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सांप के काटने पर कैसे करें अपना उपचार और सेहत का बचाव: Saanp Ke Kaatne Par Kaise Karein Apna Upchaar Aur Sehat Ka Bachaav 

सांप का काटना खतरनाक होता है पर क्या सभी सापों के साथ ऐसा है? (फोटो: Paryavaran Digest)
सांप का काटना खतरनाक होता है पर क्या सभी सापों के साथ ऐसा है? (फोटो: Paryavaran Digest)
Amit Shukla
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सांप के काटने पर इंसान को ऐसा लगता है जैसे वो अभी मर जाएगा लेकिन ऐसा नहीं है। आपको सबसे पहले तो ये जान लेना चाहिए कि भारत में पाए जाने वाले 270 प्रजाति के साँपों में से सिर्फ 60 प्रजाति के सांप ही जहरीले होते हैं और उसमें से भी आधे ही इंसान को मार सकते हैं। इसको पढ़ने के बाद आप इस बात को लेकर निश्चिंत हो सकते हैं कि हर सांप आपको मार ही देगा वाला कथन झूठा है।

यहाँ ये भी ध्यान रखें कि कभी भी फिल्मी स्टाइल में सांप से डँसे गए इंसान का जहर निकालने का प्रयास ना करें। इस प्रयास में वो तो बच जाएगा (गी) लेकिन आपकी मौत हो सकती है। ऐसा इसलिए है कि जहर आपके मुँह में लगेगा और अगर आपके मुँह में कोई भी चोट है, कट है या दाना इत्यादि कुछ भी है तो वो आपके लिए मुश्किल पैदा कर देगी।

ऐसे में क्या आपको ये स्वीकार कर लेना चाहिए कि आपकी मौत निश्चित है? जी नहीं, बिल्कुल नहीं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हर सांप के काटने के बाद भी आप ठीक हो सकते हैं। अगर आप खुद को किसी भी परेशानी से बचाना चाहते हैं तो इन चीजों एवं तरीकों का इस्तेमाल करें और उससे आपको लाभ होगा।

सांप के काटने पर कैसे करें अपना उपचार और सेहत का बचाव: Saanp Ke Kaatne Par Kaise Karein Apna Upchaar Aur Sehat Ka Bachaav

डरना नहीं है: Don't fret

हिंदी फिल्म जगत की एक मशहूर फिल्म शोले में गब्बर सिंह के किरदार ने एक बड़ी बात कही थी, 'जो डर गया, समझो मर गया।' ये बात जीवन के हर पल पर लागू होती है और इसमें सांप का काटना भी शामिल है। अगर आप डर गए तो फिर बाकी चीजें उसी आधार पर काम करने लगेंगी और फिर मुश्किल बढ़ जाएगी।

सांप के काटने के बाद भी आप चार घंटे तक ठीक रह सकते हैं: Stay Awake for four hours

जी हाँ, सांप के काटने के बाद भी आप चार घंटे तक जीवित रहते हैं। इतना समय खुद को बचाने के लिए काफी है। फिल्मी परदे पर दिखाई गई हर चीज सच नहीं होती है। इसलिए ये बात ध्यान रखें कि सांप के काटने पर भी आप बच सकते हैं और बिल्कुल बच सकते हैं। इस अगले कदम का ध्यान रखें।

दिल और दिमाग तक इसका प्रभाव और डर ना पहुँचने दें: Don't let the fear and the poison reach your heart and brain

जब आप डर जाते हैं तो उस समय आपका दिमाग और दिल अलग तरह से काम करने लगता है। इस आर्टिकल में हम आपको शरीर में मौजूद उन तरीकों के बारे में नहीं बता रहे हैं जो इस डर को पैदा करने के पीछे का कारण हैं लेकिन ये जरूर बता सकते हैं कि डर और जहर को दिल एवं दिमाग तक ना जाने दें।

पानी और सिरिंज से करें इलाज: Water and syringe heal

सबसे पहले घाव वाले उन दो दाँतों की जगह को पानी से साफ कर दें। इसके बाद एक सिरिंज लें जिसमें सुई ना लगी हुई हो। अब इस सिरिंज को हर दांत के निशान के ऊपर लगाएं और जिस तरह से खून निकाला जाता है उसी प्रकार से जहर को निकाल लें। इन दोनों ही दांतों के निशान वाली जगह से जहर निकालने के बाद आप किसी भी सरकारी अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन लगवा लें और वहाँ पर दी गई हिदायत का पालन करें।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए है, इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रुप में नहीं लिया जा सकता। कोई भी स्टेप लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें।)


Edited by Amit Shukla
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