहतरीन मिडफील्डर

आभास शर्मा

फुटबॉल के खेल में मिडफील्डर्स टीम के लिए इंजन की तरह काम करते हैं। टीम के डिफेंस और अटैक को एक दूसरे से जोड़ने का काम ये मिडफील्डर्स ही करते हैं। विपक्षी टीम के डिफेंस को एक पास की मदद से तोड़ना हो या फिर अपोनेंट के तेज अटैक को शानदार टैकल करके रोकना हो, इन दोनों ही जिम्मेदारियों के लिए मिडफील्डर्स तैयार रहते हैं। फुटबॉल गेम के इतिहास में ऐसे ही कुछ शानदार मिडफील्डर्स हुए हैं जिनकी कला ने खेल को और भी दमदार बनाया है। तो चलिए आपको बताते हैं कि कौन हैं फुटबॉल के इतिहास के वो 10 अच्छे मिडफील्डर्स। नोट - इस लिस्ट में केवल 'सेंट्रल मिडफील्डर्स' को ही शामिल किया गया है। जो फॉर्वर्ड और मिडफील्ड दोनों पर खेलते हैं उन्हें यहां शामिल नहीं किया गया है। #10 पैट्रिक वीएरा mf 1 अपने समय का ये एक बेहतरीन मिडफील्ड खिलाड़ी था, जो बॉल को डिफेंस से अटैक तक ले जाने में माहिर था। पैट्रिक वीएरा आर्सेनल साइड के कप्तान थे। वीएरा की गेंद को टैकल करने की कला, तेजी से पास करने की क्षमता और उनकी एकाग्रता ही उनको स्भाविक रूप से इस लिस्ट का हिस्सा बनाती हैं। वीएरा लगातार खिलाड़ियों को बॉल से बीट करने की क्षमता रखते थे, जो कम खिलाड़ी ही कर पाते हैं। लेकिन ये कला उनके अंदर काफी नैचुरल थी। कद और ताकत के साथ तकनीक और एकाग्रता के मेल जोल के चलते ही वो आर्सेनल का जल्द ही एक महत्तवपूर्ण हिस्सा बन थे। वीएरा के करियर के आंकड़े उनकी क्षमता अपने आप में बयान करते हैं। रिटायर होने से पहले वो फ्रांस की तरफ से 107 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुके थे। इसमें 1998 का वर्ल्ड कप और वर्ष 2000 का यूरो कप भी शामिल हैं। इसके अलावा वो 6 सीजन में आर्सेनल के लिए खेले। उनके रहते टीम ने 3 प्रीमियर लीग खिताब और चार FA कप खिताब हासिल किए। #9 डीडी mf 2 ब्राजील की 1958 और 1962 की वर्ल्ड कप जीत का पूरा श्रेय 'पेले' और 'गार्रिंचा' को दिया जाता है। लेकिन इन दोनों स्ट्राइकरों के लिए, बॉल को विपक्षी टीम के डिफेंस में घुसाने की मदद करने का श्रेय टीम के इंजन 'वॉल्डियर परिएरा' को ही जाता है। डीडी के नाम से जाने जाने वाले इस मिडफील्डर के कारण ही 'पेले' और 'गार्रिंचा' का खौफ विपक्षी टीन के डिफेंडर तक पहुंचता था। दिदि के पास शानदार पासिंग रेंज, तकनीक और स्टेमिना तो था ही। लेकिन उनकी सबसे अनोखी काबिलियत थी उनकी बेमिसाल 'फ्री किक'। 'डेड बॉल' के माहिर इस खिलाड़ी ने ही 'ड्राय लीफ' फ्री किक को इजात किया था। इसी फ्री किक स्टाइल के इस्तेमाल आज रोनाल्डो जैसे दिग्गज खिलाड़ी कर रहे हैं। डीडी की जिंदगी का सबसे शानदार पल था, जब उन्हें 1958 में अपने बेमिसाल खेल के लिए, फीफा वर्ल्ड कप गोल्डन बॉल अवॉर्ड दिया गया था। उन्होंने 1962 के वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले लिया। हालांकि इस वर्ल्ड कप में भी ब्राजील की