Create

40 करोड़ रुपए में बिक सकती है डिएगो मेराडोना की जर्सी, 'Hand of God' गोल के समय पहनी थी

1986 क्वार्टर-फाइनल मैच के दौरान पहनी गई मेराडोना की ये जर्सी (नीली) बिकने जा रही है।
1986 क्वार्टर-फाइनल मैच के दौरान पहनी गई मेराडोना की ये जर्सी (नीली) बिकने जा रही है।
reaction-emoji
Hemlata Pandey

1986 के फीफा विश्व कप का सबसे मशहूर पल अर्जेंटीना के डिएगो मेराडोना की ओर से इंग्लैंड के खिलाफ किया गया Hand of God गोल था, जिसकी बदौलत अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत दर्ज की थी और आगे चलकर विश्व विजेता भी बनी थी। खबरों के मुताबिक अब इस मैच के दौरान पहनी गई मेराडोना की जर्सी की नीलामी होने जा रही है और नीलामी के आयोजकों का मानना है कि ये जर्सी कम से कम 4 मिलियन ब्रिटिश पाउंड यानी भारतीय मुद्रा में करीब 40 करोड़ रुपए की बिक सकती है।

लंदन के फुटबॉल म्यूजियम में रखी मेराडोना के Hand of God वाले गोल के दौरान पहनी जर्सी।
लंदन के फुटबॉल म्यूजियम में रखी मेराडोना के Hand of God वाले गोल के दौरान पहनी जर्सी।

इंग्लैंड के खिलाफ 1986 विश्व कप क्वार्टर फाइनल मैच में पहला गोल अर्जेंटीना के नाम रहा था। ये गोल डिएगो मेराडोना ने जरूर किया था लेकिन उन्होंने इसमें अपने हाथ का इस्तेमाल किया था। इंग्लैंड की टीम के तब मिडफील्डर रहे स्टीव हॉज ने गेंद को बैकपास करने की कोशिश की थी जिसका पीछा करते हुए मेराडोना ने इंग्लैंड के गोलकीपर पीटर शील्टन के पास पहुंचकर अपने हाथ से गेंद को धक्का दिया था और उसे गोल पोस्ट में डाला था। उस समय रेफरी इस नतीजे पर नहीं आ पाए थे कि गोल गलत तरीके से हुआ था क्योंकि उन दिनों वीडियो रेफरल की तकनीक भी नहीं थी इसलिए इसे गोल करार दिया था। इसके बाद मेराडोना ने एक और गोल किया था जो उन्होंने पूरी इंग्लैंड की टीम को छकाते हुए दागा था और उसे 'सदी का सर्वश्रेष्ठ गोल' माना गया था। मैच में अर्जेंटीना 2-1 से जीती थी और इस Hand of God गोल ने अर्जेंटीना को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

मेराडोना की 1986 के यादगार मैच की जर्सी के साथ इंग्लैंड के खिलाड़ी स्टीव हॉज।
मेराडोना की 1986 के यादगार मैच की जर्सी के साथ इंग्लैंड के खिलाड़ी स्टीव हॉज।

मैच के बाद स्टीव हॉज और मेराडोना ने आपस में जर्सी की अदला-बदली की थी और आज ये जर्सी हॉज के पास है। हालांकि साल 2020 में मेराडोना की मृत्यु के बाद हॉज ने कहा था कि वो इस जर्सी को नहीं बेचेंगे लेकिन अब इसकी नीलामी की जा रही है। करीब दो दशकों से हॉज ने इस जर्सी को मैनचेस्टर, इंग्लैंड में बने राष्ट्रीय फुटबॉल म्यूजियम को किराए पर दिया हुआ था ताकि फुटबॉल प्रेमी इस जर्सी को देख सकें। जर्सी 20 अप्रैल से 4 मई के बीच लंदन के एक क्लोथिंग कंपनी के शोरूम में रखी जाएगी और इसी दौरान इसकी नीलामी भी होगी। नीलामी आयोजकों का मानना है कि 4 मिलियन पाउंड या फिर 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कीमत जर्सी के लिए जरूर मिलेगी और ये कीमत और भी ज्यादा बढ़ सकती है।


Edited by Prashant Kumar
reaction-emoji

Comments

comments icon
Fetching more content...