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माइग्रेन का 7 आयुर्वेदिक इलाज- Migraine Ka 7 Ayurvedic Ilaaj

माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज(फोटो-Sportskeeda hindi)
माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज(फोटो-Sportskeeda hindi)

माइग्रेन (Migraine) की बीमारी आजकल ज्यादातर लोगों में देखी जा रही है, माइग्रेन की बीमारी में सिर के आधे हिस्से में काफी तेज दर्द होता है, तो कभी पूरे सिर में दर्द होने लगता है। माइग्रेन की शिकायत कभी भी किसी को भी हो सकती है। माइग्रेन के दर्द की वजह से कभी-कभी लोगों को उल्टी, घबरराहट जैसी शिकायतें भी हो जाती है। माइग्रेन का दर्द काफी असहनीय दर्द होता है, माइग्रेन के दर्द कभी-कभी कुछ घटों में ही ठीक हो जाते हैं, तो कभी कुछ दिन भी लग जाते हैं। लेकिन अगर आपको भी माइग्रेन की शिकायत है, तो आप इन आयुर्वेदिक इलाजों को अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं किन आयुर्वेदिक इलाजों को अपनाकर माइग्रेन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

माइग्रेन का 7 आयुर्वेदिक इलाज

1- माइग्रेन की शिकायत होने पर तुलसी का तेल (Tulsi Ka Tel) काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि तुलसी का तेल औषधीय गुणों से भरपूर होता है, साथ ही इसमें कई ऐसे तत्व पाये जाते हैं, जो माइग्रेन के दर्द को दूर करने में मददगार साबित होते हैं।

2- माइग्रेन की शिकायत होने पर सेब के सिरके (apple vinegar) का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीना चाहिए। इससे दर्द की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

3- माइग्रेन की शिकायत होने पर तेल से सिर की मालिश करनी चाहिए, क्योंकि मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से होता है, जिससे दर्द से भी छुटकारा मिलता है।

4- अदरक (Ginger) औषधीय गुणों से भरपूर होता है, इसलिए माइग्रेन की शिकायत होने पर अगर आप अदरक का सेवन करते हैं, तो इससे माइग्रेन के दर्द से छुटकारा मिलता है। इसके लिए अदरक को पानी में उबाल लेना चाहिए, फिर उसमें शहद मिलाकर सेवन करना चाहिए।

5- माइग्रेन के दर्द में धनिया (Coriander) के बीजों का सेवन रामबाण माना जाता है। क्योंकि धनिया के बीजों का सेवन करने से माइग्रेन की शिकायत से छुटकारा मिलता है। इसके लिए धनिया के बीजों के चाय का सेवन करना चाहिए।

6- माइग्रेन की शिकायत होने पर सितोपलादि चूर्ण (Sitopaladi Churna) का सेवन करना चाहिए। सितोपलादि चूर्ण का सेवन करने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिलता है।

7- अश्वगंधा (ashwagandha) एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जिसका सेवन माइग्रेन की शिकायत होने पर काफी लाभदायक साबित होता है। अगर आप दूध के साथ एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करते हैं, तो इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Rakshita Srivastava
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