जीत में उन्होंने बेहतरीन खेल का परिचय दिया था। #8 रॉय कीन mf 3 विश्व के सबसे बेहतरीन फुटबॉल क्लबों में से एक मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए काफी कमाल के खिलाड़ी कप्तान बने हैं और साथ ही कुछ साधारण खिलाड़ी भी इसकी कमान संभाल चुके हैं। लेकिन यहां रॉय कीन का नाम निश्चित रूप से कमाल के खिलाड़ियों में ही लिया जाता है। फुटबॉल के सबसे अच्छे कप्तानों में एक रहे रॉय कीन, बॉल पर अपनी एकाग्रता के लिए जाने जाते थे। कीन एक ऐसे कप्तान थे जो मैनयू के लिए कभी न हार मानने वाली मानसिकता के साथ उतरते थे। वो काफी गर्म स्भाव के थे और उन्होंने खुद माना है कि अपने पूरे करियर के दौरान इस चीज को नियंत्रण में रखने की वो लगातार कोशिश करते रहे। उनका कहना था कि इस कोशिश के बाद मैं इस निस्कर्ष पर पहुंचा कि मुझे हर मैच में पूरे 90 मिनट तक फील्ड पर रहना है। ऐसा करके मैं अपने जरूरत से ज्यादा गुस्से और उतेजना को कंट्रोल कर सकता था क्योंकि इसके चलते मैं अक्सर या तो खेल से बाहर कर दिया जाता था या फिर चोटिल हो जाता था। उनके नाम 7 प्रीमियर लीग खिताब, 4 FA कप खिताब और एक चैंपियंस लीग टाइटल हैं। यही कारण है कि वो मैनचेस्टर यूनाइटेड और प्रीमियर लीग के एक दिग्गज खिलाड़ी कहे जाते हैं। #7 जोस पीरी mf 4 ये स्पैनिश खिलाड़ी , स्पेन के शहर ग्रनाडा से आकर रियाल मैड्रिड क्लब में शामिल हुआ था। पीरी ने क्लब के लिए 15 साल तक खेला। इस दौरान उन्होंने मैड्रिड को कई खिताब भी जितवाए। 1964 से 1979 तक पीरी रियाल मैड्रिड के लिए खेले। इस दौरान वो चार साल के लिए टीम के कप्तान भी रहे। पीरी अपनी नेतृत्व क्षमता, दृढ़ता और अग्रेशन के लिए अब भी जाने जाते हैं। हालांकि उनकी खासियत उनका स्टेमिना था जिसके चलते वो अटैक और डिफेंस दोनों में बखूबी माहिर थे। पीरी गेंद को पास करने के अपने हुनर के लिए काफी मशहूर थे। इसी हुनर के चलते उन्होंने लीग गेम्स में 123 गोल दागे थे। साथ ही उनकी पोजिशन करने की स्टाइल और टैकल करने की कला काफी शानदार थी। किसी साधारण चल रहे खेल को तोड़कर अटैक के लिए जगह बनाना पीरी की खासियत थी। उन्होंने अपनी टीम के लिए 10 ला लिगा खिताब, चार स्पैनिश कप और 1996 में एक यूरेपियन चैंपियंस कप जितवाया था। खेल से संन्यास लेने के बाद उन्होंने फिजिशियन की पढ़ाई पूरी की और रियाल मैड्रिड के मेडिकल स्टाफ में शामिल हो गए। #6 पॉल ब्रेटनर mf 5 बायर्न म्यूनिक और रियाल मैड्रिड का ये पूर्व खिलाड़ी, जर्मनी के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक है। पॉल, गेम में कई सारी पोजिशन पर खेलने में माहिर थे। बायर्न म्यूनिख में उनकी कार्ल हेंज के साथ जबरदस्त साझेदारी को आज भी याद किया जाता है। जर्मनी के ये खिलाड़ी 1974 में वर्ल्ड कप जीतने वाली वेस्ट जर्मनी टीम के अहम खिलाड़ी थे। उन्होंने टीम के लिए फाइनल में भी गोल किया था। इतना ही नहीं उन्होंने 