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कुष्ठ रोग के 4 कारण, 8 लक्षण और 2 उपचार - Causes, Symptoms And Treatment Of Leprosy

कुष्ठ रोग के 4 कारण, 8 लक्षण और 2 उपचार (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
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Vineeta Kumar

कुष्ठ रोग (Leprosy) त्वचा से संबंधित बीमारी है, जो त्वचा को बुरी तरह से प्रभावित करती है। अगर किसी व्यक्ति को त्वचा से संबंधित रोग हो जाता है तो उसका दूसरों से मिलना-जुलना कम हो जाता है और दूसरे लोग उसे छूने से बचते हैं। कुष्ठ रोग से ग्रसित व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से पीड़ित रहता है। कुष्ठ रोग एक त्वचा संबंधी संक्रामक रोग है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक संक्रमण के कारण होता है। यह बच्चे से लेकर बूढ़ों तक किसी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। इस रोग से त्वचा पर घाव, नसों को नुकसान और मांसपेशियों में कमजोरी हो सकती है। अधिकतर मामलों में कुष्ठ रोग हाथ वाले भाग पर होता है, इसके बैक्टीरिया त्वचा में तेजी से संक्रमण को फैलाने का काम करते हैं। इस लेख में कुष्ठ रोग के कारण, लक्षण और उपचार बताये गए हैं।

कुष्ठ रोग के 4 कारण, 8 लक्षण और 2 उपचार

कुष्ठ रोग के कारण : Causes Of Leprosy In Hindi

1. संक्रमित व्यक्ति से गले या हाथ मिलाने से होता है,

2. बड़ों की तुलना में बच्चों में इसके फैलने का खतरा ज्यादा होता है,

3. कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति इस संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं,

4. संक्रमित व्यक्ति के खांसने से यह संक्रमण दूसरे व्यक्ति को जल्दी प्रभावित कर सकता है।

कुष्ठ रोग के लक्षण : Symptoms Of Leprosy In Hindi

1. बालों का झड़ना,

2. हाथ और पैरों में सुन्नपन,

3. मांसपेशियों में कमजोरी,

4. बंद नाक और नाक से खून निकलना,

5. पैरों के तलवों पर अल्सर,

6. रूखी त्वचा,

7. हफ्ते और महीनों के बाद भी घाव का ठीक न होना,

8. त्वचा के रंग में परिवर्तन दिखाई देना।

कुष्ठ रोग के उपचार : Home Remedies For Leprosy In Hindi

1. एंटी-बायोटिक दवाइयां कुष्ठ रोग के इलाज में लाभदायक हो सकती हैं। यह कुष्ठ रोग उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का काम करती हैं, इसलिए कुष्ठ रोग का इलाज हो सकता है। एंटी-बायोटिक दवाइयों में मैक्रोलाइड्स, मीनोसाइक्लिन, क्लोफाजिमिन, फ्लोरोक्विनोलोन आदि शामिल हैं।

2. कई बार कुष्ठ रोग होने के कारण सूजन भी हो सकती है। ऐसे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाइयों का प्रयोग सूजन को कम करने में किया जा सकता है, इन दवाइयों में एस्पिरिन थैलिडोमाइड आदि शामिल हैं।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Vineeta Kumar
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