अपेंडिसाइटिस के लक्षण और इलाज - Appendicitis ke lakshan aur ilaj

अपेंडिसाइटिस के लक्षण और इसका इलाज
अपेंडिसाइटिस के लक्षण और इसका इलाज

हर किसी को कभी न कभी पेट में दर्द होता है। इस दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें से एक है अपेंडिसाइटिस। यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन, अक्सर 10 से 30 वर्ष की उम्र के बीच होता है। अगर इसका उपचार नहीं कराया गया तो उसमें मवाद या पस बन जाता है, जिसे अपेंडिकुलर लंप कहा जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत ऑपरेशन करवाना पड़ता है। अगर ऑपरेशन नहीं किया गया तो लम्प फट सकता है और संक्रमण पूरे पेट में फैलने की आशंका बढ़ सकती है।

अपेन्डिसाइटिस के कारण (Causes of Appendicitis)

डॉक्टरों के मुताबिक, अपेंडिक्स में किसी प्रकार की बाधा अपेंडिसाइटिस को जन्म देती है। यह आंशिक या पूर्ण रूप से हो सकती है। पूर्ण बाधा आने पर आपातकालीन सर्जरी जरूरी हो जाती है। अपेंडिक्स में यह अवरोध अक्सर मल के जमा होने के कारण होता है। इसके लिए बढ़े हुए लिम्फोइड, कीड़े, आघात और ट्यूमर जैसे अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

अपेन्डिसाइटिस के लक्षण (Symptoms of Appendicitis)

इसमें नाभि के ऊपरी हिस्से में दर्द शुरू होता है और धीरे-धीरे नाभि के चारों ओर महसूस होता है। फिर अंत में शरीर की दाईं ओर के लोअर एब्डोमेन में जा ठहरता है।

-पेट दर्द के साथ उल्टियां होना।

-अधिक संक्रमण होने पर बुखार होना।

-बुखार के साथ पेट दर्द और एक या दो बार उल्टी आना।

-भूख न लगना-

दस्त होना

-गैस पास करने में परेशानी आना।

अपेंडिसाइटिस का इलाज(Appendicitis treatment)

अपेंडिसाइटिस के ज्यादातर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है, जो कि समस्या पता लगने के 72 घंटों के भीतर करानी होती है। सर्जरी कैसी होगी, यह केस के विवरण पर निर्भर होता है। यदि किसी रोगी को फोड़ा है, लेकिन यह फटा नहीं है तो रोगी को एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। बाद में त्वचा में ट्यूब का प्रयोग करके फोड़े को हटा दिया जाता है। फोड़े का उपचार करने के बाद सर्जरी के माध्यम से अपेंडिक्स को निकाल दिया जाता है।

अगर पेट में हल्का दर्द है और डायग्नोस्टिक टेस्ट सामान्य है तो अपेन्डिसाइटिस का बिना सर्जरी किये उपचार किया जा सकता है। ऐसे केस बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। इस स्थिति में रोगी के उपचार प्लान में एंटीबायोटिक और तरल आहार को शामिल किया जा सकता है, जब तक रोगी के लक्षण का हल ना हो जाए।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Ritu Raj
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