दूध में मिश्री मिलाकर पीने से होते हैं कई फायदे-Dudh Me Mishri Milakar Pine Ke Fayde

दूध में मिश्री मिलाकर पीने के फायदे(फोटो-Sportskeeda hindi)
दूध में मिश्री मिलाकर पीने के फायदे(फोटो-Sportskeeda hindi)

दूध (Milk) का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, इसलिए दूध का सेवन बड़े हो या छोटे सभी को करना चाहिए। लेकिन ज्यादातर लोग दूध में चीनी मिलाकर पीते हैं, पर अगर आप दूध में मिश्री (Mishri) डालकर सेवन करते हैं, तो यह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा लाभदायक साबित होता है। क्योंकि मिश्री में विटामिन, खनिज, विटामिन बी-12 और अमीनो एसिड्स जैसे तत्व पाये जाते हैं। तो वहीं, दूध प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन के और विटामिन ई सहित फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडीन जैसे तत्वों से भरपूर होता है। इसलिए इसके सेवन से कई बीमारियां भी दूर होती है। आइए जानते हैं दूध में मिश्री मिलाकर पीने के क्या-क्या फायदे होते हैं।

दूध में मिश्री मिलाकर पीने से होते हैं कई फायदे (Dudh Me Mishri Milakar Pine Ke Fayde In Hindi)

1- दूध में मिश्री मिलाकर पीने से पाचन तंत्र (Digestion) बेहतर रहता है। साथ ही कब्ज और एसिडिटी की शिकायत भी दूर होती है। इसके लिए ठंडे दूध में मिश्री मिलाकर सेवन करना चाहिए।

2- दूध और मिश्री का सेवन करने से एनीमिया (Anemia) की शिकायत दूर होती है, क्योंकि मिश्री में कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।

3- अगर किसी को अनिद्रा (insomnia) की शिकायत है, तो उसे दूध में मिश्री मिलाकर सेवन करना चाहिए। क्योंकि दूध में मिश्री मिलाकर रात में सेवन करने से नींद अच्छी आती है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने दूध में मिश्री मिलाकर सेवन करना चाहिए।

4- अगर किसी को अक्सर कमजोरी (Weakness) या सुस्ती महसूस होती है, तो उसे दूध में मिश्री मिलाकर रोजाना सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसके सेवन से शरीर को एनर्जी (Energy) मिलती है, जिससे कमजोरी की शिकायत दूर होती है।

5- गुनगुने दूध में मिश्री डालकर नियमित रूप से सेवन करना आंखों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि इससे आंख संबंधी परेशानियां दूर होती है। साथ ही यह आंखों को हेल्दी भी रखने में मददगार साबित होता है।

6- मस्तिष्क की क्षमता को बेहतर करने में दूध और मिश्री का सेवन काफी लाभदायक साबित होता है। साथ ही इसका सेवन करने से तनाव भी कम होता है, जिससे मानसिक थकान दूर होती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Rakshita Srivastava
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