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साइटिका के लिए योगासन: Satika Ke Liye Yogasan

फोटो: वनइंडिया हिन्दी
फोटो: वनइंडिया हिन्दी
Amit Shukla

साइटिका के लिए योगासन बेहद जरूरी है। योग को निरोग रहने के लिए सबसे कारगर माना जाता है। अगर आपको शरीर में कोई भी रोग है या आप पहले से योग करते हैं तो आप अपने शरीर को रोगों से निन्यानबे प्रतिशत तक बचा सकते हैं। योग को हर प्रकार की बीमारी के लिए एक इलाज माना जाता है।

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योग करके आप अपने मस्तिष्क, श्वसन, पाचन, हाड़ियों, जोड़ों एवं सभी दर्दों को समाप्त कर सकते हैं। ऐसे कई लोग हैं जिन्हें ऐसा होना सच नहीं लगता है लेकिन ये बात सच है कि योग से आप खुद को निरोग रख सकते हैं। पेट में होने वाली परेशानी के लिए आप चाहे कितनी भी टॉनिक पिएं लेकिन जो काम अनुलोम विलोम करेगा वैसा किसी अन्य से संभव नहीं है।

ऐसी ही एक प्रकार की परेशानी है साइटिका जिसके इलाज में लोगों को परेशानी पेश आती है। डॉक्टर से इलाज करवाते करवाते लोगों का हाल बुरा हो जाता है लेकिन परेशानी जस की तस रहती है। ऐसे में अगर आप इससे दूरी और इलाज से नजदीकी बनाना चाहते हैं तो इन योगासनों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

साइटिका के लिए योगासन

भुजंगासन

हर्निया और अल्सर से ग्रस्त हों तो इस आसन को ना करें। इस आसन को करने के लिए पहले पेट के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच दूरी कम रखें और सांस अंदर लेते हुए ऊपरी हिस्से को उठाएं। इस दौरान खिंचाव को उस स्तर तक ही रखें जिससे आपको परेशानी ना हो, और इसे तीन से चार बार ही करें। अभ्यास हो जाने पर आप इसकी संख्या बढ़ा सकते हैं।

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अपानासन

इससे साइटिका और पैर में होने वाली झुनझुनी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। आप पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को छाती के पास लाएं। इस समय आपका शरीर जमीन पर ही होना चाहिए। आप इसके बाद चेहरे को घुटनों के बीच रखें और हाथों से घुटनों को बाँधने का प्रयास करें। इसके बाद आप जब तक इस स्थिति में रह सकते हों, तब तक रहें लेकिन इसे कष्ट वाली स्थिति ना बनाएं।

अधोमुख श्वान

ये आसन आपके लिए एक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज का काम करेगा। इस आसन के लिए आप दोनों हाथों और घुटनों के बल लेट जाएं। अब पिछले हिस्से को उठाएं और घुटनों एवं हाथों को सीधा कर लें। इस स्थिति में आप जितने समय तक रह सकते हैं, रहें क्योंकि ये आपके लिए एक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज का काम करता है।

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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Amit Shukla

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