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मानसिक स्वास्थ को स्वस्थ रखने के लिए रखिये इन कुछ बातों का ध्यान!

To keep your mental health secure stick to these tips. Read more
मानसिक स्वास्थ को स्वस्थ रखने के लिए रखिये इन कुछ बातों का ध्यान!

हर रोज़ बढ़ते जा रहे इस सामाजिक तनाव के कारण हमारा मानसिक स्वास्थ खतरे में हैं. गूगल की माने तो भारत में हर तीसरा शक्स मानसिक पीढ़ा का शिकार है . ऐसे में मैं आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स लायीं हूँ, जो आपको आपके मानसिक स्वास्थ को ठीक रखने और जीवन को खुशमिजाज़ बनने में मदद कर सकते हैं.

"सद्गुरु वासदेव" के साथ अन्य प्रमुख गुरुओं और शोधकर्ताओं का मानना है की अगर हम हमारी जिंदगी के उतार चढ़ाव समेत, जीवन में होने वाली घटनाओं और दुर्घटनाओ को पूरी समझ और चेतना के साथ स्वीकार कर लें तो दुःख और दर्द आधा हो जाता है और हमरा मानस भी ये बात स्वीकार लेता है की यही सचाई है और अब इससे आगे बढ़ना होगा.

ऐसा माना जाता है, की जब तक इंसान अपने जीवन के "डार्क-साइड" को स्वीकारता नही है, तब तक वो अपने अंदर ही अंदर चीज़ों का विरोध चालू रखता है. जिसका कारण ख़राब मानसिक स्वास्थ भी है. चलिए अब मैं आपको आपके बेहतर मानसिक स्वास्थ के लिए कुछ ज़रूरी बातें बतलाती हूँ. जो आपके जीवन के लिए लाभकारी साबित होंगी.

खुद को स्वीकारना:

ये एक बेहद बुनियादी बात है. इंसान अपनी अच्छी बातों को स्वीकार लेता है, पर अपने द्वारा हुई गलत और अनचाही बातों को नही स्वीकारता और हमेशा उससे पीछा छुड़ाने के प्रयास में लगा रहेता है. ये एक आम बात है पर गंभीर बात है. हमे खुद को स्वीकारना होगा तभी हम आगे भी बढ़ पाएंगे. जब हम खुद को आगे बढ़ता देखेंगे तभी खुश रह पायंगे.

खुद को माफ़ करना:

कहते है इंसान से गलतियां होना स्वाभाविक है, भगवान् भी गलती करते थे. पर दिक्कत गलती करन से नही है. दिक्कत है, जब आप गलती कर के खुद को माफ़ नही कर पाते. ऐसे कई किस्से हम अपनी निजी जिंदगियों में भी सुनते हैं. जब हमारे द्वारा हुई गलतियों पर हम खुद पर दोष मढ़ते रहते है. जिसका कारण बन जाता है, एक खराब मानसिक स्वास्थ. खुद को माफ़ करे आगे बढ़े. ये आपको शीतलता प्रदान करेगा और आपके दिमाग को शांत भी करेगा.

दूसरों से तुलना करना:

तुलना करना बुरी बात तो नही है, क्यूंकि, ये हमे बताता है की हमे आगे बढ़ना है, हमे भी मेहनत करनी है. पर जब हम अपनी हदें पार कर दूसरों के लिए जलन की भावना पैदा करते हैं या फिर खुद को अंदर ही अंदर जलाते है तो ये हमारे मानसिक स्वास्थ को बुरी तरह प्रभावित करता है. अर्थात, हमे अपनी इस तुलना की भावना को अपने लिए सही दिशा में लगाना चाहिए, ये हमे बेहतरीन कल दे सकता है.

नकारात्मक विचार:

आपको क्या परेशान करता है ? आप खुद से क्यूँ नाराज़ है ? क्या किसी ने आपका दिल तोड़ा या फिर आपको धोखा दिया है ? कुछ ऐसे ही सवाल आपके मन को दिन रात घेरे रहेते हैं, जिसका कारण आपका ख़राब मानसिक स्वास्थ रहता है. आपके दिमाग में दौड़ रहीं इन बातों के जवान आपकी सकारात्मक सोच को प्रभावित कर इसे नकारत्मक सोच में बदलते हैं. इसे रोकना होगा. और ये आप योगा या ध्यान लगाने के माध्यम से कर सकते हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by वैशाली शर्मा
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