Create

फोड़े फुंसी का घरेलू उपचार: Fode Funsi Ka Gharelu Upchaar

फोटो: TimesNowHindi
फोटो: TimesNowHindi

फोड़े फुंसी को अगर आप कोई आम परेशानी समझ रहे हैं तो आप गलत नहीं हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि ये परेशानी बड़ी नहीं हो सकती है। एक पल में जिस तरह शरीर में आया बुखार दिमाग पर चढ़ सकता है ठीक उसी प्रकार से फोड़े फुंसी कब शरीर के अन्य अंगों पर असर ड़ाल देंगे इसका पता आपको नहीं चलेगा।

ये भी पढ़ें: जानिए कैसे पालतू जानवर करता है आपकी हेल्थ और फिटनेस को बेहतर

फोड़े फुंसी वाली स्थिति में आप एकदम फिट महसूस नहीं कर सकते हैं क्योंकि कई लोगों को फोड़े एवं फुंसियों में से पानी आने की शिकायत होती है। फोड़े फुंसी यूँ ही नहीं होते हैं। ये इस बात के सूचक होते हैं कि आपके शरीर में कुछ गड़बड़ चल रही है जिसका प्रभाव आनेवाले समय में आपको देखने को मिल सकता है।

फोड़े फुंसी होने पर लोग अलग अलग तरह की क्रीम्स लगाते हैं और खुद को बेहतर महसूस करवाते हैं। असल में ये किसी भी तरह से ठीक नहीं है। कोई भी कंपनी कितना भी अच्छा क्रीम बनाए लेकिन जबतक आप उसमें कुछ अन्य तत्व नहीं ड़ालेंगे वो पैकिंग के योग्य नहीं होगा। ऐसे में घरेलू उपचार से आपको लाभ हो सकता है।

फोड़े फुंसी का घरेलू उपचार

हल्दी

हल्दी में एंटीसेप्टिक (Antiseptic) गुण होते हैं। इसको आप एक चम्मच लें और फिर उसमें पानी ड़ालकर एक पेस्ट बनाएं। ऐसा करते ही आपको अपने शरीर में हल्दी का असर दिखने लगेगा। असल में हल्दी शरीर को बीमारियों से बचाता है। आप इस पेस्ट को फोड़े फुंसी वाली जगह पर लगाएं और आधे घंटे बाद सादे पानी से धुल लें। ऐसा कुछ दिन करने से आपको परेशानी से निजात मिल जाएगा।

ये भी पढ़ें: खाना खाने के बाद नींबू पानी पीने के फायदे: Khaana Khaane ke baad neembu paani peene ke fayde

नारियल तेल

नारियल तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। कपूर और नारियल तेल को किसी भी प्रकार के स्किन इंफेक्शन के खिलाफ कारगर माना जाता है। ऐसे में आप चार पाँच कपूर को पीस लें और उसे नारियल तेल में मिला लें। अब इसको फोड़े फुंसी वाली जगह पर लगाएं।

तुलसी

पूजा के लिए इस्तेमाल की जाने वाली और पूजा के योग्य तुलसी की कुछ पत्तियों से ही आपको आराम दिखने लगेगा। आप इसका लेप बनाएं और उसको फोड़े फुंसी की जगह पर लगाएं। ऐसा करते ही आपको काफी लाभ होगा जो एक अच्छी बात है। बीमारियों को खुद से दूर ही रखना चाहिए।

ये भी पढ़ें: हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण: haath pairon mein kamjori jhunjhuni ka ehsas hona hai kis beemaari ke lakshan

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Amit Shukla
Be the first one to comment