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Anjaneyasana (अंजनेयासन)

आसन के बारे में

अंजनेयासन को अर्ध चंद्राकार आसन भी कहा जाता है। इस आसन को करते समय आपको बस अपनी पॉस्चर का ध्यान रखना होगा क्योंकि एक छोटी सी गलती नुकसान दे सकती है। अंजनेयासन को पेट, रीढ़ की हड्डी, पैरों की मांसपेशियों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। इसे अंग्रेजी में लो लेंज पोज भी कहा जाता है। इस आसन के नाम से ही विदित है कि ये श्री हनुमान जी की माता के नाम पर है और इस आसन के दौरान आप एक बच्चे रूप में नजर आते हैं। इस आसन को काफी अच्छे रूप में किया जाना चाहिए क्योंकि ये एक साथ कई अंगों और नसों पर काम करता है।


अंजनेयासन से पहले कौन सा आसन करें

इस आसन से पहले आप अर्ध धनुरासन कर सकते हैं। ये आपके शरीर को खुलने का मौका देगा। इस आसन के दौरान आपके शरीर के हर अंग एवं हर नस पर काम होगा और शरीर को उस स्थिति में ला पाने में अर्ध धनुरासन आपकी मदद करेगा। पेट से जुड़ी हुई नसों एवं शरीर में प्राप्त खिंचाव के कारण जब आप अंजनेयासन करने जाएंगे तो आपको लाभ ही होगा।


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अंजनेयासन को नियम वर किस प्रकार से किया जाना चाहिए

इस आसन को करने के लिए आपको सबसे पहले तो मैट पर खड़े हो जाना चाहिए। अब इसके बाद अपने पैरों को एक दूसरे से दूर कर लें। इस दौरान आप खड़े रहें लेकिन तुरंत ही मैट पर आ जाएं जिसमें आपका दाहिना घुटना जमीन पर हो और पंजे बाहर की तरफ हों। आपके बाएं पैर को कुछ इस अवस्था में होना चाहिए कि आपकी जांघें जमीन के समानांतर हों जबकि पिंडलियाँ जमीन से नब्बे डिग्री का कोण बना रही हों।

अब इस अवस्था में अपने दोनों हाथों को सर के ऊपर ले जाएं और एक नमस्कार वाली स्थिति में उन्हें ले आएं। इसके बाद इस मुद्रा को पीछे ले जाने का प्रयास करें लेकिन अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा ही रखें। अगर आप ऐसा कर पा रहे हैं तो ये एक अच्छी बात है वरना आप थोड़ा सा झुक भी सकते हैं। इस अवस्था में दस से पंद्रह सेकेंड तक रहें और आपको काफी लाभ होगा। इसके बाद इसी प्रक्रिया को दूसरे पैर के साथ दोहराएं।


अंजनेयासन के बाद कौन सा आसन करें

शरीर में हुई इस स्ट्रेचिंग के बाद आपको भुजंगासन करना चाहिए। ये वो आसन है जो आपके शरीर में मौजूद पीठ के दर्द को ठीक कर देगा। इसके साथ साथ आप मतस्यासन भी कर सकते हैं। ये दोनों ही आसन आपको काफी लाभ दिलाते हैं जो एक अच्छी बात है। आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि सेहत ही सबसे बड़ी नियामत है।


अंजनेयासन से होने वाले फायदे

अगर आपको साइटिका से जुड़ी परेशानी है तो वो इस योगासन से ठीक हो जाएगी। इस आसन के कारण शरीर की सभी मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। ये आपकी सेहत के लिए ठीक है और आपको अपने फेफड़ों के काम करने के तरीके में भी काफी लाभ देखने को मिलेगा। गर्मी के मौसम में गर्मी हो या शरीर में मौजूद गर्मी हो, ये दोनों को ठीक करने का माद्दा रखती है। इस आसन के प्रयोग से आप दिमाग को शांत रख सकते हैं और आपका फोकस भी बढ़ता है। अगर आपको अबतक आपके पॉस्चर के लिए बोला जा रहा था तो अब ऐसा नहीं होगा। शरीर में ऊर्जा को बनाए रखने में भी ये काफी मददगार है।


अंजनेयासन के दौरान बरतें ये सावधानियाँ

गर्दन या रीढ़ की हड्डी में परेशानी हो, या कोई गंभीर बीमारी होने पर आपको इस आसन को नहीं करना चाहिए। अगर कंधे से जुड़ी कोई समस्या है तो आपको हाथों को पीछे नहीं ले जाना चाहिए। आप उसकी जगह इन हाथों को जाँघों पर रख सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर या हृदय से जुड़े रोग होने पर इस आसन को ना करें।

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