1982 के वर्ल्ड कप फाइनल में भी गोल किया था। इसी के साथ वो दो वर्ल्ड कप फाइनलों में गोल करने वाले दुनिया के चार खिलाड़ियों में शुमार हैं। क्लब के मैचों में भी पॉल काफी सफल रहे। वो मिड फील्ड से खेल की रफ्तार बनाए रखते और अपनी बेहतरीन पोजिशनिंग के लिए जाने जाते थे। कई बुंदेस्लीगा खिताब, ला लीगा खिताब के साथ ही वर्ल्ड कप और यूरोपियन कप में जीत के चलते उन्हें जाहिर तौर पर जर्मनी के सबसे शानदार खिलाड़ियों में गिना जाता है। #5 पॉल स्कोल्स mf 6 स्कोल्स अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए मशहूर थे। उनकी तकनीक अच्छी थी, बेहतरीन पासेस थे, बॉल को गजब का टैकल करते थे और दमदार शूटिंग के लिए जाने जाते थे। वो मिड फील्ड में किसी भी पोजिशन पर खेल सकते थे। स्टेमिना, दार्शनिकता और अग्रेसिव ढंग से बॉल को लेकर भागने जैसी इन सभी कलाओं में वो काफी माहिर थे। जिडान, गार्डिओला और जैवी जैसे बड़े खिलाड़ी भी स्कोल्स को विश्व के सबसे तगड़े मिड फील्डर्स में से एक मानते हैं। स्कोल्स मैन्चेस्टर यूनाइटेड के भी सबसे बड़े नामों में से एक हैं। इसी के चलते उन्हें प्रीमियर लीग के सबसे सफल मिड फील्डर्स में गिना जाता है। मैनयू के साथ रहते हुए उन्होंने कुल 25 खिताब जीते। जिसमें 11 प्रीमियर लीग और दो चैंपियंस लीग खिताब शामिल हैं। #4 आंद्रे इनीएस्ता mf 7 स्पेन का ये छोटे कद का खिलाड़ी पिछले लगभग 10 सालों से भी ज्यादा वर्ल्ड फुटबॉल में अपने खेल का परचम लहरा रहा है। बार्सिलोना के ‘आंद्रे इनीएस्ता’ मिल फील्ड के जादूगर कहे जाते हैं क्योंकि उनको टीम के हर खिलाड़ी की पोजिशन सटीक तरह से पता रहती है। गोल के लिए गेम को सेट करना और साथ ही अपनी बेहतरीन किक से शानदार गोल करना इनीएस्ता की खूबी है। यही कारण है कि वो ‘गार्डिओला’ और ‘जैवी’ जैसे अपने युवा साथियों जितने ही, फील्ड पर जोशीले दिखते हैं। तीन चीजों में इनीएस्ता का कोई सानी नहीं है। एक उनकी रचनात्मक बॉल पासिंग स्किल, दूसरा मिड फील्ड पर बेमिसाल कंट्रोल और तीसरे गेम के फ्लो को पूरे समय बनाए रखने की कला। अपने अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल करियर में वो अभी तक कुल 29 खिताब जीत चुके हैं, इसी लिए इनीएस्ता को स्पेन का सबसे सफल और सबसे नामी फुटबॉलर कहा जाता है। अपने क्लब बार्सिलोना के लिए तो उन्होंने कई सारे खिताब लगातार जीते हैं। इनीएस्ता 2012 में UEFA के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए थे। उन्हें 2011-12 के लिए चैंपियंस लीग के बेस्ट प्लेयर का खिताब मिल चुका है। इसके अलावा 2010 के ‘बैलन डी ऑर अवॉर्ड’ में वो मैसी के बाद, दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि 2012 में इसी अवॉर्ड के लिए तीसरे पर रहे थे। #3 लुइस सुआरेज mf 8 बार्सिलोना के लिए खेलने वाले सबसे शानदार खिलाड़ियों में लुइस सुआरेज का नाम सबसे ऊपर आता है। टीम के मिड