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रेटिनोपैथी के कारण, लक्षण और उपचार - Retinopathy Ke Karan, Lakshan Aur Upchar

रेटिनोपैथी के कारण, लक्षण और उपचार
रेटिनोपैथी के कारण, लक्षण और उपचार
Shilki

रेटिनोपैथी आंखों की एक ऐसी समस्या है जो रोशनी को धीरे धीरे करके नष्ट करने लगती है। कई बार लोगों को इसका पता नहीं लगता और आंखों की रोशनी पूरी तरह चली जाती है। इस बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं पड़ते हैं न ही महसूस होते हैं। जब तक इस बीमारी का पता चलता है तब तक आंखों की रोशनी खत्म होने लगती है। यह समस्या डायबिटिक लोगों में देखी जाती हैं। रेटिनोपैथी होने का क्या कारण होता है और इसके लक्षण और उपचार क्या हैं इस लेख के जरिए हम जानेंगे।

रेटिनोपैथी के कारण Retinopathy Ke Karan

डायबिटीज के मरीजों में ग्लूकोमा, मोतियाबिंद के अलावा रेटिनोपैथी होने का खतरा भी बहुत ज्यादा होता है। जिसे हम डायबिटिक रेटिनोपैथी के नाम से जानते हैं। डायबिटिक रेटिनोपैथी अक्सर उन लोगों को होता है जो सालों से डायबिटीज से पीड़ित रहते हैं। दरअसल डायबिटीज के कारण रेटिना की रक्त वाहिकाएं खराब होने लगती हैं जिसके कारण यह बीमारी उत्पन्न होती है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं Diabetic Retinopathy Ke Lakshan Kuch Is Prakar Hai

जैसे - फ्लोटर्स, धुंधलापन (Blurriness), आंखों के सामने अंधेरा छाना, रंगों की पहचान करने में कठिनाई के अलावा, गंभीर समस्या में दृष्टिहीनता blindness शामिल है। जिन लोगों में समस्या बहुत गंभीर नहीं होती, उनका इलाज डायबिटीज को मैनेज करके भी किया जाता है, और ज्यादा गंभीर मामलों में लेजर उपचार या सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

रेटिनोपैथी के उपचार Retinopathy Ke Upchar

लेजर फोटो कोएगुलेशन (Laser photo coagulation) - डायबिटिक रेटिनोपैथी diabetic retinopathy का उपचार लेजर से किया जाता है। इसके उपचार के दौरान रेटिना के पीछे की नई रक्त वाहिकाओं के विकास को रोक दिया जाता है जिससे आंखों में रक्त और द्रव का रिसाव भी रुक जाता है।

ऑपरेशन (Operation) - आंखों में रक्त भरने से पारदर्शी विट्रियस जेली धुंधली होने लगती है। ट्रैक्शन रेटिनल डिटैचमेंट हो जाता है और इसमें लेजर उपचार काम नहीं करता। ऐसी स्थिति में वितरेक्टोमी ऑपरेशन करते हैं।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Shilki

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