Create

सफेद मूसली और अश्वगंधा के फायदे: Safed Musli Aur Ashvagandha Ke Fayde

फोटो: The Indian Wire
फोटो: The Indian Wire

सफेद मूसली के अपने फायदे हैं और अश्वगंधा के अपने गुण हैं लेकिन जब दोनों एक साथ आ जाते हैं तो उससे होने वाले लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं। ये दोनों एक प्रकार से औषधियाँ हैं और इनके इस्तेमाल से शरीर के कई अंगों, कई भावनाओं और सोच को लाभ होता है। एक बात ध्यान रखें कि सफेद मूसली का इस्तेमाल वो लोग ना करें जिन्हें मानसिक दिक्कतें हों।

ये भी पढ़ें: सिर के पिछले हिस्से में दर्द के कारण: Sir Ke Pichle Hisse Mein Dard Ke Kaarn

ऐसा नहीं है कि इससे कोई परेशानी होती है लेकिन ये कुछ लोगों में रिएक्ट कर सकता है। दरअसल में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें अपनी कामुकता को कंट्रोल करने में परेशानी होती है और सफेद मूसली उसी भावना को बढ़ाता है। मानसिक बीमारी सिर्फ तब नहीं होती जब आपका दिमाग चल जाता है।

वो तब भी होती है जब आप कोई भी ऐसा काम करना चाहते हैं तो सही नहीं है। ऐसे लोग जिन्हें कामुक ख्याल ज्यादा आते हैं या जो अपनी सेक्सुअल भावनाओं को काबू में नहीं रख पाते हैं उन्हें सफेद मूसली का सेवन नहीं करना चाहिए। आप अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं और अगर उपरोक्त स्थिति आपके साथ है तो तुरंत मानसिक जांच कराएं और इलाज करें।

सफेद मूसली और अश्वगंधा के फायदे

याददाश्त को तेज करे

सफेद मूसली का इम्पैक्ट सबसे ज्यादा दिमाग पर होता है लेकिन ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ आपकी कामुकता को ही बढ़ाता है। ये आपकी याददाश्त को भी बढ़ाता है। ऐसे में जिन्हें एल्जाइमर्स हो उनके घरवाले इसका इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन चूँकि ये बीमारी दिमाग से जुड़ी हुई है तो अपने या अपने परिवार के सदस्य की मानसिक स्थिति को देख रहे डॉक्टर से इसके बारे में बात जरूर करें।

ये भी पढ़ें: सिर दर्द और आँखों में दर्द के कारण इन हिंदी: Sar Dard Aur Aankhon Mein Dard Ke Kaarn In Hindi

पेट को रखे ठीक

आयुर्वेद में ये बात प्रचलित है कि जब आपका पेट नरम रहता है तो आपको अच्छा महसूस होता है और ये बात पूरी तरह से सच है। इसलिए अगर आपको उदर विकार है तो आपको इसका सेवन करना चाहिए। पेट नरम होने पर शरीर में आनंद की अनुभूति होती है और ये बात बेहद अच्छी है।

एंटीइंफ्लेमेटरी (Anti Inflammatory)

एंटीइंफ्लेमेटरी (Anti Inflammatory) गुणों के कारण ये दोनों आपके शरीर में बड़ी से बड़ी सूजन और घुटनों के दर्द को ठीक रखने का माद्दा रखती हैं। सफेद मूसली में पाए जाने वाले सैपोनिन में एंटीफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो आपके शरीर को फिट करके आपको चलने नहीं, दौड़ने के काबिल बना सकती है।

ये भी पढ़ें: खाली पेट लहसुन खाने के फायदे और नुकसान: Khaali Pet Lehsun Khaane Ke Fayde Aur Nuksaan

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Amit Shukla
Be the first one to comment