फील्ड पर सुआरेज पूरी तरह से पकड़ और नियंत्रण रखते थे। लुइस सुआरेज पहले स्पैनिश खिलाड़ी थे जिन्हें ‘बैलन डी ऑर अवॉर्ड’ दिया गया था। वो 1960 के समय के सबसे बेहतरीन खिलेड़ियों में गिने जाते थे। सुआरेज ‘द आर्किटेक्ट’ के नाम से बुलाए जाते थे। बॉल को पास करने की कला और ताकतवर रूप से गोल दागने की क्षमता के लिए सुआरेज जाने जाते थे। गोल करने के लिए वो हमेशा तैयार रहते थे और 1964 में यूरो कप अपने नाम करने वाली स्पेन की टीम के वो अहम खिलाड़ी थे। सुआरेज की खासियत थी गेम को बनाए रखना, गोल के लिए असिस्ट करना और मौके मिलते ही गोल स्कोर भी करना। उन्होंने बार्सिलोना के साथ अपने 6 साल के करियर में 2 ला लीगा, 2 कोपा डेल रियस और 2 फेयर कप खिताब जीते। सुआरेज 1961 में इंटर मिलान क्लब में शामिल हुए जिसके साथ ही वो उस वक्त के सबसे महंगे खिलाड़ी भी बने। वो स्पैनिश टीम के पहले ‘ग्लोबल स्टार’ थे। #2 जैवी mf 9 स्पेन के इतिहास के सबसे शानदार खिलाड़ी माने जाने वाले जैवी हरनांडेज़, निश्चित तौर पर दुनिया के सबसे अच्छे मिड फील्डर हैं। सारे बड़े क्लब चैंपियंनशिप खिताब और सारे अंतर्राष्ट्रीय खिताब जीत चुके जैवी, दुनिया के सबसे महान खेलाड़ियों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। अपनी दार्शनिकता, सटीक पासिंग की कला और बेमिसाल बॉल कंट्रोल के चलते वो गेम के फ्लो को हमेशा बनाए रखते हैं। बार्सिलोना के ये मिड फील्डर अपनी पोजिशनिंग के साथ बॉल को सही वक्त और जगह पर पास करने की क्षमता के चलते ही क्लब और नैशनल टीम में अहम जगह रखते हैं। अपने भव्य करियर में 180 से ज्यादा असिस्ट करने वाले जैवी को विश्व के सबसे बेहतरीन फुटबॉलरों में से एक मानना कोई बड़ी बात नहीं है। #1 लोथार मथौस mf 10 इस लिस्ट में पहले नंबर पर आते हैं जर्मनी के सबसे महान फुटबॉलर लोथर मथौस। वो जर्मनी के एकलौते खिलाड़ी हैं जिन्हें ‘FIFA world player of the year’ के खिताब मिला है। मथौस क्लब और नेशनल टीम दोनों के अहम खिलाड़ी थे और मिड फील्ड के साथ ‘स्वीपर’ पोजिशन पर भी बखूबी खेलते थे। इस जर्मन खिलाड़ी ने टीम के लिए पांच वर्ल्ड कप खेले हैं। साथ ही दुनिया में सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप खेलने का रिकॉर्ड इन्ही के नाम है। मथौस की विश्व फुटबॉल में ख्याती इसी बात से साबित होती है कि उनके विपक्षी रह चुके ‘डिएगो मेराडोना’ ने कहा था कि वो (मथौस) मेरे जीवन के सबसे अच्छे विपक्षी खिलाड़ी हैं, और यही उनकी काबीलियत बयान करने के लिए काफी है। मिड फील्ड की हर कला में मथौस अव्वल थे। विपक्षी खिलाड़ियों की रणनीति तोड़ने और गोल के लिए मौके खोजने में वो बहुत तेज रहे। उनकी सटीक पासिंग, पोजिशनिंग और दमदार शॉट मारने की क्षमता ने ही उन्हें फुटबॉल इतिहास का सबसे अच्छा मिड फील्ड प्लेयर बनाया।

Edited by Staff Editor

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