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लकवा की 4 आयुर्वेदिक दवा- Lakwa ka ayurvedic Dawa

ये है लकवा की 4 आयुर्वेदिक दवा
ये है लकवा की 4 आयुर्वेदिक दवा
Ritu Raj

Ayurvedic medicine for paralysis in hindi: लकवा को पैरालिसिस कहते हैं। यह आमतौर पर मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में क्षति के कारण आघात (सदमा), रक्त के थक्के, तंत्रिका रोगों, ऑटोइम्यून बीमारियों या ट्यूमर के वजह से हो सकता है। लकवा होने पर शरीर का प्रभावित हिस्सा या पूरा शरीर काम करना बंद कर देता है। हमारे मस्तिष्क में अचानक से रक्त की आपूर्ति रूक जाती है या फिर मस्तिष्क में रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं और मस्तिष्क के आसपास खून भर जाता है तो ऐसे में इंसान को पैरालिसिस हो जाता है। कुछ आयुर्वेदिक दवाओं के जरिए इसको ठीक किया जा सकता है।

लकवा के कारण |Causes of Paralysis

मस्तिष्क ट्यूमर

अनियंत्रित उच्च रक्तचाप

दुर्घटना या सदमे के कारण मस्तिष्क की चोट

झटका

मस्तिष्क का संक्रमण

लकवा के लक्षण |Symptoms of Paralysis

बोलने में तकलीफ हो सकती है

आंखों से धुंधलापन दिखाई देना

अंगों का सुन्न हो जाना

चेहरे के पक्षाघात के मामले में पलक का गिरना और मुंह का विचलन

गंभीर मामलों में आंत्र और मूत्राशय प्रभावित हो सकते हैं।

हाथों और पैरों की बिगड़ी हुई गति।

अस्थिरता मानसिक कार्य।

लकवा की 4 आयुर्वेदिक दवा

स्नेहन (Lubrication Ayurvedic medicine for Paralysis)

लकवे में स्नेहल उपचार की सलाह दी जाती है। इसमें मरीज को महानारायण तेल, दशमूल तेल और महामाष तेल जैसे कुछ औषधीय तेलों का इस्तेमाल कर मसाज किया जाता है। आयुर्वेद में इसे काफी असरकारी माना गया है।

गिली मिट्टी का लगाए लेप (Wet clay Paralysis ayurvedic treatment)

पैरालिसिस अटैक में गिली मिट्टी का लेप काफी पुराने समय से ही कारगर माना जाता आ रहा है। आयुर्वेद के मुताबिक नियमित रूप से रोगी को गीली मिट्टी का लेप लगाने से काफी ज्यादा फायदा मिलता है। वहीं, मिट्टी का लेप लगाने के बाद कटिस्नान करना होगा। अगर इसे सही ढंग से किया जाए तो मरीज को काफी लाभ मिल सकता है।

लेमन वॉटर का एनिमा (Lemon water enema for Paralysis)

लकवा में लेमन वॉटर यानी नींबू पानी का एनिमा पूरी तरह से प्राकृतिक इलाज माना गया है। इसमें मरीज को रोजाना नींबू पानी का एनिमा लेकर उसके पेट की सफाई करनी होती है। पैरालिसिस मरीजों के शरीर से पसीना निकलना बेहद जरूरी होता है। और इस इलाज के दौरान मरीज के शरीर से ज्यादा से ज्यादा पसीना निकलता है।

भाप स्नान (Benefits of steam bath in Paralysis)

आयुर्वेद में हर रोज भाप स्नान लेना काफी लाभकारी बताया गया है। कहा जाता है कि, लकवा मारने पर मरीज को नियमित रूप से भाप स्नान कराने से काफी फायदा होता है। प्रभावित स्थान पर गर्म गीली चादर से ढक दें और इसके बाद धूप में बैठा दें। रोज नियमित रूप से धूप की सिंकाई करना भी जरूरी है इससे काफी लाभ मिल सकता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Ritu Raj

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