Create
Notifications

मुंबई के फुटबॉलर स्‍कॉट डी सूजा से 'निर्णायक गोल' कराकर दोस्‍तों ने दी अनोखी श्रद्धांजलि

स्‍कॉट डी सूजा
स्‍कॉट डी सूजा
Vivek Goel
visit

अंतिम संस्‍कार में किसी को तालियों की गड़गड़ाहट मिलने की उम्‍मीद नहीं होती और वो भी जब किसी युवा का निधन हुआ हो। मगर स्‍कॉट डी सूजा की विदाई नियमित नहीं थी। परिवार, दोस्‍त और टीम के साथी स्‍कॉट डी सूजा के पेट डॉग हल्‍क के साथ अंतिम संस्‍कार में पहुंचे। 26 साल के स्‍कॉट डी सूजा से टीम के साथियों ने 30 अक्‍टूबर को आखिरी गोल कराया और इसे 'फाइनल गोल' का नाम दिया गया। इस तरह स्‍कॉट डी सूजा के करियर का जश्‍न मनाया गया। यह बिलकुल अनोखे अंदाज में स्‍कॉट डी सूजा को श्रद्धांजलि दी गई थी।

बता दें कि स्‍कॉट डी सूजा के अंतिम संस्‍कार पर टीम साथियों ने आपस में पास किए और फिर फुटबॉलर के कॉफिन से टकराकर गेंद गोलपोस्‍ट में गई। इस पर सबने तालियां बजाई और अपने दोस्‍त को विदाई दी। भारतीय फुटबॉल टीम ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इसका वीडियो शेयर किया है।

दादर के 26 साल के फुटबॉलर स्‍कॉट डी सूजा का पिक अप गेम के दौरान निधन हो गया। स्‍कॉट डी सूजा ने मुंबई की कई टीमों का प्रतिनिधित्‍व किया। स्‍कॉट डी सूजा को मैदान से अस्‍पताल में भर्ती कराने ले गए, उससे पहले ही उन्‍होंने अंतिम सांस ली। स्‍कॉट डी सूजा डिफेंडर के तौर पर खेलते थे और उन्‍होंने पीआईएफए कोलाबा, यूनियन बैंक, एयर इंडिया और कर्नाटक फुटबॉल एसोसिएशन का प्रतिनिधित्‍व किया।

स्‍कॉट डी सूजा शानदार फुटबॉलर

स्‍कॉट के पिता ओजवाल्‍ड डी सूजा के दोस्‍त गॉर्डन फर्नांडेज हवाले से एआईएफएफ डॉट कॉम ने कहा, 'स्‍कॉट डी सूजा शानदार फुटबॉलर था। लॉकडाउन से पहले उसने कोल्‍हापुर में जिला स्‍तर टूर्नामेंट में मुंबई का प्रतिनिधित्‍व किया और उसे फाइनल में पहुंचने में मदद की थी। इसलिए हमें लगा कि उन्‍हें गुडबाय कहने का यह सबसे बेहतर तरीका होगा।'

स्‍कॉट डी सूजा के एक और टीम साथी ने अपने दोस्‍त के साथ विशेष पलों को याद किया। जॉनसन डी सिल्‍वा ने कहा, 'मैं स्‍कॉट डी सूजा को स्‍कूल के समय से जानता हूं, लेकिन हमने कॉलेज के बाद सेंट्रल बैंक के लिए एकसाथ खेलना शुरू किया और फिर पीआईएफए स्‍पोर्ट्स में आई-लीग सेकंड डिविजन व अन्‍य कई टूर्नामेंट्स में शिरकत की। हमारी टीम में वह सबसे नटखट था। जिस भी टीम के लिए स्‍कॉट डी सूजा खेलता था, उसका फायदा होता था क्‍योंकि उसके पैरों में गजब की ताकत थी। हम उसे ज्‍लाटन इब्राहिमोविच कहते थे। बड़ी बात यह है कि स्‍कॉट डी सूजा ने यूनियन बैंक और एयर इंडिया का प्रतिनिधित्‍व किया, जिससे समझ आता है कि वह कितना बेहतर खिलाड़ी था।'

स्‍कॉट डी सूजा के स्‍पोर्ट्स कॉ-ओर्डिनेटर टोनी डी सूजा ने याद किया, 'स्‍कॉट डी सूजा ने डिफेंस के बजाय फॉरवर्ड खेलना शुरू किया था। उसका वो साल शानदार रहा। उसके ट्रेडमार्क दमदार शॉट्स उसका नाम लोकप्रिय कर रहे थे। वो सभी फ्री-किक लेता था और कई बार तो हाफ लाइन से भी किक जमा देता था।'


Edited by Vivek Goel
Article image

Go to article
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now