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भारतीय टीम को आज ही के दिन पाकिस्तान के खिलाफ मिली थी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में करारी हार 

भारतीय टीम को मिली थी शर्मनाक हार
भारतीय टीम को मिली थी शर्मनाक हार
FEATURED COLUMNIST
Modified 18 Jun 2020, 14:25 IST
फ़ीचर
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18 जून 2017 को भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला द ओवल में खेला गया था। भारतीय टीम इस मैच में जीतने की प्रबल दावेदार थी, लेकिन पाकिस्तान ने सभी विभागों में भारत को चित करते हुए 180 रनों के बड़े अंतर से मुकाबले को जीतते हुए इतिहास रचा था और चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया।

भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और यह फैसला भारत के लिए चौथे ओवर में सही होता दिखा जब जसप्रीत बुमराह ने पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज फखऱ जमान को आउट कर दिया था। हालांकि रिप्ले में देखा गया था कि बुमराह का पैर लाइन से आगे थे और अंपायर ने इसे नो बॉल करार दिया। इसी वजह से जमान को बहुत बड़ा जीवनदान मिल गया। इसका फायदा उन्होंने शानदार तरीके से उठाया और बेहतरीन शतकीय पारी खेली। फखर जमान ने सबसे पहले अजहर अली (59) के साथ 128 और फिर बाबर आजम (46) के साथ 72 रनों की साझेदारी करते हुए स्कोर को 200 तक पहुंचाया। 34वें ओवर में जमान 106 गेंदों में 12 चौके और 3 छक्कों की मदद से 114 रन बनाए और 200 के स्कोर पर दूसरे विकेट के रूप में आउट हुए।

अंत में मोहम्मद हफीज (37 गेंदों में 57* रन) और इमाद वसीम (21 गेंदों में 25* रन) की तेज पारियों के दम पर पाकिस्तान ने 50 ओवरों में 338-4 का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम के लिए भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या और केदार जाधव ने एक-एक विकेट लिया।

मोहम्मद आमिर ने दी भारतीय टीम को शुरुआती झटके

339 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को बेहतर शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन मोहम्मद आमिर ने शुरुआती झटके देते हुए भारतीय पारी की कमर ही तोड़ दी और मुकाबले से बाहर कर दिया। आमिर ने अपने पहले दो ओवरों में ही रोहित शर्मा (0) और विराट कोहली (5) के विकेट लेते हुए भारत को बड़े झटके दिए और फिर 33 के स्कोर पर शिखर धवन (21) को भी आउट कर दिया। युवराज सिंह ने 31 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 22 रन बनाए और ऐसा लग रहा था कि वो भारत को मैच में बनाए रखेंगे, लेकिन 54 के स्कोर पर टीम ने युवी (22) और धोनी (4) दोनों के विकेट गंवा दिए। 72 के स्कोर तक टीम ने 6 विकेट गंवा दिए थे और टीम काफी मुश्किलों में आ गई थी।

हार्दिक पांड्या ने हालांकि हार नहीं मानी और तूफानी अर्धशतकीय पारी खेलते हुए भारतीय फैंस को थोड़ी उम्मीद दी। पांड्या ने 43 गेंदों में 4 चौके और 6 छक्कों की बदौलत 76 रन बनाए। 152 के स्कोर पर रविंद्र जडेजा की बड़ी गलती के कारण पांड्या रनआउट हो गए और भारतीय टीम की उम्मीद भी खत्म हो गई। अंत में पाकिस्तान ने भारत को 158 रनों पर ढेर कर दिया और 180 रनों से इस मैच को जीत लिया।

इसी के साथ पाकिस्तान ने भारत को हराते हुए चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा भी कर लिया। फखर जमान को प्लेयर ऑफ द मैच और हसन अली को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।

पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भारतीय टीम को मिली शर्मनाक हार को फैंस अभी भी नहीं भूल पाए हैं। निश्चित ही इस मैच ने फिर साबित कर दिया था कि भारतीय टीम अपने टॉप 3 पर कितना निर्भर करती है और अगर वो फ्लॉप होते हैं, तो भारत के लिए मुकाबला जीतना कितना कठिन हो जाता है। 

Published 18 Jun 2020, 14:25 IST
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